scriptShould permanent employment increase instead of contract? | आपकी बात, क्या संविदा की बजाय स्थायी रोजगार बढऩे चाहिए? | Patrika News

आपकी बात, क्या संविदा की बजाय स्थायी रोजगार बढऩे चाहिए?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

Published: June 27, 2022 04:09:22 pm


शोषण का नाम है संविदा
संविदाकर्मियों को शोषण का पर्याय कह दिया जाए, तो कोई अतिशयोक्तिनहीं होगी। बरसों तक नाम मात्र के मानदेय पर कार्य करते हुए कब सेवा समाप्त कर मझधार में छोड़ दिया जाएगा कुछ कहा नहीं जा सकता। सरकार को चाहिए कि संविदा के स्थान पर स्थायी नियुक्ति दे, ताकि इनके जीवन के साथ खिलवाड़ न हों। स्थायी रूप से नियुक्त कार्मिक मनोयोग से कार्य कर दक्ष बनेंगे। हां, इनकी परख करनी हो तब चार-छह माह संविदा पर रखकर नियुक्ति दी जा सकती है।
-छगन लाल व्यास, खांडप, बाड़मेर
.......................
आपकी बात, क्या संविदा की बजाय स्थायी रोजगार बढऩे चाहिए?
आपकी बात, क्या संविदा की बजाय स्थायी रोजगार बढऩे चाहिए?
बचत का बहाना
कर्मचारियों की कमी सरकारी महकमों में हमेशा रहती आई है। इसे दूर करने के लिए संविदा भर्ती का एक रास्ता निकाल लिया गया है। ये कार्मिक स्थायी कर्मचारियों की तरह पूरा वेतन व अन्य सुविधाओं के लाभ से वंचित रहते हैं। कम वेतन पर नियुक्तियां देकर सरकार युवा बेरोजगारों के साथ छल कर रही है।
-साजिद अली चंदन नगर इंदौर
.............
संविदा एक बेहतर विकल्प
स्थायी रोजगार की अपेक्षा संविदा पर नियुक्ति बेहतर विकल्प है। इसमें कठिन परिश्रम से कामकाज की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। जरूरत पडऩे पर नियोक्ता बदलकर अपने मनमाफिक तनख्वाह ली जा सकती है। देखा यही जाता है कि स्थायी रोजगार से कार्मिकों के काम में शिथिलता आ जाती है, क्योंकि इनको नौकरी जाने का डर नहीं रहता।
-रामा शंकर सिंह , जमशेदपुर,झारखंड
.................
नियमित करें संविदाकर्मियों को
राज्य सरकारों को संविदा कर्मचारियों को नियमित करना चाहिए। सभी शासकीय कार्यालयों में खाली पदों को स्थायी रूप से भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाना चाहिए। नियमित भर्ती के माध्यम से बेरोजगारों को रोजगार दिलाना सरकार का कर्तव्य है।
-आलोक वालिम्बे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
.................
संविदा पर नियुक्ति के खतरे हजार
संविदा की बजाय स्थायी रोजगार बेहतर माना जाता है। संविदा कर्मियों को वेतन समय पर न मिलना, अकारण नौकरी से निकालने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्थायी रोजगार को प्रोत्सहन देने से भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी और बेरोजगारी भी कम होगी। बेहतर यह भी होगा कि युवा पीढ़ी अपनी योग्यता और प्रतिभा पर भरोसा कर आगे बढ़े।
- प्रियंका महेश्वरी
..................
स्थायी रोजगार के अवसर दें
संविदा कर्मचारी को न्यूनतम वेतन दिया जाता है, पर वे काम स्थायी कर्मचारी जितना ही करते हैं। संविदा पर बरसों से काम कर रहे इन कार्मिकों को स्थायी किया जाना चाहिए। साथ ही बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जाएं।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
..............
सुरक्षित भविष्य की दें गारंटी
स्थायी नियुक्तियां एक तरह से सुरक्षित भविष्य की गारंटी हंै। संविदा के आधार पर मिलने वाली नौकरी में कर्मियों का वेतन तो सीमित होता ही है, साथ ही नियमित कर्मचारियों की तरह छुट्टियां, महंगाई भत्ता, आवास सुविधा नहीं मिलने से उन्हें हीन भावना होने लगती है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें तो दिनोंदिन बढ़ जाती हंै, लेकिन वेतन सीमित ही रहने से आर्थिक के साथ-साथ मानसिक बोझ भी बढ़ जाता है।
-विभा गुप्ता, मैंगलोर, कर्नाटक
......................
संविदा के दंश से मिले मुक्ति
संविदा के दंश से मुक्ति मिलनी ही चाहिए। संविदा आधारित सेवाओं से कार्यकुशलता, गुणवत्ता एवं दक्षता से समझैता किया जाता है। संविदा पर नियुक्ति पूर्ण रूप से अस्थायी सेवा है। सदैव नौकरी से बेदखल करने का डर लगा रहता है। अल्प मानदेय अधारित सेवा मेें दबाव में नौकरी करनी होती है। न सामाजिक सुरक्षा और ना ही पारिवारिक सुरक्षा ।
-खुशवन्त कुमार हिण्डोनिया, चित्तौडगढ़
..............................
स्थायी नौकरी की मिले गारंटी
आजकल सभी विभागों मे संविदा कर्मचारी रखने का कल्चर हो गया है। वेतन भले ही कम हो, पंरतु कर्मचारी को अगर स्थायी रोजगार यानी नौकरी मिल जाती है तो वह अपने और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित महसूस करता है। अत: संविदा की बजाय स्थायी रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
-महेश सक्सेना, साकेतनगर, भोपाल
............
स्थायी रोजगार जरूरी
भर्ती प्रक्रिया में संविदा पर नियुक्ति का तरीका अपनाया जाने लगा है। रोजगार के लिए बहुत मेहनत करने के बाद जब संविदा कर्मियों के रूप में नियुक्ति होती है तो व्यक्ति खुद को ठगा सा महसूस करता है। देश, समाज और परिवार के लिए स्थायी रोजगार बढऩे चाहिए।
-गजेन्द्र सिंह राठौर, मंदसौर

