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आपकी बात, क्या अब स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं बंद करना उचित है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

Published: November 15, 2021 05:01:40 pm

दोनों ही विकल्प जरूरी
कोरोना की मार शिक्षा पर बहुत अधिक पड़ी है और अब मौसम ने करवट बदली है। कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। साथ ही डेंगू जैसी बीमारियों का भी प्रकोप है। ग्रामीण ही नहीं, शहरी स्कूलों में भी पर्याप्त बुनियादी सुविधाओं की कमी है। खासकर सरकारी विद्यालयों का हाल तो बहुत बुरा है। एक की लापरवाही अन्य पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में बच्चों के पास विकल्पों की उपस्थिति होना अनिवार्य है। जब तक देश में संपूर्ण वैक्सीनेशन ना हो जाए अर्थात बच्चों का भी वैक्सीनेशन ना हो जाए, बच्चों का खस ध्यान रखना जरूरी है। उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही कक्षाएं उपलब्ध कराई जाएं।
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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आपकी बात, क्या अब स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं बंद करना उचित है?
आपकी बात, क्या अब स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं बंद करना उचित है?

अब ऑनलाइन शिक्षण की जरूरत नहीं
छोटे बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करने में कठिनाई महसूस करतें हैं। उन्हें तो हाथ पकड़ कर पढ़ाना पड़ता है। बड़ी कक्षाओं में भी बच्चे पढऩे की बजाय गेम खेलने लगते हैं या अन्य अश्लील सामग्री देखतें हैं। इससे बच्चों पर गलत प्रभाव ही पड़ता है। हां, पेशेवर पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन शिक्षण को कुछ हद तक ठीक कहा जा सकता है। कोरोना काल में तो ऑनलाइन शिक्षण एक तरह से मजबूरी हो गई थी, परन्तु वर्तमान में ऑनलाइन शिक्षण उचित नहीं है। अत: अब इसको बंद करके ऑफ लाइन शिक्षण को जारी रखना उचित रहेगा।
-मंजू देवी मोदी, सादुलपुर, चूरू
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ऑनलाइन कक्षाओं का औचित्य नहीं
राजस्थान सरकार ने 15 नवंबर से 100 फीसदी विद्यार्थियों को विद्यालयों में आने के आदेश जारी कर दिए हैं, तो ऑनलाइन कक्षाओं का कोई औचित्य नहीं रहा। साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं बंद हो जाने से अध्यापक भी कक्षाओं में पढ़ाने का कार्य अधिक कुशलता से कर सकेंगे और विद्यार्थियों को बेहतर लाभ मिलेगा। इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति पुन: सुचारू हो जाएगी। विद्यार्थियों का चहुंमुखी विकास करने के लिए यह बहुत आवश्यक है।
-पवन कुमार वैष्णव, सलूंबर, उदयपुर
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स्कूल में ही लगाई जाएं कक्षाएं
देशभर के स्कूलों में बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाने लगे हैं। ऐसी स्थिति में ऑनलाइन कक्षाओं का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। कोरोना काल में लॉकडाउन की स्थिति में ऑनलाइन कक्षाओं को अटेंड करने वाले बच्चों में पाठ्यक्रम की अपेक्षित समझ का विकास भी नहीं हुआ। ऑफलाइन पढ़ाई से एवं नियमित रूप से अपने कक्षा को अटेंड करने से बच्चे अपने शिक्षक से संवाद कर सकते हैं। ऑनलाइन तो विषम परिस्थितियों के कारण एक विकल्प के रूप में शुरू किया गया था। देश भर में सर्वे के पश्चात यह बात सामने आई कि ऑनलाइन पढ़ाई स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए स्कूलों में अब ऑनलाइन कक्षाएं बंद करके अब ऑफलाइन पढ़ाई उचित है । अब नियमित रूप से ही कक्षाएं लगनी चाहिए ।
