आपकी बात, क्या सभी सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार का प्रावधान खत्म किया जाना चाहिए?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

By: Gyan Chand Patni

Published: 22 Jul 2021, 04:47 PM IST

साक्षात्कार से बढ़ता है भ्रष्टाचार
साक्षात्कार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता हैं और योग्यता की हत्या करता है। परीक्षार्थी की काबिलियत तो उसकी लिखित परीक्षा के अंकों से ही दिख जाती है, तो फिर उसे साक्षात्कार जैसे पैमाने से क्यों तौला जाता है। उसकी योग्यता पर क्यों सवाल किए जाते हैं। इसलिए हर सरकारी नौकरी में साक्षात्कार को बंद किया जाए एवं इन साक्षात्कार की आड़ में होने वाले भ्रष्टाचार को खत्म किया जाना चाहिए।
-महेंद्र कुमार वडेरा, बांसवाड़ा
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खत्म होना चाहिए साक्षात्कार
साक्षात्कार खत्म होने और चयन के लिए सिर्फ लिखित परीक्षा के अंकों पर विचार से सभी उम्मीदवारों को समान अवसर उपलब्ध होंगे। साक्षात्कार खत्म होने से चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता आएगी। नियुक्तियों में भ्रष्टाचार खत्म होगा। इससे ग्रामीण परिवेश वाले उम्मीदवारों को मदद मिलेगी, जो लिखित परीक्षाओं में बहुत ही अ'छा करने के बावजूद इंटरव्यू में नहीं निकल पाते हैं। अत: साक्षात्कार खत्म होना चाहिए।
-खुशवंत कुमार हिंडोनिया, चित्तौडग़ढ़
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साक्षात्कार के अंक कम हों
आज भी साक्षात्कार की निष्पक्षता पर संदेह किया जाता है। ऐसा बहुत बार देखा भी गया है कि लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार में प्राप्त अंकों में काफी अंतर होता है। हालांकि लिपिक वर्ग की भर्ती में साक्षात्कार पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं, लेकिन उच्च अधिकारी वर्ग में इसका महत्व अभी भी है। अधिकारी वर्ग में नियुक्ति से पहले बौद्धिक स्तर भी जानना आवश्यक है, लेकिन पारदर्शिता के लिए प्रक्रिया में परिवर्तन आवश्यक है। साक्षात्कार के अंक कम होने चाहिए।
-नटेश्वर कमलेश, चांदामेटा, मध्यप्रदेश
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लगते रहे हैं लेन-देन के आरोप
सभी सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार का प्रावधान पूरी तरह से खत्म किया जाना चाहिए। सच तो यह है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए साक्षात्कार व्यवस्था का खत्म होना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बेहद जरूरी है। आरोप लगते रहे हैं कि नौकरियों के लिए साक्षात्कार के अंकों के लिए बड़ी रकम भी ली जाती है। इससे कई काबिल अभ्यर्थी नौकरी से वंचित रह जाते हैं और नाकाबिलों को उच्च पदों पर बैठा दिया जाता है।
-प्रिया राजावत, जयपुर
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खत्म नहीं करें साक्षात्कार
साक्षात्कार जरूरी है, क्योंकि इससे प्रतिभावान छात्रों के व्यक्तित्व का पता चलता है। हां, इसका लाइव प्रसारण कर देना चाहिए, जिससे निष्पक्षता बनी रहे। भ्रष्टाचार की बात सामने आने पर कार्रवाई होनी चाहिए। हमें बीमारी को खत्म करना है, ना कि बीमार को। इसलिए साक्षात्कार को खत्म करना एकमात्र हल नहीं है।
-अजय सिंह सिरसला,चूरू
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रिश्वत और सिफारिश
रिश्वत और सिफारिश के जरिए ही साक्षात्कार में नम्बर मिलते हैं । ऐसे बहुत से लोग हैं जिनको लिखित परीक्षा में बहुत कम नंबर मिले, लेकिन साक्षात्कार में मिले शानदार अंकों की वजह से वे अधिकारी बन गए।
सुरेन्द्र कुमार राजपुरोहित, बीकानेर
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खत्म करें साक्षात्कार
सभी सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार का प्रावधान खत्म किया जाना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि इससे भाई-भतीजावाद को बढ़ावा मिलता है। इसलिए साक्षात्कार की जगह परीक्षा का एक चरण और बढ़ा दिया जाना चाहिए, लेकिन साक्षात्कार को खत्म किया जाना चाहिए।
-हमीर मेघवंशी, लवारन, जोधपुर
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साक्षात्कार का औचित्य नहीं
सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार का प्रावधान खत्म होना ही चाहिए। नौकरी के लिए लिखित परीक्षा पास करनी होती है। इतनी कठिन परीक्षा के बाद साक्षात्कार का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। यहां पर साक्षात्कार का मतलब चेक-जेक वालों को सफल बनाना होता है, जिससे केवल भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिलता है। योग्य युवा नौकरी से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनमें कुंठा पनपती है।
-चंद्र मोहन चौहान, कोटा
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अंक भार कम किया जाए
सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार को लेकर सामने आई लालफीताशाही और भाई भतीजावाद की शिकायतों के कारण साक्षात्कार का अंकभार कम किया जाए। अन्यथा उक्त प्रणाली की समीक्षा कर अभ्यर्थियों के लिए साक्षात्कार और ग्रुप डिस्कशन आयोजित किया जाए।
-हरीश सुवासिया, पाली
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पारदर्शिता जरूरी
सभी सरकारी नौकरियों में साक्षात्कार खत्म नहीं करना चाहिए, क्योंकि प्रशासनिक निर्णय लेने वाली नौकरियों में व्यक्तित्व का परीक्षण बहुत आवश्यक है। साक्षात्कार में पारदर्शिता होनी चाहिए। साक्षात्कार प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा सकती है। साक्षात्कार को बिंदुवार विभाजित किया जा सकता है।
-डॉ. माधव सिंह, श्रीमाधोपुर

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