चीन की चालाकी का देना होगा जवाब

चीन की चालाकी का देना होगा जवाब

Sunil Sharma | Publish: Apr, 17 2018 11:24:09 AM (IST) विचार

चीन की हर चाल का जवाब हमें शतरंज के माहिर खिलाड़ी की तरह ही देना चाहिए।

- कौशल मिश्रा, रक्षा मामलों के जानकार

अरुणाचल प्रदेश में सडक़ निर्माण के बहाने चीनी सैनिकों की घुसपैठ रोज की बात होती जा रही है। हाल ही में तूतिंग में और किविथ में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की और वहां भारतीय सेना की पेट्रोलिंग पर भी आपत्ति दर्ज कराई। चीन और भारत की ३४८८ किलोमीटर सीमा से जुड़े आपसी मतभेद समझने के लिए हमें इतिहास के कुछ पन्ने पलटने चाहिए। अरुणाचल प्रदेश शुरू से ही भारत और चीन के बीच विवाद का कारण रहा है। चीन इसे दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है और अपनी हठधर्मी पर अड़ा हुआ है। वास्तविकता यह है कि यह इलाका प्राचीनकाल से ही भारत का हिस्सा रहा है। रामायण, वैदिक काल और महाभारत में भी इसके भारत में होने के उदाहरण मिलते हैं।


हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि चीन बहुत सोची-समझी राजनीति और विदेश नीति पर चलने वाला देश है। वह अपनी आर्थिक उन्नति में किसी प्रकार की बाधा नहीं चाहता है। उसकी विदेश नीति का अहम हिस्सा है येन-केन-प्रकारेण अपने प्रतिद्वंद्वियों की आर्थिक उन्नति को रोकना। साथ ही पड़ोसी देशों के नागरिकों में आंतरिक अविश्वास पैदा करना। चीन, शनै: शनै: परिस्थितियों को अपने अनुकूल बनाता है। भारत को भुलावे में डालकर अपना उल्लू सीधा करना चाहता है। सीमाओं पर निरंतर आगे बढऩा चाहता है। हमारी सजगता और निगरानी और तेज होनी चाहिए। अरुणाचल में प्रशासनिक अमले और राजनेता दोनों को चौकन्ना होना चाहिए।

जहां तक सीमाओं पर चीन के आगे बढऩे की बात है उसे भी हमें गंभीरता से लेना चाहिए। चीन और भारत दोनों ये दावा कर रहे हैं कि हमारे सम्बंध सुधर रहे हैं किंतु मेरी मान्यता है कि विश्वास घट रहा है, दूरियां बढ़ रही हैं। धीरे धीरे जडें़ काटना चीन की पुरानी आदत है जिसे पंडित नेहरू जैसे विदेश नीति के मर्मज्ञ भी समझने में असमर्थ रहे। अरुणाचल में पिछले दिनों हुई घटनाओं से सबक लेकर हमें वहां के नागरिकों को यह विश्वास दिलाना होगा कि वे वहां सुरक्षित हैं। सेना और देश उनके साथ है। विशेष तौर पर सीमा पर बसे नागरिकों के मनोबल पर किसी किस्म की गिरावट न आए, इस पर भी काम करना चाहिए। हमें अपनी गुप्तचर संस्थाओं को भी सतर्क और विश्वसनीय बनाना चाहिए। चीन की हर चाल का जवाब हमें शतरंज के माहिर खिलाड़ी की तरह ही देना चाहिए। उसकी चालों का आकलन करने के बाद ही हमें अपने मोहरे चलने चाहिए ताकि बाजी सदा हमारे हाथ में रहे।

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned