scriptआर्ट एंड कल्चर : मिसरी जुबां में कड़वी डली, ये कैसी हवा चली | Urdu is not the language of any religion, it is Hindustani language. | Patrika News

आर्ट एंड कल्चर : मिसरी जुबां में कड़वी डली, ये कैसी हवा चली

- हमें यह समझना होगा कि उर्दू किसी मजहब की भाषा नहीं है, यह हिंदुस्तानी भाषा है
- तीज-त्योहारों पर अंग्रेजी की हेडलाइंस वाले विज्ञापनों से अखबार रंगे पड़े होते हैं। हमारी शुभकामनाएं अंग्रेजी के टुकड़ों के बगैर अधूरी हैं, तो उर्दू से बैर क्यों?

नई दिल्ली

Published: October 30, 2021 12:04:32 pm

आर्ट एंड कल्चर : मिसरी जुबां में कड़वी डली, ये कैसी हवा चली
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