आत्म-दर्शन : भीख और मेहनत

इस्लाम के आखिरी पैगंबर मुहम्मद साहब ने फरमाया कि नीचे वाले हाथ से बेहतर ऊपर वाला हाथ है। यानी मांगने वाले से बेहतर देने वाला हाथ है।

By: Patrika Desk

Published: 08 Oct 2021, 11:23 AM IST

इस्लाम लोगों को जरूरतमंद और गरीब लोगों की मदद के लिए प्रेरित करता है। असहाय लोगों की उपेक्षा की बजाय उनकी सहायता करने की बात करता है। दूसरी तरफ इस्लाम भीख मांगने की प्रवृत्ति को गलत बताता है। इस्लाम के आखिरी पैगंबर मुहम्मद साहब ने फरमाया कि नीचे वाले हाथ से बेहतर ऊपर वाला हाथ है। यानी मांगने वाले से बेहतर देने वाला हाथ है।

मुहम्मद साहब ने फरमाया कि तुम से किसी के पास रस्सी हो और वह जंगल में जाकर अपनी पीठ पर जलाने वाली लकडिय़ों का गट्ठर ले आए और बेचे, तो यह भीख की कमाई से बेहतर है। मुहम्मद साहब ने कहा, जो आदमी हरदम भीख मांगता रहता है, इंसाफ के दिन उसके चेहरे पर चमड़ी नहीं होगी। इस्लाम ने अपने हाथों की कमाई को बेहतर बताया है। कहा गया, 'अपने हाथों से कमाकर खाए गए खाने से बेहतर कोई खाना नहीं है।'

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