राज्य की डायरी : बिशप के बयान पर एक नया विवाद

केरल ...

कैथोलिक ईसाइयों की संस्था 'साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च' की पाला इकाई के बिशप मार जोसेफ कल्लारांगट ने इस महीन रेखा को थोड़ा बड़ा कर दिया है। अपने एक धार्मिक उपदेश में उन्होंने कहा था कि गैर-मुसलमान नौजवानों को बर्बाद करने के लिए जिहादी ड्रग्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

By: Patrika Desk

Published: 04 Oct 2021, 11:54 AM IST

बेहद खूबसूरत हरे-भरे वातावरण और घाटियों से घिरे केरल में देश की पहली मस्जिद और सबसे पुराना चर्च भी है। केरल में 26 फीसदी मुसलमान और 18 फीसदी ईसाई हैं। हिन्दू, मुस्लिम और ईसाई समुदाय यहां सदियों से साथ रहते आए हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से स्थितियां थोड़ी बदल गई हैं। खासकर मुस्लिम और ईसाई समुदायों के बीच महीन रेखा खिंचती नजर आ रही है। कैथोलिक ईसाइयों की संस्था 'साइरो-मालाबार कैथोलिक चर्च' की पाला इकाई के बिशप मार जोसेफ कल्लारांगट ने इस महीन रेखा को थोड़ा बड़ा कर दिया है। अपने एक धार्मिक उपदेश में उन्होंने कहा था कि गैर-मुसलमान नौजवानों को बर्बाद करने के लिए जिहादी ड्रग्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

लव जिहाद के बाद 'नारकोटिक्स जिहाद' के विवाद ने केरल के सामाजिक ताने-बाने और राजनीतिक परिस्थितियों में व्यवधान डाला है। इस बयान की चौतरफा आलोचना हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस नए जुमले 'नारकोटिक्स जिहाद' के इस्तेमाल का ईसाई और मुस्लिम समुदायों पर सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव पड़ेगा। न तो सीपीएम की अगुवाई वाला एलडीएफ और न ही कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ इन दोनों अल्पसंख्यक समुदायों के साथ अपने संबंध खराब करना चाहता। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के समक्ष राज्य को एकजुट रखने और आगे ले जाने की बड़ी चुनौती है।
-नितिन भाल

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