नेतृत्व : ऐसे बनाएं समावेशी व्यापार रणनीति

अधिकांश प्रबंध साहित्य, नैतिक नेतृत्व के विविध दृष्टिकोणों पर केंद्रित है। यह दूसरों के लिए सम्मान, सेवा, प्रतिबद्धता, विश्वास, समानता और न्याय की नींव पर आधारित है।

By: विकास गुप्ता

Published: 13 May 2021, 02:10 PM IST

प्रो. हिमांशु राय (निदेशक, आइआइएम इंदौर)

समावेशी रणनीतियों के माध्यम से लीडर न केवल रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि संस्थान में प्रयासों और उनके स्थायित्व के प्रति समर्थन और प्रतिबद्धता का वातावरण भी बना सकते हैं। अधिकांश प्रबंध साहित्य, नैतिक नेतृत्व के विविध दृष्टिकोणों पर केंद्रित है। यह दूसरों के लिए सम्मान, सेवा, प्रतिबद्धता, विश्वास, समानता और न्याय की नींव पर आधारित है। ये मूल्य समावेशी व्यापार रणनीतियों के लिए मजबूत स्तंभ बन सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे-

नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहन और समग्र सशक्तिकरण:
अत्याधुनिक नवाचार एक स्थायी और सफल समावेशी रणनीति के लिए प्रमुख भूमिका निभाता है और इसे एक ऐसे नेतृत्व से मजबूत किया जा सकता है जो नए व अनन्य विचारों और नवाचारों के साथ सभी के लिए समान अवसरों, सभी के सशक्तीकरण में विश्वास करता है।

सहानुभूति की भावना और मूल्यों पर जोर:
निर्णय लेने वाले सहानुभूतिपूर्वक लक्षित समुदायों के परिप्रेक्ष्य से स्थिति को बारीकी से देख, समझ और विश्लेषण कर सुनिश्चित करते हैं कि हर प्रयास उन मूल्यों से संबंधित हो।

भावनात्मकता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को बढ़ावा:
निर्णय लेने की क्षमता में भावनात्मक बुद्धि के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता की अहम भूमिका है। नैतिक विचार वाले लीडर विविधता और भिन्नता का सम्मान करते हैं और इसे अपनाते हैं।

कुछ आलोचक मानते हैं कि वर्तमान जटिलताओं में समावेशिता के मॉडल के कार्यान्वयन के लिए नवाचार खोजना चुनौतीपूर्ण है। लेकिन, कई कॉर्पोरेट संस्थाओं की प्रभावशाली सफलता ने साबित किया है कि इसे नवाचार और क्षमता को मजबूत करने के अवसर के रूप में लेना चाहिए। जैसे सिस्को रिमोट इंटरवेंशन टीचिंग और आइटीसी ई-चौपाल सराहनीय रहे, और यह साबित करते हैं कि सामाजिक लाभ और संगठन के लिए मूल्य सृजन, ये दोनों लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

विकास गुप्ता
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