आपकी बात, सोशल मीडिया से फैलती अफवाहें कैसे रुकें?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

By: Gyan Chand Patni

Published: 17 Sep 2021, 06:14 PM IST

जरूरी है जागरूकता
सरकार को चाहिए कि वह आइटी नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करे। गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान हो, जिससे इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगे। हर समझदार व्यक्ति से यह अपेक्षा की जा सकती है कि वह बिना सोचे-समझे संदेशों को आगे न बढ़ाएं। लोगों में जागरूकता फैलाएं।
-अजय सिंह सिरसला,चूरू
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तथ्य की जांच
कोई भी ऐसा संदेश, वीडियो या जानकारी शेयर न करें, जिसकी पुष्टि नहीं हुई हो, भले ही उसके सही होने की संभावना हो। इस तरह के संदेशों के हर तथ्य की जांच करें। स्वयं के विवेक का प्रयोग करते हुए सोशल मीडिया का प्रयोग करना सीखें।
- .अजिता शर्मा, उदयपुर
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माहौल बिगाडऩे का प्रयास
आए दिन सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के कारण लोगों में भ्रम और भय फैलने के मामले सामने आते रहते हैं। समाजकंटक अफवाहों के जरिए माहौल बिगाडऩे का प्रयास करते हैं। ऐसे समाजकंटकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
-पवन कुमार जैन, जयपुर
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सोशल मीडिया पर नजर जरूरी
सोशल मीडिया के जरिए लगातार अफवाहें फैलाई जा रही हैं। सोशल मीडिया भारतीय सभ्यता व संस्कृति को खोखला कर रहा है। परिवार व समाज के वातावरण को दूषित कर रहा है। सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री उपलब्ध है। इसकी वजह से दुष्कर्म की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हंै। अफवाहें हमारे देश की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक है। अंत संबंधित विभागों को सोशल मीडिया पर सख्त नजर रखनी होगी और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कानून बनाने होंगे
लता अग्रवाल ,चित्तौडग़ढ
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सख्त कानून जरूरी
तथाकथित अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। अफवाह रोकने के लिए सख्त कानून व प्रभावी रूप से इनकी पालना सुनिश्चित हो। पुलिस के काम में राजनीतिक दखल बंद हो।
-बी. एस. शेखावत
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कड़े कानून की जरूरत
देश में इंटरनेट की बढ़ती कनेक्टिविटी जहां लोगों का जीवन आसान बना रही है, वहीं बहुत से लोग झूठी और गलत खतरों के चक्कर में भी आ जाते हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना और उसे वायरल करा देना अब सामान्य काम हो गया है। इसको रोकने के लिए कड़े कानून की जरूरत है। उपयोगकर्ता को कोई भी लिंक शेयर करने से पहले उस जानकारी को बारीकी से पढऩा और समझना चािहए।
-विरेन्द्र टेलर, पीपलखूंट, प्रतापगढ़
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सही इस्तेमाल करें
सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने से समाज व देश को नुकसान होता है। अफवाहें फैलने से दंगे तक हो जाते हैं। हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अफवाह ना फैलाए, जिससे सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल हो सके। सरकार को भी अफवाहें फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए तथा उन्हें दंडित करना चाहिए
-बहारी लाल बालान, लक्ष्मणगढ़, सीकर
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कोई रोक-टोक नहीं
आधुनिक तकनीक का सदुपयोग ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करता है, वहीं दुरुपयोग के विपरीत परिणाम आते हैं। सोशल मीडिया आधुनिक तकनीक का अच्छा संचार माध्यम है, किंतु इसका दुरुपयोग अफवाहें फैलाने में किया जाने लगा है। सोशल मीडिया पर कोई रोक-टोक दिखाई नहीं देती। लोग मनचाहे विचार शेयर करते रहते हैं। इन्हें रोकने के लिए उपयुक्त नीति की आवश्यकता है। अफवाह फैलाने पर उचित दंड का प्रावधान होना चाहिए।
-कुलदीप पारीक, नागौर
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जरूरी है अंकुश
आधुनिक युग में हर व्यक्ति सोशल मीडिया के प्लेटफार्म से जुड़ा हुआ है। दैनिक दिनचर्या में सोशल मीडिया ने अपना अहम स्थान बना लिया है, लेकिन आए दिन सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने से लोग भ्रमित होते हैं। कठोर कानून बनाकर इन अफवाहों पर अंकुश लगाना चाहिए।
- राधे सुथार भादसोड़ा, चित्तौडग़ढ़
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खबर की पुष्टि करें
किसी भी सोशल मीडिया संदेश को ध्यान से पढ़ें। अफवाहों पर ध्यान न दें। खबर को अनावश्यक फॉरवर्ड करने से बचें। सोशल मीडिया पर किसी अनजान से बात न करें। खबर की पूर्ण पुष्टि करें।
-दीपक गर्ग, रेलमगरा, राजसमन्द
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जुर्माना भी लगाया जाए
सोशल मीडिया पर जो भी पोस्ट झूठी हो, जनमानस में विष घोलने के उद्देश्य से प्रेरित हो, इनके प्रेषकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है। जुर्माना भी लगाना शुरू किया जाए।
-मुकेश भटनागर, वैशालीनगर, भिलाई
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कड़ी सजा जरूरी
सोशल मीडिया पर अफवाह बहुत तेजी से फैलती है, जिसका दुष्परिणाम सरकार एवं आम जनता को भुगतना पड़ता है। इन अफवाहों से लोग दहशत में आ जाते हैं। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए सरकार को कठोर कानून बनाने चाहिए और दोषियों को कठोर सजा से दंडित करना चाहिए।
-सुरेंद्र बिंदल, जयपुर
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जरूरी है लगाम
सोशल मीडिया पर दी गई कई खबरें बेबुनियाद होती हैं। इन खबरों का कोई सिर-पैर नहीं होता है। ये सिर्फ अफवाहें होती हैं, जिनका समाज पर गलत प्रभाव पड़ता है। अत: सोशल मीडिया पर इस प्रवृत्ति को रोकना चाहिए।
-विभा गुप्ता, बैंगलुरु

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