scriptIs it necessary to free the corona vaccine from patent? | आपकी बात, क्या कोरोना टीके को पेटेंट से मुक्त करना जरूरी है? | Patrika News

आपकी बात, क्या कोरोना टीके को पेटेंट से मुक्त करना जरूरी है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

Published: December 06, 2021 04:45:52 pm

वैक्सीनेशन की गति के लिए पेटेंट से मुक्ति जरूरी
कोरोना टीके को सभी लोगों तक पहुंचाने के लिए इसे पेटेंट कानून से मुक्त करना जरूरी है। भारत और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों ने इस मांग का समर्थन किया है। कोरोना टीकों को कुछ समय के लिए पेटेंट मुक्त करने का निर्णय विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को करना चाहिए। सदस्य देशों की सहमति से यह निर्णय किया जा सकता है। दरअसल, यह शंका पैदा हो गई है कि टीका धनी और उच्च मध्यम आय वाले देशों के लोगों को ही मिल पाएगा। कम आय वाले गरीब देश कोरोना टीके से वंचित रह जाएंगे। इससे बीमारी कभी खत्म नहीं होगी। इसलिए यदि टीके को पेटेंट कानूनों के दायरे से मुक्त कर दिया जाए, तो इनका निर्माण कोई भी कंपनी कर सकेगी। हर देश अपनी जरूरत के हिसाब से खुद ही टीका बना लेगा। इससे वैक्सीनेशन में गति आएगी, जिससे कोरोना से आसानी से मुकाबला किया जा सकेगा।
-भगवत सिंह राजावत, निहालपुरा, दौसा
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आपकी बात, क्या कोरोना टीके को पेटेंट से मुक्त करना जरूरी है?
आपकी बात, क्या कोरोना टीके को पेटेंट से मुक्त करना जरूरी है?
सभी को टीका लगना जरूरी
हाल ही में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन आया है। इसकी स्थिति क्या होगी अभी पता लगाना मुश्किल है? इस नए वैरिएंट के लक्षण ज्यादा खतरनाक हुए तो देशभर पहले जैसे लॉकडाउन की स्थिति उत्पन्न हो सकती हैं और लोगों के बीच डर का माहौल तो वैसे बना हुआ। सभी के टीके लगाने के हरसंभव प्रयास होने चाहिए।
रजत गोठवाल, जयपुर
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टीके पर खत्म हो एकाधिकार
कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए आज वैक्सीनेशन ही एकमात्र उपाय है। ऐसे में वैश्विक जनसंख्या को इस महामारी से बचाने के लिए कोरोना के टीके को पेटेंट के दायरे से मुक्त करना जरूरी है, ताकि निर्धन देश भी अपनी जरूरत के अनुसार टीके का निर्माण करके या कम कीमत पर खरीदकर लोगों को इस भयावह संक्रमण से बचा सकते हैं।
-नीता टहिलियानी जयपुर
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खत्म हो कोरोना टीके का पेटेंट
कोरोना टीके को पेटेंट से मुक्त करना इसलिए जरूरी है, ताकि यह विश्व के सभी देशों तक आसानी से पहुंच सके। कोरोना महामारी एक बहुत बड़ी आपदा के रूप में विश्व के सामने खड़ी है। वह रूप बदल - बदल कर अपना प्रकोप दिखा रही है। ऐसे में सभी अपने भीतर मानव कल्याण की भावना जगाएं और सभी के हित में कार्य करें। रिपोर्ट के अनुसार टीका बनाने वाली कंपनियां अब तक अरबों डॉलर मुनाफा कमा चुकी हैं, परंतु यह समय मुनाफा कमाने का नहीं है। कोरोना से पूरी दुनिया को सुरक्षित करने के लिए कोरोना टीका सभी को लगना चाहिए। इसलिए इसका पेटेंट खत्म कर देना चाहिए।
-सरिता प्रसाद पटना, बिहार
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दुनिया को बचाना होगा महामारी से
