scriptIndia pressurizes to destroy terrorist bases | भारत आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का दबाव बनाए | Patrika News

भारत आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का दबाव बनाए

जवाहिरी को मारने के लिए काबुल में किए गए हमले से तालिबान और पाकिस्तान को लेकर कई अहम सवाल उठे हैं। जैसे कि यह विश्वास करना असंभव था कि पाकिस्तान को नहीं मालूम था कि लादेन एबटाबाद में है, वैसे ही यह मानना भी मुश्किल है कि तालिबान को पता न हो कि जवाहिरी काबुल में एक सुरक्षित घर में रह रहा है।

Published: August 04, 2022 08:14:35 pm

विनय कौड़ा
अंतरराष्ट्रीय मामलों
के विशेषज्ञ
अलकायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी को काबुल में एक ड्रोन हमले में मार गिराया गया। यह बाइडन सरकार की शानदार उपलब्धि है। इससे एक बार फिर साबित हो गया है कि अमरीका जहां चाहे, जब चाहे अपने लक्ष्यों पर निशाना साध सकता है। जवाहिरी हक्कानी नेटवर्क के एक मकान में रह रहा था, जिसका अफगानिस्तान में तालिबान सरकार पर प्रभावी नियंत्रण है। अगस्त 2021 में तालिबान पर कब्जा निर्णायक क्षण था, क्योंकि यह दो दशक के सशस्त्र उग्रवाद के बाद अमरीका पर जीत की घोषणा थी। तालिबान पर कब्जा अन्य जिहादी गुटों की भी जीत है, जैसे अलकायदा जिसका तालिबान और हक्कानी नेटवर्क से पुराना संबंध है। तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद अल-जवाहिरी अचानक से कई वीडियो के जरिए मीडिया के सामने आया। जवाहिरी को मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात की हत्या के मामले में संदिग्ध भूमिका के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रिहाई के बाद वह पाकिस्तान के पेशावर चला गया, जहां ओसामा का करीबी हो गया। 1989 में अब्दुल्ला आजम की हत्या के बाद उसने अलकायदा के साथ मिलकर जिहाद को आगे बढ़ाया। इसके बाद जवाहिरी अलकायदा संगठन का प्रमुख बन गया।
हालांकि विश्व स्तर पर आइएसआइएस के उभरने के बाद अलकायदा की गतिविधियां कम हो गईं, लेकिन जवाहिरी अपने गुट को अखंड बनाए रखने में कामयाब रहा। अब देखना यह है कि जवाहिरी की जगह कौन लेगा, क्योंकि अलकायदा मेें उसके जैसा करिश्माई नेता कोई और नहीं है। कुछ लोग कह सकते हैं कि उसकी मौत से अलकायदा की बची हुई फ्रेंचाइजी के संचालन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन, उन्हें याद रखना चाहिए कि आइएसआइएस के सैन्य व विचारधारा प्रमुख अबु बकर अल बगदादी की मौत के बाद उसका क्या हश्र हुआ था। आइएसआइएस को एक और झटका तब लगा, जब बगदादी का उत्तराधिकारी अबु इब्राहिम अल हाशमी अल कुरैशी फरवरी 2022 में मारा गया। तब से सीरिया और इराक में आइएसआइएस के अग्रिम पंक्ति के लड़ाके एक के बाद एक मौत के शिकार होते चले गए। संयुक्त राष्ट्र द्वारा हाल ही जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत के नीचे अलकायदा पूरी तरह स्वच्छंद हो चुका है और उसने भारत, बांग्लादेश, म्यांमार और पाकिस्तान से लड़ाकों को गुट में शामिल कर लिया है। इसलिए अनुमान है कि भविष्य में भारतीय उपमहाद्वीप की अलकायदा इकाई(एक्यूआइएस) बड़ी भूमिका निभा सकती है।
जवाहिरी को मारने के लिए काबुल में किए गए हमले से तालिबान और पाकिस्तान को लेकर कई अहम सवाल उठे हैं। जैसे कि यह विश्वास करना असंभव था कि पाकिस्तान को नहीं मालूम था कि लादेन एबटाबाद में है, वैसे ही यह मानना भी मुश्किल है कि तालिबान को पता न हो कि जवाहिरी काबुल में एक सुरक्षित घर में रह रहा है। जवाहिरी को शरण देकर तालिबान ने दोहा समझौते का तो अपमान किया ही है, साथ ही बार-बार दिए गए अपने उन आश्वासनों को भी धता बताया है कि आतंकियों को उनकी धरती का इस्तेमाल नहीं करने दिया जाएगा। यह हमला इस बात का भी खुुलासा करता है कि तालिबान लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध करवा रहा है। पाकिस्तान के तालिबान व हक्कानी नेटवर्क दोनों से ही अच्छे संबंध हैं। फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि इस ड्रोन हमले में पाकिस्तान का गोपनीय सहयोग था या नहीं, लेकिन कुछ हफ्तों में इन सवालों का जवाब मिल जाएगा। पिछले कुछ महीनों से जवाहिरी का भारत में दखल बढ़ गया था। भारत के मुसलमान युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए उसने भडक़ाऊ वीडियो जारी किए थे। इसलिए जवाहिरी की मौत भारत के लिए राहत का समाचार है। भारत पाकिस्तान व अफगानिस्तान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने का दबाव बनाए रखे।
भारत आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का दबाव बनाए
भारत आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का दबाव बनाए

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon : राजस्थान में 3 अगस्त से बारिश का नया सिस्टम, पूरे प्रदेश में होगी झमाझमNSA डोभाल की मौजूदगी में बोले मुस्लिम धर्मगुरु- 'सर तन से जुदा' हमारा नारा नहीं, PFI पर प्रतिबंध की बनी सहमतिकीमत 4.63 लाख रुपये से शुरू और देती हैं 26Km का माइलेज! बड़ी फैमिली के परफेक्ट हैं ये सस्ती 7-सीटर MPV कारेंराजस्थान में भारी बारिश का दौर जारी, स्कूलों की तीन दिन की छुट्टी, आज इन जिलों में झमाझम की चेतावनीWeather Update: राजस्थान में झमाझम बारिश को लेकर अब आई ये खबरराजस्थान में आज यहां होगी बारिश, एक सप्ताह तक के लिए बदलेगा मौसमएमपी में 220 करोड़ से बनेगा 62 किमी लंबा बायपास, कम हो जाएगी कई शहरों की दूरी, जारी हो गए टेंडरसरकारी नौकरी लगवा देंगे कहकर 10 युवाओं को लगाई 75 लाख रुपए की चपत, 2 गिरफ्तार

बड़ी खबरें

National Herald Case: ED के सामने पेश हुए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, यंग इंडिया ऑफिस में फिर शुरू हुई छापेमारीNational Herald केस में ED को सर्च में मिले हवाला ट्रांजैक्शन के सुराग, सोनिया-राहुल के बयानों की फिर होगी जांचअसम बन रहा जिहादी गतिविधियों का अड्डा, मदरसों की पढ़ाई पर नजर रखें मां-बाप: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमाMaharashtra Politics: उद्धव ठाकरे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, EC से कहा-'असली शिवसेना' के दावे पर न लें कोई फैसलाCWG 2022: बॉक्सिंग में अमित पंघाल ने सेमीफाइनल में बनाई जगहपाकिस्तान: लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 1200 साल पुराना हिंदू मंदिर हुआ कब्जा मुक्तओलंपिक में शामिल हो सकता है क्रिकेट, ICC ने दिए संकेतNoida के twin Tower को तोड़ने आ रहे हैं South Africa के इंजीनियर्स
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.