आत्म-दर्शन : महानता का मार्ग

जीवन में कितने भी ऊंचे पद पर पहुंच जाओ, इंसानियत को कभी मत भूलना। कोई भी आदमी बड़ी-बड़ी डिग्रियों से महान नहीं बनता। मानवीय गुण ही उसे महान बनाते हैं।

By: विकास गुप्ता

Updated: 21 Jun 2021, 06:20 PM IST

आचार्य पुलक सागर

जीवन में कुछ भी बनने से पहले एक सच्चा और अच्छा इंसान बनना जरूरी है। सच्चा और अच्छा इंसान देश की ताकत होता है। इस बात को हमेशा जहन में रखना कि एक सच्चे और अच्छे इंसान के आगे देश और दुनिया की डिग्रियों का अम्बार भी छोटा होता है। जरूरत है अच्छा इंसान बनने की। जीवन में कितने भी ऊंचे पद पर पहुंच जाओ, इंसानियत को कभी मत भूलना। कोई भी आदमी बड़ी-बड़ी डिग्रियों से महान नहीं बनता। मानवीय गुण ही उसे महान बनाते हैं।

आपको याद होगा कि कबीर, मीरा, तुलसी वाल्मीकि, आचार्य कुंद-कुंद, शांति सागर महाराज आदि महान व्यक्तित्वों और चरित्रों के पास कोई डिग्री नहीं थी, लेकिन अपने उच्च चारित्रिक जीवन और महान गुणों के कारण इन पर पीएचडी हो रही है और देश-दुनिया के शोध विद्यार्थी इनके जीवन से सीख लेकर डिग्रियां हासिल कर रहे हैं।

सद्चरित्र, सद्व्यवहार, मधुरता और सरलता से महान बना जा सकता है। जीवन को लायक बनाओ। ऊंचाई प्राप्त करने में पूरी जिंदगी खपा देने पड़ती है, लेकिन पराभव के लिए एक क्षण काफी होता है। शिखर पर चढऩे के लिए न जाने कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन शिखर से नीचे गिरने के लिए चंद मिनट ही पर्याप्त हैं। घड़े में एक ही छेद होने पर भी उसमें रखा पानी बह जाता है। इसी तरह जीवन है। जीवन में एक भी अवगुण मत आने देना। कई सारी अच्छाइयों पर केवल एक बुराई भारी पड़ जाती है।

विकास गुप्ता
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