ओपिनियन

निर्बन्ध : मन

इस समय तो जिसको देखो, वही अपना भाव बढ़ा रहा है। तुम चिंता मत करो मित्र! कर्ण बोला, तुम उनको सेनापति बना दो। मुझे तनिक भी बुरा नहीं लगेगा। मैं मानता हूं कि वे वृद्ध हैं। उनके पास समय कम है।

रायपुरNov 26, 2015 / 01:59 am

afjal

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