scriptHow can the world get relief from the virus? | आपकी बात, वायरसों की मार से दुनिया को राहत कैसे मिल सकती है? | Patrika News

आपकी बात, वायरसों की मार से दुनिया को राहत कैसे मिल सकती है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

Published: June 13, 2022 04:28:17 pm

वायरसों से जारी है जंग
विभिन्न प्रकार के वायरस समय-समय पर दुनिया में तांडव मचाते रहते हैं। आज भी समूचा विश्व इन खतरनाक वायरसों से जंग लड़ रहा है। संक्रमण इंसानी शरीर पर अपना प्रतिकूल प्रभाव डालता है। समय-समय पर दुनिया के वैज्ञानिकों ने इन वायरसों को खत्म करने की कोशिश की है। भारत आज पूरी तरह से पोलियो मुक्त देश बन गया है। दुनिया के लोगों को इन खतरनाक वायरसों से बचना है तो वे सबसे पहले खुद संकल्प लें एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। अपने आस-पास गंदगी जमा न होने दें। उन जानवरों से दूर रहें, जिनसे संक्रमण फैलने का खतरा हो। फल-सब्जियां आदि अच्छी तरह से धोकर ही उपयोग में लाएं। थोड़ी सी लापरवाही इन वायरसों को आमंत्रण देने के लिए काफी है।
-मनीष कुमार सिन्हा, रायपुर, छत्तीसगढ़
...................
आपकी बात, वायरसों की मार से दुनिया को राहत कैसे मिल सकती है?
आपकी बात, वायरसों की मार से दुनिया को राहत कैसे मिल सकती है?
जरूरी है सावधानी
कोरोना वायरस के साथ-साथ दूसरे कई संक्रामक रोग फैलने की खबर अक्सर आती रहती है। अब यह स्पष्ट हो गया कि मानव को कई तरह की महामारियां भी झेलनी ही हैं। ऐसी स्थिति में अपने स्वास्थ्य और जीवन को बचाने के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही खतरनाक साबित होगी। इसलिए हर व्यक्ति को प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करने पर ध्यान देना हेागा। अपनी जीवनचर्या में योग, व्यायाम, खानपान, सावधानी और सतर्कता पर भी जोर देना चाहिए।
-अर्जुनसिंह राव, भीनमाल
........
प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत किया जाए
जैसे-जैसे विज्ञान ने तरक्की की है, वैसे-वैसे नई बीमारियां भी आ रही हैं। कोरोना वायरस के कई रूप सामने आ चुके हैं। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती जा रही है। वायरसों की मार से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान को बढ़ावा दिया जाए। लोगों को प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए जाएं। साफ-सफाई और खानपान को लेकर सजग किया जाना चाहिए।
-रजनी वर्मा, श्रीगंगानगर
..............
अनुसंधान पर निवेश जरूरी
कोविड महामारी ने हमें सबक सिखाया है, जिसका उपयोग हम भविष्य में किसी भी महामारी को रोकने के लिए कर सकते हैं। सबसे पहले वैश्विक समन्वय की आवश्यकता है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन को मजबूत करके पूरा किया जा सकता है, क्योंकि अब भी 90 प्रतिशत अफ्रीकी राष्ट्र के नागरिकों को टीके की पहली खुराक तक नहीं मिली है, जबकि पश्चिमी देश वैक्सीन की तीसरी और चौथी खुराक प्रदान कर रहे हैं। बेहतर इलाज और वैक्सीन की उपलब्धता के लिए हमें वायरस के अनुसंधान और विकास में निवेश करने की जरूरत है। हमें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक प्रशिक्षण के उचित प्रशिक्षण में निवेश करना होगा
-तनिश सिंह राजपूत, नर्मदापुरम
...............
जरूरी है गाइडलाइन की पालना
ग्लोबल वार्मिंग के चलते और तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण भी किसी भी बीमारी का वायरस तेजी से फैलता है। लोग यदि सावधानी के साथ सभी सरकारों और स्वास्थ्य विभागों की गाइडलाइन का अक्षरश: पालन करें, तो संक्रमण से राहत पाई जा सकती है। विकसित देशों की आपसी प्रतिस्पर्धा भी बायोलॉजिकल वायरस बनाने की ओर ले जा रही है। इसे बंद करना जरूरी है। आज के समय की मांग है कि यदि किसी भी देश द्वारा यदि किसी बीमारी का कोई वायरस फैलाया जाता है तो उस देश का पूरी दुनिया को बायकाट करना होगा।