-सतीश उपाध्याय, मनेंद्रगढ़ कोरिया, छत्तीसगढ़
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कोरोना से प्रभावित हुआ विद्यार्थी जीवन
वैश्विक महामारी कोविड-19 से विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य काफी प्रभावित हुआ। कोरोना काल के दौरान स्कूल बंद होने पर ऑनलाइन कक्षा को अधिक बढ़ावा मिला, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के कारण स्कूलों में ऑनलाइन कक्षा की बजाय विद्यार्थियों को स्कूल बुलाकर ऑफ लाइन कक्षा चलाना उचित है।
- राधे सुथार, चित्तौडग़ढ़
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अब भी कोरोना का भय
अब भी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है और अभी तक बच्चों के टीके लगना भी शुरू नहीं हुए हैं। ऐसी परिस्थिति में अगर ऑनलाइन क्लास बंद कर दी जाती है, तो कई सारे अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से घबराएंगे।
-मोनिका नागर, छबड़ा, बारां
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कोरोना प्रोटोकॉल के साथ लगें कक्षाएं
विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं अब बंद होनी चाहिए। कोरोना का भय भी अब कम हुआ है। विद्यार्थियों का विकास कक्षागत क्रियाओं से ही संभव है। मानसिक, बौद्धिक औंर शारीरिक विकास के साथ-साथ सामाजिक समरसता भी विद्यार्थियों के कक्षा में आपस में मिलने से ही संभव है। कक्षागत कार्य होने पर लेखन प्रवृत्ति, वाचन प्रवृत्ति और वैचारिक आदान-प्रदान संभव है। कई समस्याओं का समाधान शिक्षक के माध्यम से ही हो सकता है, जो ऑनलाइन संभव नहीं है। अत: छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, ऑनलाइन कक्षाएं बंद करके ऑफलाइन अध्ययन प्रारंभ होना चाहिए ।
- प्रेम नारायण सारस्वत, भीलवाड़ा
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बच्चों को लगी मोबाइल की लत
ऑनलाइन कक्षाओं को यथावत रखना उचित नहीं होगा। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण बच्चों में आंखों की तकलीफ बढ़ी है। कई बच्चे मोबाइल की लत के शिकार हो चुके हैं। बच्चों की पढ़ाई के प्रति रुचि कम हो गई है। इसलिए अब ऑनलाइन कक्षाओं को बंद करना ठीक रहेगा।
-मयंक सोनी, इंदौर, मध्य प्रदेश
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ऑफलाइन के साथ जारी रखें ऑनलाइन कक्षाएं
कोरोना के कम होते मामले को देखते हुए स्कूलों में विद्यार्थियों का आना प्रारम्भ हो गया है। शिक्षा को सुचारू रूप से पुनः जारी रखने के लिए यह जरूरी भी है, लेकिन विगत कुछ दिनो में कोरोना के कुछ मामले सामने आए हैं। इसलिए ऑफलाइन कक्षाओं के साथ-साथ ऑनलाइन कक्षाओं को भी जारी रखा जा सकता है। आगामी सत्र से ही स्कूलों को नियमित रूप से खोलने के निर्णय पर विचार किया जा सकता है।
-अजिता शर्मा, उदयपुर
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ऑनलाइन कक्षाओं में सुधार की जरूरत
कोरोना पूर्णरूपेण खत्म न हो जाए, तब तक ऑनलाइन कक्षाएं बंद नहीं होनी चाहिए, क्योंकि अब भी सभी को खतरा बना हुआ है। अब भी कोरोना के केस लगातार दर्ज हो रहे हैं। ऑनलाइन शिक्षण उपयोगी है। अब तकनीक के बिना विकास संभव नहीं है। इसलिए ऑनलाइन कक्षाएं भी लगाई जाएं। हां, इस प्रक्रिया में सुधार किया जा सकता है।
-मधु भूतड़ा, जयपुर

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