आपकी बात, क्या कोरोना का डर खत्म हो गया है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रिया

By: Gyan Chand Patni

Published: 10 Sep 2021, 04:02 PM IST

सावधानी अब भी जरूरी
दो महीने पहले ही अक्टूबर माह तक कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के आने की आशंका जताई गई थी। लोगों को सावधान रहने और कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की चेतावनी भी दे दी गई थी। फिर भी लोग लापरवाह हो गए। वैक्सीन लगवाने के बाद से तो कोरोना का डर ही समाप्त ही हो गया है। बिना मास्क पहने, दो गज की दूरी है जरूरी जैसे नियमों को ताक पर रखकर बेफिक्री से घूमना - फिरना , पिकनिक मनाना इत्यादि कार्य ऐसे किये जा रहें हैं जैसे देश में कोरोना मुक्ति का जश्न मनाया जा रहा हो। जब तक देश में एक भी कोरोना का मरीज है, तब तक हमें सावधान रहना है और नियमित रूप से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना है, तभी देश को कोरोना मुक्त करने में सफल हो पाएंगे।
-विभा गुप्ता, बैंगलूरु
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भारी पड़ सकती है लापरवाही
हम बहुत लापरवाह हैं। जब बीमारी बहुत गंभीर होती है तभी उस पर ध्यान देते हैं। छोटे मोटे लक्षणों को हम गंभीरता से नहीं लेते और कभी-कभी यही आदत आफत का कारण बन जाती है। कोरोना को अब लोगों ने गंभीरता से लेना बंद कर दिया है। खासकर वे लोग जो टीकाकरण करवा चुके अथवा माइल्ड सिम्टम्स से तंदुरुस्त हो चुके। उनमें धैर्य तथा संयम की कमी दिखाई देने लगी। अब कुछ बुद्धिजीवी लोगों के अलावा अथवा इस पीड़ा को गहराई से अनुभव करने वालों के अलावा कोई इसे गंभीरता से नहीं लेता। न सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जा रहा और न ही मास्क लगाया जा रहा। विशेषज्ञों ने तीसरी लहर की चेतावनी दी है और भारत में त्योहारी सीजन शुरू हो चुका। ऐसे में आम जनता की यह लापरवाही भारी पड़ सकती है
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़ ,
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वैक्सीन है कारण
अब बहुत ही कम लोगों में कोरोना का डर है। इसी वजह से अधिकतर लोगों ने मास्क पहनना बंद कर दिया है और अब लोग निडर होकर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर भी जाने लगे हैं। कोरोना का डर खत्म होने के पीछे सबसे बड़ी वजह वैक्सीनेशन है। वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों में कुछ ज्यादा ही आत्मविश्वास पैदा हुआ है। अब लोगों को विश्वास है कि यदि हमें कोरोना हो भी गया तो भी हमारी हालत खराब नहीं होगी और हम सुरक्षित रहेंगे। यह प्रवृत्ति ठीक नहीं है।
-देवेंद्र कुमार
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गाइडलाइन का पालन करें
कोरोना के मामलों में कमी आने के साथ ही बाजारों में रौनक लौट आई है। मास्क न लगाने वाले लोगों की भीड़ ही भयावह दूसरी लहर की जनक बनी थी। लोगों की लापरवाही के कारण केरल में संक्रमण उछाल पर है। इसलिए लापरवाही न बरतें और गाइडलाइन का पालन कर कोरोना को परास्त करने में अपनी भूमिका निभाएं।
-पूर्वा सिंह राठौर
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सख्ती जरूरी
चिंता का विषय है कि कोरोना खत्म न होने पर भी कोरोना का डर कम हो गया है। वैक्सीन लगा कर लोग निश्चिंत हो गए एवं कोरोना गाइडलाइन का पालन करने में लापरवाही बरत रहे हैं। कोरोना पर पूर्ण नियंत्रण के लिए शासन की निरंतर सख्ती आवश्यक हे।
-सुभाष चंद्र जोशी
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अभी गया नहीं कोरोना
कोरोना महामारी ने विश्व भर में कहर बरपाया है। भारत में इन दिनों कोरोना का खतरा कम तो होता दिख रहा है परंतु इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है। जैसा कि कुछ रिसर्च से पता चला है की कोरोना खुद को परिवर्तित कर रहा है तो भविष्य में यह फिर से एक बड़ी समस्या बन सकता हैं। इसलिए लोगों को कोरोना दिशा-निर्देश का पालन आवश्यक रूप से करना होगा।
-योगेश शर्मा
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जरूरी है सतर्कता
कोरोना का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। आमजन लापरवाह हो गया है। इसकी वजह से फिर इसके मामले बढ़ रहे हैं। तीसरी लहर आने की चेतावनी बहुत पहले ही मिल गई थी। अब धीरे-धीरे यह पांव पसारने लगी है। हमें सतर्क हो जाना चाहिए। सरकार भी पूरी तरह सजग रहे।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़ ।
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सावधानी बनी रहेे
कोरोना के रोगी कम होते ही जनता ने लापरवाही शुरू कर दी है। जनता के व्यवहार को देखकर तो यही लगता है कि कोरोना का डर खत्म हो गया है, किंतु लापरवाही भारी पड़ सकती है। कोरोना अभी गया नहीं है। सावधान रहने की आवश्यकता है। तीसरी लहर की आशंका के चलते ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। दो गज दूरी और मास्क जरूरी जैसी गाइडलाइन का पालन तो करना ही है।
-कुलदीप पारीक, नागौर
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टीकाकरण की गति बढ़ाई जाए
कोरोना के नए-नए रूप सामने आने लगे हैं। तीसरी लहर की आशंका व मौसमी बीमारियों का कहर डर बढ़ा रहा है। स्वच्छता, सजगता, सतर्कता, सावधानी ही बचाव का उपाय है। साथ हर टीकाकरण को गति देना और कोरोना प्रोटोकॉल की अनुपालना भी आवश्यक है। जान है,जहान है।
शिवजी लाल मीना, जयपुर

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