आत्म-दर्शन : दूसरों की मदद करें

प्रेम, करुणा, उदारता और धैर्य जैसे गुणों को हमें अपने दैनिक जीवन में अमल में लाना होगा।

By: Patrika Desk

Published: 02 Sep 2021, 12:40 PM IST

दलाई लामा (बौद्ध धर्म गुरु)

दो हजार से भी अधिक साल पहले बुद्ध ने प्रबुद्धता प्राप्त की और लोगों को बेहतरी का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। हम चाहें जो भी हों अथवा जहां भी रहें, हम सभी सुख चाहते हैं। दुख कोई नहीं चाहता। बुद्ध ने समझाया कि दुख को दूर करने के कार्य में हमें यथासंभव दूसरों की सहायता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी की सहायता नहीं कर सकते, तो हमें कम से कम किसी को हानि न पहुंचाने के प्रति सावधान रहना चाहिए।

प्रेम, करुणा, उदारता और धैर्य जैसे गुणों को हमें अपने दैनिक जीवन में अमल में लाना होगा। अपने स्वयं के दुख को लेकर चिंतित होने के स्थान पर दूसरों के दुख को लेकर चिंतित होना चाहिए। निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करने पर ध्यान देना चाहिए।

दलाई लामा - आत्म-दर्शन : मानवता को जीवित रखने के लिए आंतरिक विकास बहुत जरूरी

Patrika Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned