आत्म-दर्शन : मानसिक शांति

- हमें अपनी समस्याओं को स्पष्ट रूप से देखना और उनके साथ निपटना होगा। साथ ही शांत चित्त रहें

By: विकास गुप्ता

Published: 26 Feb 2021, 08:17 AM IST

दलाई लामा, बौद्ध धर्मगुरु

मुझे लगता है कि शरीर के तत्व शांत मन के साथ भली-भांति मेल खाते हंै। इसलिए एक शांत चित्त बहुत महत्त्वपूर्ण है। मानसिक शांति सबसे महत्त्वपूर्ण है। तो, हम शांत चित्त कैसे रह सकते हैं? हमें अपनी समस्याओं को स्पष्ट रूप से देखना और उनके साथ निपटना होगा। साथ ही शांत चित्त रहें, ताकि हमारा दृृष्टिकोण ठीक हो और हम समस्याओं से सही तरीके से निपट सकें। कई लोगों का चित्त इतना अशांत होता है कि उनको सोने के लिए भी नींद की गोलियां लेनी होती हैं। वर्ष 1959 में, जब मैं मसूरी में था, मेरी मां या शायद कोई और बहुत परेशान थी और चिंतित थी, नींद की परेशानी थी। चिकित्सक ने समझाया कि कुछ दवाइयां ले सकते हैं, पर उससे मन थोड़ा सुस्त हो जाएगा।

एक ओर आपका चित्त किंचित शांत है, पर दूसरी ओर यदि उसका प्रभाव सुस्ती हो तो वह अच्छा नहीं है। मैं चाहता हूं कि बुद्धि पूरी तरह कार्यात्मक, ध्यानयुक्त और सतर्क हो, व्याकुल नहीं। बिना किसी व्याकुलता के मानसिक शांति सर्वश्रेष्ठ है। इसके लिए करुणाशील मानवीय स्नेह वास्तव में महत्त्वपूर्ण है। हमारा चित्त जितना अधिक करुणाशील होगा, हमारे मस्तिष्क का कार्य उतना ही बेहतर होगा।

विकास गुप्ता
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