आपकी बात, क्या बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन होना चाहिए?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

By: Gyan Chand Patni

Published: 28 May 2021, 04:36 PM IST

परीक्षा नहीं, पढ़ाई पर ध्यान दें
बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति है। कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन बहुत बड़ी समस्या बन गई है।। ऐसे मुश्किल समय मे सरकार को बच्चों की सुरक्षा को ध्यान रखते हुए परीक्षाओं का आयोजन नहीं करना चाहिए। सरकार को बिना परीक्षाओं के ही आगामी सेशन ऑनलाइन माध्यम से शुरू कर देना चाहिए। सरकार को परीक्षाओं से हटकर शिक्षण व्यवस्था को मजबूत कैसे किया जाए, उस पर ध्यान देना चाहिए। पिछले लगभग दो साल से बच्चों की शिक्षण व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा है औऱ बच्चे शिक्षा के ट्रैक से नीचे उतर चुके हैं। उनको वापस ट्रैक पर कैसे लाया जाए, उस पर मंथन किया जाए। परीक्षाओं का आयोजन तो होता रहेगा, बच्चों की पढ़ाई सुचारु कैसे की जाए, उस पर चिंतन करने की महती आवश्यकता है।।
-रमेश कुमार लखारा, बोरुंदा जोधपुर
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परीक्षाएं रद्द करना ही बेहतर विकल्प
इन दिनों बोर्ड परीक्षाओं को लेकर मंथन चल रहा है। कोरोना की दूसरी लहर बहुत भयावह है। अगर तीसरी लहर आएगी, तो उसमें काफी बच्चे भी संक्रमित हो सकते हैं। अभी बच्चों का टीकाकरण भी शुरू नहीं हो पाया है। अब ऐसे में अगर परीक्षाएं आयोजित होती हैं, तो बच्चों के संक्रमित होने का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। माना कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए परीक्षाएं जरूरी हैं, लेकिन फिर भी उनके जीवन से ज्यादा जरूरी नहीं हैं। बच्चों की जिंदगी को जोखिम में डालने की बजाय हमें अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए। वैसे भी पिछले एक साल से जिस डर के साये में हम जी रहे हंै, उसमें बच्चे भी मानसिक तौर पर विचलित हुए हंै। अत: बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए परीक्षाओं को रद्द करना ही उचित रहेगा।
-कमलेश कुमार कुमावत, चौमू, जयपुर
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ऑनलाइन हो सकती है परीक्षा
जिन बच्चों ने साल भर मेहनत की है, वे परीक्षा देने के इच्छुक हंै। बेहतर हो यह है कि ऑनलाइन परीक्षा की व्यवस्था की जाए। द्वितीय विकल्प के रूप में सरकार बच्चों के वैक्सीनेशन के बाद भी परीक्षा का आयोजन कर सकती है। लॉकडाउन में बहुत सारे बच्चे बहुत आलसी और लापरवाह हो गए हैं। उनमें रचनात्मकता तथा क्रियाशीलता का अभाव हो गया है। कम से कम परीक्षा के बहाने ही सही इन हाशिए पर छोड़ दी गई किताबों की कोई कद्र तो होगी।
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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नहीं हो परीक्षा का आयोजन
अभी परीक्षा का आयोजन नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर विद्यार्थी का पढ़ाई का स्तर व मनोबल गिरा हुआ है। ग्रामीण और कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह समस्या बहुत बड़ी है। इसलिए मेरा मानना है कि कोरोना काल में सभी विद्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा या जनरल प्रमोशन देकर पास किया जाना चाहिए। अगर लाखों विद्यार्थी एक साथ एग्जाम देंगे तो उनका संक्रमित होना संभव है। आगे के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा का प्रावधान किया जा सकता है।
-जयेश जैन, इंदौर
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बारहवीं बोर्ड की परीक्षा जरूरी
बोर्ड परीक्षाएं होनी चाहिए। सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं निश्चित रूप से सरकार को करवानी चाहिए। सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी, कोई बात नहीं, लेकिन १2वीं बोर्ड के बच्चे परीक्षा दे सकते हैं। कक्षा 12 के बाद में बच्चों को करियर चुनने के लिए बहुत सारी प्रतियोगी परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। इसके लिए परसेंटेज भी मायने रखती है। अगर 12वीं बोर्ड की परीक्षा नहीं होती है, तो बच्चों को आगे का करियर चुनने में मुश्किल आएगी। बहुत सारे विभागों में भर्ती परीक्षाएं नहीं होती हैं और केवल 12वीं की परीक्षा के परसंटेज के आधार पर ही नौकरी के अवसर प्राप्त होते हैं। यानी परीक्षा के प्राप्तांक जीवन में बहुत काम आते हंै। इसलिए बच्चों की बोर्ड की परीक्षाएं निश्चित रूप से होनी चाहिए। यह भी जरूरी है कि बच्चे सुरक्षित रहें। इसके लिए कक्षा 12 की बोर्ड की परीक्षाओं से पहले सभी बच्चों को टीका जरूर लगाया जाए।
