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आपकी बात, स्वच्छ भारत अभियान कितना सफल रहा?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

Published: December 22, 2021 05:45:33 pm

नहीं होता कचरे का निस्तारण
कभी-कभी जब फैला हुआ घर ठीक से समेटा नहीं जाता तब हम क्या करते हैं? कोई ना देखे इसलिए उसे अलमारी में ठूंस देते हैं। यही हाल स्वच्छ भारत मिशन का है। इसके लिए सिर्फ सरकार ही जिम्मेदार नहीं है। हम स्वयं भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और दूसरे सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाते हैं। पवित्र नदियों में साबुन का धड़ल्ले से प्रयोग करते हैं। रेलवे तथा बस स्टैंड पर ठेके पर शौचालयों की हालत तो और भी बदतर है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों में जागरूकता का अभाव है और इसमें स्थानीय निकायों की भी कमी है। कचरे का निस्तारण न करके पास की छोटी नदी अथवा तालाबों में डाल दिया जाता है। कुछ ऐसे टोल फ्री नंबर जारी किए जाने चाहिए, जहां पर कचरा फैलाने वालों के खिलाफ शिकायत की जा सके।
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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आपकी बात, स्वच्छ भारत अभियान कितना सफल रहा?
आपकी बात, स्वच्छ भारत अभियान कितना सफल रहा?
व्यवस्था में सुधार
स्वच्छता अभियान वर्तमान सरकार की देन हो , ऐसी बात नहीं है। पूर्ववर्ती सरकारों ने भी ऐसे अभियान चलाए हैं। अब ज्यादातर घरों में पक्के शौचालय बन गए हैं। रेलवे और बस स्टैंडों पर सफाई नजर आई है। कचरा उठाने के लिए गाड़ियां आने लग गई है, जिससे मोहल्लों में सफाई रहने लग गई है।
-कैलाश चंद्र मोदी, सादुलपुर, चूरू
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मानसिकता में परिवर्तन
किसी भी कार्य की सफलता लोगों की मानसिकता पर निर्भर करती है। पहले लोग कहीं भी कचरा डाल देते थे, थूक देते थे, शौच जाते थे, लेकिन इस अभियान के बाद लोगो की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। आम आदमी कहीं भी कचरा डालने या थूकने से पहले सोचता है। यह स्वच्छ भारत अभियान की बड़ी सफलता है।
-किशन सिंधी उदयपुर
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कचरा पात्र भी लगाए जाएं
स्वच्छ भारत का अभियान को पूरी तरह से सफल बनाने के लिए चंडीगढ़ की तर्ज पर काम करना होगा। कचरा एकत्र करने वाले वाहन तेजी से आगे निकल जाते हैं। वार्डों में निश्चित समय पर हर घर के बाहर सीटी बजाकर कचरा एकत्रित किया जाना चाहिए। चौराहे, तिराहे, गली के नुक्कड़ पर कचरा पात्र भी जरूरी हैं। यहां से कचरा भी उठना चाहिए।
-भगवती प्रसाद गेहलोत, पिपलिया मंडी, मंदसौर
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जरूरी है जन जागरूकता
सरकार ने स्वच्छता अभियान पर करोड़ों रुपए खर्च कर दिए पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली। नगरपालिका के कर्मचारी ईमानदारी से अपना काम नहीं करते हैं। कचरा गाड़ी आती है फिर भी लोग कचरा इधर-उधर फेंक देते हैं। लोगों ने शौचालय के लिए दिखावे के लिए दीवारें बनवा दीं और आज भी खुले मे शौच करते हैं। अभियान की सफलता के लिए जनता की जागरूकता होने के साथ व्यवस्था में सुधार जरूरी है।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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नजर आए अच्छे परिणाम
निश्चित ही स्वच्छता अभियान के अच्छे परिणाम दिखाई देने लगे हैं। अब लोग इधर-उधर कचरा फेंकने में शर्म महसूस करते हैं। यही वजह है कि हर तरफ सफाई भी दिखाई दे रही है। स्वस्थ जीवन के लिए साफ-सफाई की जरूरत हमेशा रही है। स्वच्छता अभियान का ही परिणाम है कि हम कई बीमारियों से बच रहे हैं। कुल मिलाकर स्वच्छता अभियान ने हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण बदलाव किया है।
-साजिद अली, इंदौर
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अभियान का असर हुआ
स्वच्छ भारत अभियान पूर्ण रूप से सफल रहा, यह कहना गलत हैं, पर इस अभियान का असर काफी हुआ है। इसके परिणाम भविष्य में काफी बेहतर हो सकते हैं। मैंने लोगों में स्वच्छता को लेकर हुए परिवर्तन को देखा है। मेरे हिसाब से यह अभियान तब सफल माना जाएगा, जब निर्णय करने वाली टीम को सम्पूर्ण भारत स्वच्छ लगे और सबसे स्वच्छ शहर चुनना कठिन हो जाए।
-अभिजीत रावकर, इन्दौर
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स्वच्छ भारत अभियान का असर पूरे हिंदुस्तान में दिखाई दे रहा है । रेलवे स्टेशन से लेकर शासकीय कार्यालयों में स्वच्छ भारत अभियान का सार्थक एवं व्यापक असर देखा जा रहा है। स्वच्छता के मामले में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभाई। भारत के कई देश स्वच्छता के मामले में पुरस्कृत हुए। दिशा -निर्देश जारी हुए, सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी गई और आज भारत के कई शहर स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता के श्रेणी में आ खड़े हुए हैं ।
-सतीश उपाध्याय, मनेंद्रगढ़ कोरिया, छत्तीसगढ़
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गांवों पर असर नहीं
स्वच्छ भारत अभियान की सफलता और असफलता का रास्ता गांवो से होकर जाता है। शहर साफ सुथरे नजर आ रहे हैं, पर गांवों में खास असर नहीं है। गांवो मे लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं है, तो वही पंचायत स्तर पर भी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं हो रहा है।
-वेलाराम देवासी, लुन्दाडा, पाली
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मिला स्वच्छता का संदेश
यह विडंबना है कि स्वच्छता का महत्व समझाने के लिए भी अभियान चलाना पड़ता है। स्वच्छता जीवन का एक ऐसा अभिन्न अंग है, जिसे अपनाने के लिए किसी अभियान की जरूरत नहीं पडऩी चाहिए। स्वच्छ भारत अभियान ने समाज को स्वच्छता की सीख देकर स्वच्छता को अपनाने का मंत्र दे दिया है
-शुभम वैष्णव, सवाई माधोपुर

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