आत्म-दर्शन : आपसी सहयोग जरूरी

संबंधों का निर्माण तभी किया जा सकता है, जब मुलाकात की संस्कृति को विकसित किया जाए

By: विकास गुप्ता

Published: 10 Apr 2021, 07:39 AM IST

पोप फ्रांसिस, (ईसाई धर्म गुरु)

सभी स्त्री और पुरुष समान बनाए गए हैं, लेकिन हमारे बहुत सारे भाई-बहन, आर्थिक परेशानियों को झेल रहे हैं। महामारी ने हमें यह बात याद दिलाई है कि कोई भी अकेला नहीं बच सकता। यदि हमें इस परिस्थिति से बाहर निकलना है, तो रचनात्मक समाज का निर्माण करना होगा। ऐसा समाज जो गरीबों की आवाज के प्रति सचेत एवं संवेदनशील हो तथा भविष्य के निर्माण में उन्हें भी शामिल करे।

संबंधों का निर्माण तभी किया जा सकता है, जब मुलाकात की संस्कृति को विकसित किया जाए, जिसमें सभी की आवाज सुनी जा सके, सभी बढ़ सकें, संपर्क के बिंदुओं को पा सकें, पुलों का निर्माण किया जा सके और दीर्घकालिक परियोजनाओं की कल्पना की जा सके। संकट से उबरने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। कई देश जब व्यक्तिगत रूप से सुधार योजना बना रहे हैं, एक वैश्विक योजना की अति आवश्यकता है। ऐसी योजना, जो नए या मौजूदा संस्थानों को पुनर्जीवित कर सके।

विकास गुप्ता
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