कोरोना टीके को सभी लोगों तक पहुंचाने के लिए इसे पेटेंट कानून से मुक्त करना अति आवश्यक है। संभावना है कि पेटेंट होने पर टीका धनी और उच्च मध्यम आय वाले देशों के लोगों को ही मिल पाएगा। कम आय वाले गरीब देश कोरोना टीके से वंचित रह जाएंगे। इससे बीमारी कभी खत्म नहीं होगी। इसलिए यदि टीके को पेटेंट कानूनों के दायरे से मुक्त कर दिया जाए तो इनका निर्माण कोई भी कंपनी कर सकेगी। हर देश अपनी जरूरत के हिसाब से खुद ही टीका बना लेगा। इस समय हमारा उद्देश्य देश और दुनिया को इस महामारी से बचाना होना चाहिए।
-अजिता शर्मा, उदयपुर
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विकसित देशों के लिए आर्थिक लाभ प्राथमिकता
अगर पेटेंट हट जाता है, तो दुनिया की फार्मा कंपनियां तेजी से वैक्सीन बना पाएंगी। लिहाजा वैक्सीनेशन आसान हो जाएगा। यह दुर्भाग्य की बात है कि विकसित देशों के लिए आज मानवता से ज्यादा आर्थिक लाभ जरूरी बन गया है।
-पंकज पांडे, जबलपुर
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दूर होगी वैक्सीन की कमी
कोरोना काल में कोरोना वैक्सीन को सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में देश और दुनिया को बचाने के लिए जल्द ही कोरोना वैक्सीन को पेटेंट के दायरे से बाहर लाने के लिए कदम उठाने चाहिए। अब समय रहते पेटेंट सिस्टम के दायरे से बाहर लाकर वैक्सीन की आपूर्ति जल्द की जा सकती है। वैक्सीन का व्यापक स्तर पर उत्पादन जरूरी है।कोरोना वैक्सीन को पेटेंट मुक्त करने से वैक्सीन की किल्लत दूर होगी।
खुशवंत कुमार हिंडोनिया, चित्तौडग़ढ़
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ताकि सभी को लग सके वैक्सीन
कोरोना वैक्सीन आज के समय में एक जीवन रक्षक औषधि है। वैक्सीन एक ऐसा हथियार है, जिसके जरिए कोरोना को मात दी जा सकती है। इसलिए कोरोना वैक्सीन सस्ती व आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। इसके लिए कोरोना वैक्सीन को पेटेंट फ्री करना चाहिए, ताकि यह सभी लोगों तक आसानी से पहुंच सके।
-शुभम वैष्णव, सवाई माधोपुर
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सभी को सुलभ हो टीका
कोरोना विश्वव्यापी बीमारी है। जल्दी-जल्दी इसके नए रूप सामने आ रहे हैं। केवल टीका ही इसका उपाय है। टीका जल्दी हर जगह उपलब्ध हो और बनने लगे, इसके लिए जरूरी है कि कोरोना टीके का पेटेंट खत्म किया जाए। कोरोना तब भी खत्म हो सकता है, जब विश्व के हर कोने में टीके की सुविधा उपलब्ध हो।
-डॉ. माधव सिंह
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जनहित का ध्यान रखा जाए
विकसित देश पेटेंट बनाए रखना चाहते हैं, जबकि विकासशील और गरीब देश कोरोना टीके को पेटेंट से मुक्त करवाना चाहते हैं। विकसित देशों की दवा कंपनियों को मोटी कमाई हो रही है, लेकिन गरीब देशों को महंगा टीका खरीदना पड़ रहा है। जनहित में इस टीके को पेटेंट से मुक्त करना अति आवश्यक है।
मुकेश भटनागर,वैशालीनगर, भिलाई
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विकसित देशों का रवैया
मानव सभ्यता तथा मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए कोरोना पर पेटेंट को हटाने के लिए भारत तथा दक्षिण अफ्रीका की मांग का अब तक असर नहीं हुआ है। शायद इसके पीछे विकसित देशों की मुख्य भूमिका है। उन्हें समझना चाहिए कि कुछ निर्णय मानवीय संवेदनाओं, मनुष्यता तथा नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए लेने चाहिए।
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़

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