-इंदिरा जैन, भीलवाड़ा
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वैक्सीन बिना परीक्षा संभव नहीं
बोर्ड परीक्षा देने वाले ज्यादातर परीक्षार्थियों की उम्र 18 वर्ष से कम है। उन्हें अभी वैक्सीन नहीं लगी। ऐसी स्थिति में यदि वे विद्यालय जाते हैं तो उन्हें कोरोना संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाएगा। फिर अभी तो देश में ब्लैक फंगस भी तेजी से अपने पैर पसार रहा है। अत: विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन न करना ही उचित होगा। प्री-बोर्ड की परीक्षाओं के आधार पर वार्षिक मूल्यांकन करना दूसरा बेहतर विकल्प है। अगली कक्षाओं के लिए विषयों का चुनाव भी इसी आधार पर किया जा सकता है।
-विभा गुप्ता, बैंगलुरु
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ताकि निराश न हों प्रतिभाएं
बोर्ड परीक्षाओ का आयोजन अवश्य होना चाहिए, चाहे इसमें थोड़ा समय और लग जाए। अनेक विद्यार्थी अपनी काबिलियत दिखाने और भविष्य की तैयारी के रुप में बोर्ड परीक्षा को बहुत महत्त्वपूर्ण मानते हैं। बोर्ड परीक्षा में अपनी प्रतिभा नहीं दिखाने का मलाल उन्हें जीवन भर सालता रहेगा। अत: बोर्ड को परीक्षा का आयोजन करना चाहिए, ताकि प्रतिभावान विद्यार्थियों में निराशा का भाव पैदा नहीं हो।
-राम बाबू शर्मा, भरनी, टोंक
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ऑनलाइन पढ़ाई तो ऑनलाइन परीक्षा
हमें संक्रमण प्रसार का अवसर कोरोना वायरस को नहीं देना चाहिए। महीनों के लॉकडाउन से जो संक्रमण गति धीमी हुई है, क्या सरकारें उसको पुन: गति प्रदान करना चाहती हैं? क्या बच्चों के जीवन सुरक्षा की दिशा में नहीं सोचना चाहिए? अब तक जो गलतियां हुई हैं, क्या उनसे सबक नहीं लेना चाहिए? ऑनलाइन परीक्षाएं बेहतर विकल्प है।
-मुकेश भटनागर, वैशालीनगर, भिलाई
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जरूरी है परीक्षा
स्वास्थ्य नियमों का पालन करते हुए बोर्ड परीक्षा अवश्य आयोजित करने पर मंथन किया जाना चाहिए। करियर में बोर्ड परीक्षा की महत्त्वपूर्ण भूमिका रहती है। शॉर्टकट विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। नींव कमजोर होने से अगली परीक्षाओं में परेशानी होगी। शॉर्टकट की माक्र्स शीट को कई संस्थान मात्र एक कागज का टुकड़ा समझेंगे।
-दिलीप भाटिया, रावतभाटा
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केंद्र पर ही जांची जाएं उत्तर पुस्तिकाएं
बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन होना बहुत जरूरी है। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच संबंधित केंद्र पर ही की जाए या प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर चार-पांच केंद्र गठित करके उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जाए और नंबर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर को भेजे जाएं।
-रामरतन रेगर, साटोला, छोटीसादड़ी, प्रतापगढ़
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परीक्षा का स्वरूप बदला जाए
बोर्ड की परीक्षाएं अवश्य होनी चाहिए, भले ही उसके स्वरूप में परिवर्तन किया जाए। कम समय में परीक्षा हो, सरल हो और बिना किसी तनाव के विद्यार्थियों को परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाए।
-श्याम ठाकुर, बुरहानपुर, मप्र
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कोरोना गाइड लाइन की पालना करते हुए हो परीक्षा
जब यह अब मान लिया गया है कि हमें कोरोना के साथ ही जीना है, तो फिर कोरोना गाइड लाइन की पालना करते हुए समय पर परीक्षा कराई जाए। चाहें तो बोर्ड अपने हिसाब से परीक्षा के तरीके में कुछ बदलाव कर लें। लंबे समय तक बच्चों के भविष्य को अंधेरे में नही रखा जा सकता है।
-शम्मी कपूर कोटा
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कोविड का ध्यान रखा जाए
बच्चों के भविष्य व गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए बोर्ड परीक्षा का आयोजन होना चाहिए, परंतु बोर्ड परीक्षा आयोजन करवाने से पहले कोविड-19 से बचाव के पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था कर लेनी चाहिए। परीक्षा का समय कम किया जाए व परीक्षा पेपर पैटर्न भी कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए बनाना चाहिए।
