आपकी बात, घरेलू हिंसा रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

By: Gyan Chand Patni

Published: 16 Dec 2020, 03:38 PM IST

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं
महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण जरूरी है। इसके लिए महिलाओं का आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक है। इससे उनका आत्मविश्वास बना रहेगा। जरूरत पडऩे पर वे अपनी आवाज भी उठा सकती है। इसके लिए महिलाओं को स्वयं आगे आना होगा। सरकार ने कानून तो बना रखे हैं, लेकिन इसकी जानकारी के अभाव में भी महिलाएं हिंसा का शिकार होती रहती हैं। उन्हें यह विश्वास दिलाना होगा कि उनकी सुनवाई होगी। सबसे बड़ी बात अगर कोई महिला पुलिस से मदद की गुहार करे, तो उसकी पूरी संवेदनशीलता के साथ मदद की जाए। जब तक कोई महिला खुद आवाज नहीं उठाएगी, उसे मदद कैसे मिलेगी।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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बोलना होगा गलत के खिलाफ
घरेलू हिंसा न हो इसके लिए लडक़ी को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। इससे उसमें हिम्मत रहेगी। वह कोई भी निर्णय लेने में सक्षम होगी। महिलाओं को अब गलत के खिलाफ बोलना होगा। उसे यह विश्वास होना चाहिए कि उसके पीहर के दरवाजे उसके लिए खुले हैं। सबसे अहम बात यह कि उसे आत्मरक्षा करना भी सीखना होगा।
-पद्मजा शर्मा, जोधपुर
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शुरुआत में ही विरोध करें
घरों में महिलाओं से मारपीट और उत्पीडऩ के मामले सामने आते रहते हैं। महिलाएं सोचती हैं कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा, परंतु ऐसा नहीं होता। बेहतर तो यह है कि शुरुआत में ही इसका विरोध किया जाए। महिलाओं पर सामाजिक दबाव को कम करना होगा। लडक़ों को बाल्यकाल से ही महिलाओं का आदर करना सिखाना होगा। अक्सर वही पुरुष महिलाओं के साथ हिंसा करते हैं, जिन्हें सही संस्कार नहीं मिलते। महिला उत्पीडऩ को रोकने के लिए काउंसलिंग पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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महिलाओं के प्रति सोच को बदलना होगा
महिलाओं की सुरक्षा अब भारत में एक प्रमुख मुद्दा बन गया है। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। महिला अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं है। भारत में महिलाओं को भी पुरुषों के समान ही अधिकार प्राप्त हैं। इसके बावजूद महिलाओं का उत्पीडऩ होता है। महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए सर्वप्रथम महिलाओं के प्रति अपने नजरिये में बदलाव की आवश्यकता है। पुरुषों के साथ-साथ स्वयं नारी को नारी के प्रति नजरिया बदलना होगा। बच्चों में प्रारम्भ से ही महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना होगा।
-डॉ. अजिता शर्मा, उदयपुर
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नशे के खिलाफ माहौल बनाने की जरूरत
घरेलू हिंसा होने के मुख्य कारण में बेरोजगारी के साथ-साथ नशीले पदार्थों का सेवन है। यदि सरकार सभी को समुचित रोजगार उपलब्ध करवाए और समाज में नशे के खिलाफ माहौल बने, तो घरेलू हिंसा काफी कम हो सकती है। इसके साथ ही महिलाओं को सशक्त करना भी जरूरी है।
-छगन लाल व्यास, खंडप, बाड़मेर
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आर्थिक स्थिति को सुधारें
यदि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। इससे घर में भी उनके साथ बुरा व्यवहार करने की कोई हिम्मत नहीं कर पाएगा।
-मनु प्रताप सिंह, चींचडौली,जयपुर
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जागरूकता अभियान की जरूरत
