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आपकी बात, भुखमरी सूचकांक में भारत की रैंकिंग खराब क्यों हो रही है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

Published: October 17, 2021 06:00:56 pm

अन्न की बर्बादी रोकना जरूरी
देश में खाद्य उत्पादन तो खूब हो रहा है, मगर अफसोस कि लाखों लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है। इसकी एक वजह खाद्यान्न की बर्बादी भी है। खबरों के मुताबिक ब्रिटेन की आबादी का पेट भरने के लिए जितने अनाज की जरूरत पड़ती है, उतना अनाज हमारे देश में बर्बाद हो जाता है। खाद्य भंडारण व्यवस्था निर्धारित मानकों से बहुत निचले स्तर की है। इसके अतिरिक्त जो अनाज गोदामों में सुरक्षित रखा जाता है, उसका भी एक बढ़ा हिस्सा जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता। बढ़ती जनसंख्या भी बड़ा कारण है। इसलिए अन्न की बर्बादी रोकना जरूरी है।
-साजिद अली चंदन नगर इंदौर .
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आपकी बात, भुखमरी सूचकांक में भारत की रैंकिंग खराब क्यों हो रही है?
आपकी बात, भुखमरी सूचकांक में भारत की रैंकिंग खराब क्यों हो रही है?
सरकार की विफलता
वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2021 के आंकड़े भारत के लिए निराशाजनक हैं। केंद्रीय सरकार ने तो इसे अवैज्ञानिक बता कर पल्ला झाड़ लिया हैं। पाकिस्तान, नेपाल जैसे आर्थिक तंगी वाले देश भी भुखमरी सूचकांक में भारत से अच्छे अंक रखते हैं। यह परिणाम सरकार की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में विफलता को प्रदर्शित करता हैं। महामारी ने लोगों की कमर तोड़ी है। इसलिए सरकार का उत्तरदायित्व है कि वह लोगों की आधारभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए।
-मनु प्रताप सिंह, चींचडौली, खेतड़ी
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बेरोजगारी की समस्या
भुखमरी सूचकांक में भारत दिन प्रतिदिन नीचे की ओर जा रहा है। इसका कारण देश में बढ़ रही बेरोजगारी है। इसके परिणामस्वरूप लोगों को उचित पोषण नहीं मिलने से भुखमरी के आंकड़े बढ़ रहे हैं। सरकार की योजनाओं को प्रशासन तंत्र ठीक ढंग से क्रियान्वित कराए तो हालात सुधर सकते हैं। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे।
-सी. आर. प्रजापति, हरढ़ाणी, जोधपुर
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भ्रष्टाचार बड़ी वजह
सरकार तो भुखमरी व कुपोषण के लिए योजनाएं बनाती हंै, किन्तु उसका कार्यान्वयन प्रभावी नहीं हो पाता। इसका कारण भ्रष्टाचार है। नेपाल व श्रीलंका जैसे छोटे देशों से भी हमारा देश पीछे है। भ्रष्टाचार पर लगाम के साथ योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो तो भुखमरी में कमी आ सकती है।
-शकुंतला महेश, नेनावा, इंदौर
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कोरोना बड़ी बाधा
ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत के पिछडऩे का प्रमुख कारण कोरोना महामारी रही है। भारत में बहुत से ऐसे परिवार हंै जो दिन में मजदूरी करके रात में अपना पेट भरते हैं। कोरोना काल में बहुत से गरीब लोगों को रोजगार नहीं मिला तथा लोगों को पलायन करना पड़ा। इससे बहुत से लोग भूखे रहे।
-अंकित कुमार मीना, दौसा
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भंडारण की उचित व्यवस्था नहीं
भारत में अनाज के भंडारण के लिए समुचित भंडार घर और कोल्ड स्टोरेज की उचित व्यवस्था न होने के कारण बहुत सारा अनाज वितरण से पहले ही खराब हो जाता है। खाद्य वितरण प्रणाली का कुप्रबंधन भी इसका एक प्रमुख कारण है।
-चेतन नामा, कोटा
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आर्थिक असमानता है वजह
देश में बढ़ रही आर्थिक असमानता की वजह से भी भुखमरी की समस्या गंभीर हुई है। अमीर और गरीब के बीच में बढ़ती खाई ने गरीबों को भोजन जैसी बुनियादी आवश्यकता से दूर कर दिया है।
-राहुल पालीवाल, राजसमंद
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योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक नहीं
भुखमरी सूचकांक में भारत की 101 वीं रैंक का मुख्य कारण सरकार द्वारा संचालित योजना का धरातल पर नहीं आना और उनका क्रियान्वयन सुचारू नहीं होना है।। साथ ही कोरोना के कारण भी देश में भुखमरी बढ़ी है।।
-सत्यनारायण रोलन, लोसल, सीकर
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असमान वितरण
भारत की भुखमरी रैंकिंग इसलिए खराब हो रही है, क्योंकि देश में भुखमरी का प्रतिशत बढ़ रहा है। देश में अनाज की कोई कमी नहीं है, पर असमान वितरण की वजह से लोग भूखे मर रहे हैं। अन्न गोदाम में पड़ा पड़ा सड़ जाता है, पर गरीबों को दिया नहीं जाता। हर साल लाखों टन अनाज भीग जाता है। पर्याप्त भंडारण की व्यवस्था ही सरकार के पास नहीं है। अनाज को खराब करने की बजाय अगर नि:शुल्क बांट दिया जाए तो बेहतर होगा। साथ ही आयोजनों में ध्यान रखा जाए कि प्लेटों मे खाना झूठा नहीं छोड़ा जाए। बचा हुआ खाना जरूरतमंदों में बांट दिया जाए।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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संवेदनहीनता है मुख्य वजह
महामारी और भुखमरी के कारण भारत में भुखमरी बढ़ी है। गरीबों के प्रति संवेदनहीनता मुख्य कारण है। गरीब और उनके बच्चे भूखे सो रहे हैं। खाद्य पदार्थों का वितरण ठीक तरह से होना चाहिए।
-मुकेश भटनागर, वैशाली नगर, भिलाई

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