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon : राजस्थान में 3 अगस्त से बारिश का नया सिस्टम, पूरे प्रदेश में होगी झमाझमNSA डोभाल की मौजूदगी में बोले मुस्लिम धर्मगुरु- 'सर तन से जुदा' हमारा नारा नहीं, PFI पर प्रतिबंध की बनी सहमतिकीमत 4.63 लाख रुपये से शुरू और देती हैं 26Km का माइलेज! बड़ी फैमिली के परफेक्ट हैं ये सस्ती 7-सीटर MPV कारेंराजस्थान में भारी बारिश का दौर जारी, स्कूलों की तीन दिन की छुट्टी, आज इन जिलों में झमाझम की चेतावनीWeather Update: राजस्थान में झमाझम बारिश को लेकर अब आई ये खबरराजस्थान में आज यहां होगी बारिश, एक सप्ताह तक के लिए बदलेगा मौसमएमपी में 220 करोड़ से बनेगा 62 किमी लंबा बायपास, कम हो जाएगी कई शहरों की दूरी, जारी हो गए टेंडरसरकारी नौकरी लगवा देंगे कहकर 10 युवाओं को लगाई 75 लाख रुपए की चपत, 2 गिरफ्तार

बड़ी खबरें

Vice President Election 2022 Live Updates : संसद पहुंची विपक्ष की वी-पी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वाVice President Election 2022: उपराष्ट्रपति को वेतन से लेकर मिलती हैं ये रॉयल सरकारी सुविधाएं, ऐसे होता है चुनावMaharashtra: शिंदे सरकार ने महाराष्ट्र के सचिवों को दी स्पेशल 'पावर', अब मंत्रियों की तरह ले सकेंगे फैसलेंMaharashtra Politics: CM एकनाथ शिंदे और बागियों पर शिवसेना ने फिर साधा निशाना, सामना में कही ये बड़ी बातसात्विक अन्न से विचार भी होंगे सात्विक, बीमारियां रहेंगी दूर, 'गीताविज्ञान' पर डॉ. गुलाब कोठारी का संबोधन, देखें Liveअमित शाह के बयान के बाद प्रियंका गांधी का पलटवार, कहा- यह भगवान राम का अपमानCyber Crime: लोगों को फंसाकर ऐंठ लिए 2 मिलियन डॉलर, जानिए क्या है 'Hi Mum' कोड?गूगल भी मना रहा भारत की आजादी के 75 साल का जश्न, 'इंडिया की उड़ान' नाम से डिजिटल संग्रह किया लांच
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.