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आपका हक : चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर शिकंजा जरूरी

locationनई दिल्लीPublished: Aug 04, 2021 11:10:20 am

Submitted by:

Patrika Desk

child pornography : आइटी अधिनियम की धारा 67 के तहत चाइल्ड पोर्नोग्राफी को अपराध घोषित किया गया है। इसके तहत पहली बार अपराध करने पर पांच साल का कारावास और दस लाख रुपए का जुर्माना।

आपका हक : चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर शिकंजा जरूरी
आपका हक : चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर शिकंजा जरूरी

आभा सिंह

(लेखिका सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं)

Child Pornography : सूचना प्रौद्योगिकी कानून (आइटी कानून IT ACT ), 2000 भारत में साइबर क्राइम कानूनों का आधार है। हम सभी इन्टरनेट से जुड़ी कई तरह की गतिविधियां से जुड़े रहते हैं। इन सभी को सुरक्षित करने के लिए एक अधिनियम बनाया गया, जिसे हम आइटी अधिनियम 2000 कहते है। इस अधिनियम के तहत बताया गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते समय किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि कोई अपराध न हो पाए। आइटी अधिनियम की धारा 67 के तहत चाइल्ड पोर्नोग्राफी को अपराध घोषित किया गया है। इसके तहत पहली बार अपराध करने पर पांच साल का कारावास और दस लाख रुपए का जुर्माना। इसके बाद भी अपराध करने पर दस लाख रुपए के जुर्माने के साथ सात वर्ष के कारावास का प्रावधान है।

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