ट्रैवलॉग अपनी दुनिया : एक अनोखा हिल स्टेशन है इगतपुरी

महाराष्ट्र के नासिक जिले में पश्चिमी घाट पर स्थित सह्याद्री पर्वतमाला से घिरी इगतपुरी प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है।

By: विकास गुप्ता

Published: 10 Jun 2021, 01:07 PM IST

संजय शेफर्ड ( ट्रैवल ब्लॉगर)

दिल्ली से मुंबई शिफ्ट करने के बाद जिस चीज को सबसे ज्यादा याद किया वह थी हिमाचल और उत्तराखंड के पर्वतीय स्थलों की यात्राएं। फिर कुछ दिनों बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के नजदीक स्थित हिल स्टेशन इगतपुरी के बारे में पता चला। एक दोस्त ने बताया कि महाराष्ट्र के नासिक जिले में पश्चिमी घाट पर स्थित सह्याद्री पर्वतमाला से घिरी इगतपुरी प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। पहले तो मुझे विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही वीकेंड पास आता दिखा मन इगतपुरी जाने के लिए अनायास ही तैयार हो गया।

मुंबई से इगतपुरी हिल स्टेशन मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 130 किलोमीटर की दूरी पर है। इसकी गिनती महाराष्ट्र के प्रमुख हिल स्टेशन में होती है। इगतपुरी पहुंचा, तो वहां का सौंदर्य देख मंत्रमुग्ध हो गया। प्रकृति ने क्या खूब सजाया-संवारा है इस जगह को। मुंबई से इगतपुरी की यात्रा में कई घाट पड़ते हैं और कई मनोहारी दृश्य देखने को मिलते हैं। एक तरफ ऊंची-ऊंची हरी-भरी पहाडिय़ां, तो दूसरी तरफ घाटियों में बहती हुई नदी का सौंदर्य। चूंकि फोटोग्राफी और फोटो सेशन के लिए यह जगह बहुत अनुकूल है, इसीलिए यहां कई फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है।

इगतपुरी के लिए तरह-तरह के सार्वजनिक परिवहन के साधन मौजूद हैं, पर ज्यादातर लोग निजी वाहन से जाना पसंद करते हैं क्योंकि इगतपुरी, मुंबई और पुणे के लोगों के लिए एक पॉपुलर वीकेंड डेस्टिनेशन है। हम लोगों ने भी अपनी गाड़ी ली और लगभग तीन घंटे की एक सुखद यात्रा के बाद इगतपुरी पहुंच गए।

इगतपुरी प्राचीन मंदिरों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। इस जगह आकर घाटों की रक्षक घाटनदेवी को समर्पित घाटनदेवी मंदिर जरूर देखना चाहिए। इस मंदिर से नीचे की घाटी और सह्याद्री पर्वतमाला के खूबसूरत नजारे देखकर मन खुशी से झूम उठता है। इगतपुरी पर्यटन के अलावा एक और जिस चीज के लिए प्रसिद्ध है वह है यहां का विपश्यना केंद्र, जहां ध्यान योग का एक कोर्स भी संचालित किया जाता है।

इतिहास और वास्तुकला के प्रेमियों को त्रिंगलवाड़ी किला काफी आकर्षित करता है। पर्यटकों को अपनी इगतपुरी यात्रा के दौरान इस किले को प्राथमिकता में रखना चाहिए। समुद्रतल से 3000 फीट ऊपर बने इस किले से पूरे इगतपुरी शहर और सह्याद्री पर्वतमाला के अद्भुत व मनभावन नजारे देख मन रोमांचित हो जाता है। इसी जगह पर शिवाजी महाराज के जीवन को दर्शाने वाला अनोखा संग्रहालय है वालावलकर संग्रहालय, जो उम्मीद है आपको जरूर पसंद आएगा। इगतपुरी में घूमने-टहलने की कई जगह हैं। सर्दी और मानसून सबसे उपयुक्त समय होता है। खाने और रहने के लिए भी यहां पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

भीड़-भाड़ से दूर एकांत की तलाश करने वाले पर्यटकों के लिए सचमुच यह जगह एक स्वर्ग के समान है। पुराने किलों, राजसी झरनों और ऊंचे पहाड़ों के अलावा, इगतपुरी रॉक क्लाइम्बिंग और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों के लिए भी बेहतरीन है। यात्रा के दौरान आप कुलंगगढ़, कैमल घाटी, अमृतेश्वर मंदिर, कसारा घाट, संथान घाटी, भत्सा नदी घाटी, भवाली डैम, विहिगॉन वॉटरफॉल, कालसुबाई पीक जाना बिल्कुल न भूलें।

विकास गुप्ता
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