-श्याम लाल, साठपुर, धरियावद
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सावधानी के साथ हो परीक्षा
बोर्ड की परीक्षा अवश्य होनी चाहिए। बोर्ड की परीक्षा से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य और सपने जुड़े रहते हंै। इसीलिए बोर्ड परीक्षा का आयोजन होना ही चाहिए। महामारी का खौफ भी अब कम होने लगा है। साथ ही देश और दुनिया को आगे बढ़ना ही है। इसीलिए तमाम सावधानी रखते हुए बोर्ड परीक्षा का यथा शीघ्र आयोजन होना चाहिए, ताकि बच्चे आगे की योजना बना सकें।
नीना दुबे, खातीपुरा, जयपुर
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टीकाकरण के बाद हो परीक्षा
सरकार को बोर्ड की परीक्षाएं करवाने का निर्णय विद्यार्थियों और शिक्षकों की मन स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही करना चाहिए। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए परीक्षा पूर्व ही सभी परीक्षकों एवं परीक्षार्थियों का टीकाकरण किया जाना चाहिए, ताकि गंभीर संक्रमण की स्थिति से बचा जा सके। परीक्षकों एवं परीक्षार्थियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की ही है। इसलिए सोच समझकर निर्णय किया जाना चाहिए
-शुभम वैष्णव, सवाई माधोपुर, राजस्थान
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जान है तो जहान है
बच्चे देश का भविष्य हैं। उनकी सुरक्षा जरूरी है। कोरोना काल की गंभीरता को देखते हुए, बोर्ड परीक्षाओं का रूप बदल दिया जाए। लिखित परीक्षा के स्थान पर 'ऑनलाइन ' मौखिक परीक्षा ली जाए। जान है तो जहान है।
-इंदिरा शर्मा, तिलक नगर, जयपुर
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परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया जाए
अगर आगामी दिनों में कोरोना संक्रमण की दर कम होती हैं तो परीक्षाएं होनी चाहिए। इस दौरान कोविड नियमों की पालना जरूर हो। दो गज दूरी का ध्यान रखा जाए। विद्यार्थियों को मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए जाएं। परीक्षा पैटर्न में बदलाव करते हुए बहु-वैकल्पिक प्रश्न पत्र व समय सीमा कम करते हुए एक या डेढ़ घंटे में परीक्षा आयोजित की जा सकती हैं ।
-महेन्द्र चौधरी शोकलिया, अजमेर
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भविष्य की आधारशिला है बोर्ड की परीक्षा
बोर्ड परीक्षाओ का आयोजन निश्चित रूप से होना चाहिए। विद्यार्थियों की मेहनत का मूल्यांकन अति आवश्यक हे। परीक्षा से प्रतिभावान विद्यार्थियो का उत्साहवर्धन होगा ओर कमजोर छात्रो को परिश्रम करने के प्रेरित करेगा। बोर्ड की परीक्षाएं विद्यार्थी के भविष्य की आधारशिला होती है।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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बच्चे देश का भविष्य, इनके साथ खिलवाड़ न हो
प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में बोर्ड परीक्षा सबसे महत्त्वपूर्ण होती है। उसी के आधार पर ही उसके करियर का निर्धारण होता है। हम अक्सर देखते हैं कि बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर छात्र करियर का चयन करता है। ऐसे में यदि हालात सामान्य न होने की स्थिति में वर्चुअल परीक्षा करवाने का प्रबंध कर देश के भविष्य को बचाया जाए।
-सी.पी.गोदारा,ओसियां,जोधपुर
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बोर्ड परीक्षा ऑनलाइन हो
कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को नजर में रखते हुए, छात्रों की परीक्षा ऑन लाइन ली जा सकती है। कोरोना काल में ऑनलाइन क्लास को बहुत महत्व दिया गया है, जिस वजह से छात्रों ने मोबाइल या लैपटॉप खरीद लिए हैं।
- ज्योति दयालानी, बिलासपुर
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बोर्ड परीक्षाएं जरूरी
छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बोर्ड परीक्षाएं होनी चाहिए। सरकार बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ करने से पूर्व परीक्षा में सम्मिलित होने वाले 18 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों एवं समस्त शिक्षकों का वैक्सीनेशन का कार्य पूर्ण करवाए। प्रश्न पत्र एक डेढ़ घंटे का ही होना चाहिए। परीक्षा की सूचना 15 दिन पूर्व जारी की जाए ताकि ताकि विद्यार्थियों को तैयारी का समय मिल जाए।
पंकज जैन, नैनवा, बूंदी

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