यदि हम सही मायने में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा को रोकना चाहते हैं, तो हमें इस विषय पर विस्तृत चर्चा करनी चाहिए। एक तरीका यह हो सकता है कि हम राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान की शुरुआत करें। घरों का माहौल सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
-नैतिक गुर्जर, अजमेर
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बदलना होगा नजरिया
घरेलू हिंसा को रोकने के लिए सबसे जरूरी है महिलाओं का स्वयं आवाज उठाना। जब तक महिलाएं आवाज नहीं उठाएंगी, वे उत्पीडि़त होती रहेंगी। उन्हें चुप्पी तोड़ते हुए अपने अधिकारों के लिए लडऩा होगा। महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अनेक कानून हैं, जिनका लाभ उठाया जाना चाहिए। महिलाओं को भी पुरुषों के समान ही अधिकार प्राप्त है। घरेलू हिंसा को रोकने के लिए पुरुषों के साथ-साथ स्वयं नारी को नारी के प्रति नजरिया बदलना होगा।.
-सपना बिश्नोई, हनुमानगढ़
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रिश्तों की नींव है विश्वास
सबसे पहले अपने घर में सभी सदस्यों पर हमें विश्वास करना चाहिए। रिश्तों की नींव विश्वास ही तो है। घर में किसी भी काम में जल्दबाजी न करते हुए धैर्य बनाए रखें। जल्दबाजी से भी कई बार आपसी टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है, जो बाद में हिंसा का रूप ले लेती है। धैर्य बनाए रखें। बात करें और बात सुनें, क्योंकि बात करने से ही बात बनती है। अपना व्यवहार शांत और शालीन रखने की कोशिश करें। अपने में इंसानियत जिंदा रखें। छोटी-मोटी बातों को दिल पर न लें। माफ करना सीखें, परिवार को समय दें और कभी परिवार के साथ घूमने भी जाएं। इससे घरेलू हिंसा पर विराम लगेगा।
-मुस्ताक अहमद खिलजी, जोधपुर
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एक दूसरे का सम्मान करें
घरेलू हिंसा को रोकने के लिए परिवार में आपसी सम्मान और निष्ठा की भावना को विकसित करना होगा। स्त्री और पुरुष को आपसी वैचारिक समन्वय बनाते हुए मर्यादित समायोजन स्थापित करना चाहिए। चकाचौँध से परे विश्वास और प्रेमपूर्ण व्यवहार भी घरेलू हिंसा कम कर सकता है।
-मनीष शर्मा, सीकर
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महिलाओं को चुप्पी तोडऩी होगी
घरेलू हिंसा की शिकार आमतौर पर महिलाएं ही होती हंै। इसका प्रमुख कारण महिलाओं का हिंसा के खिलाफ चुप रहना तथा आर्थिक आत्मनिर्भर न होना है। घरेलू हिंसा रोकने के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाना चाहिए, ताकि वे हिंसा के खिलाफ अपनी चुप्पी तोड़ सकें।
-आयुषी तिवारी,,उलखर, छत्तीसगढ़
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कानून के बारे में जानकारी दी जाए
सबसे पहले तो समाज में लैंगिक भेदभाव को दूर करना होगा। शिक्षाविदों, कानून के जानकारों तथा सामाजिक संस्थाओं को घरेलू हिंसा के प्रति आम जनता में जागरूकता पैदा करनी होगी। घरेलू हिंसा को रोकने के लिए बनाया गया कानून महिलाओं को संरक्षण प्रदान करता है। इस तरह के कानूनों के बारे में जन साधारण में जागरूकता पैदा करनी चाहिए। शिक्षा, जानकारी तथा निर्भीकता से ही घरेलू हिंसा कम हो सकती है।
-निधि त्रिवेदी, हैदराबाद
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आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाए
घरेलू हिंसा की जड़ें समाज में गहराई तक जम चुकी है। मुख्य रूप से महिलाएं ही इस हिंसा का शिकार होती हैं, जिसका प्रमुख कारण है पुरुष प्रधान समाज। पुरुषों की सरकार को गैर सरकारी संस्थाओंं का सहयोग लेकर शहरों, कस्बों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। इसके अलावा शिक्षण संस्थाओं में छात्राओं को घरेलू हिंसा का विरोध करने की शिक्षा देनी चाहिए। साथ ही आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना चाहिए।
-मुरली मनोहर पुरोहित, बीकानेर

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