-नरेश कानूनगो, देवास, मध्य प्रदेश
..............
तैयार रहे एडवांस टीम
वायरस की मार से बचने के लिए सबसे पहले हमें अत्यधिक शारीरिक और मानसिक श्रम से बचना चाहिए। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और शरीर स्वयं वायरस से लड़ेगा। प्रत्येक देश को वैज्ञानिकों की एक ऐसी एडवांस टीम तैयार रखनी चाहिए, जो किसी वायरस के आने पर तुरंत उस वैक्सीन की खोज कर सके। इसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन को तुरंत आगे आना चाहिए।
- खेमू पाराशर, भरतपुर
............
वायरस की शीघ्र पहचान जरूरी
देश में बढ़ते वायरसों के प्रकोप पर अंकुश लगाने के लिए वायरसों की पहचान के लिए ज्यादा से ज्यादा लैब खोलने चाहिए। इसमें योग्य विशेषज्ञों की भर्ती होनी चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार के वायरस की पहचान समय रहते कम समय में बेहतर तरीके से की जा सकेगी। इन विशेषज्ञों को सभी जरूरी संसाधन व उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
-आलोक वालिम्बे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
..........
जरूरी है संतुलित आहार
वायरसों की मार से दुनिया को तभी राहत मिल सकती है, जब सभी लोग अपनी दिनचर्या योगा-प्राणायाम से शुरू करते हुए सुपाच्य व संतुलित आहार का प्रयोग करें और अपनी आंतरिक शक्ति से शरीर को ऊर्जावान बनाएं। स्वच्छता का उचित ध्यान हर समय रखा जाए। साफ पानी का ही इस्तेमाल किया जाए।
-संजय माकोड़े, बैतूल
.............
प्रयोगशालाओं में सावधानी जरूरी
अनुसंधान केंद्रों और प्रयोगशालाओं में सावधानी रखी जाए, ताकि वहां से कोई बीमारी न फैले। प्रयोगशालाओं में छोटी सी लापरवाही पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है।
-प्रियव्रत चारण, जोधपुर
............
भीड़ बन सकती है संकट का कारण
कोरोना वायरस के बहुत कम मामले सामने आ रहे हैं, इससे आम जनता लापरवाह हो गई है। न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है और न ही मुंह पर मास्क लगाए जा रहे हैं। जगह-जगह भीड़ होती जा रही है। शादी विवाह में भी बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। धार्मिक कार्यक्रमों और राजनीतिक रैलियों में भी भीड़ इकट्ठी हो रही है। यह भीड़ संकट का कारण बन सकती है। कोराना ही नहीं दूसरे वायरस भी मुश्किल बढ़ा सकते हैं।
-सुरेंद्र बिंदल, जयपुर

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Maharashtra Politics: बीएमसी चुनाव में होगी शिंदे की असली परीक्षा, क्या उद्धव ठाकरे को दे पाएंगे शिकस्त?PM Modi In Telangana: 6 महीने में तीसरी बार तेलंगाना के CM केसीआर ने एयरपोर्ट पर PM मोदी को नहीं किया रिसीवMaharashtra Politics: संजय राउत का बड़ा दावा, कहा-मुझे भी गुवाहाटी जाने का प्रस्ताव मिला था; बताया क्यों नहीं गएSingle Use Plastic: तिरुपति मंदिर में भुट्टे से बनी थैली में बंट रहा प्रसाद, बाजार में मिलेंगे प्लास्टिक के विकल्पक्या कैप्टन अमरिंदर सिंह बीजेपी में होने वाले हैं शामिल?कानपुर में भी उदयपुर घटना जैसी धमकी, केंद्रीय मंत्री और साक्षी महाराज समेत इन साध्वी नेताओं पर निशानाउदयपुर हत्याकांड के दरिदों को लेकर आई चौंकाने वाली खबरपाकिस्तान में चुनावी पोस्टर में दिख रहीं सिद्धू मूसेवाला की तस्वीरें, जानिए क्या है पूरा मामला
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.