कमला हैरिस : जीत का जश्न होगा सार्थक, अमरीका को एकजुट करने में रहेगी अहम भूमिका

- हैरिस की भूमिका किसी सामान्य उपराष्ट्रपति से कुछ ज्यादा रहेगी।
- उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की एक अहम भूमिका सीनेट हाउस में भी रहेगी, जहां उनके हाथों में अब टाइब्रेकर वोट की ताकत है।

By: विकास गुप्ता

Updated: 30 Jan 2021, 09:00 AM IST

द्रोण यादव, राजनीतिक अध्येता

वाइट हाउस प्रेस सचिव जेन साकी ने राष्ट्रपति शपथ ग्रहण समारोह के बाद भारत-अमरीका रिश्तों के संबंध में पत्रकारों से कहा था कि दोनों ही देशों के रिश्ते हमेशा से ही मजबूत रहे हैं और भारतीय मूल की पहली उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ लेकर कमला हैरिस ने इतिहास रचा है। इससे भारत और अमरीका के रिश्तों को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। इससे स्पष्ट है कि भारतवासियों का कमला हैरिस की जीत का जश्न सार्थक होता नजर आता है।

कमला हैरिस का भारतीय मूल से होना, महिला होना और अश्वेत होना, तीनों अपनी-अपनी जगह अलग अहमियत रखते हंै। इसके चलते राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में कमला हैरिस की भूमिका भी कुछ कम नहीं रहेगी। हैरिस की भूमिका किसी सामान्य उपराष्ट्रपति से कुछ ज्यादा होना स्वाभाविक है। इसीलिए उनको सिर्फ भारत से रिश्तों की मजबूती तक सीमित न रखकर अन्य महत्त्वपूर्ण दायित्व भी मिल सकते हैं।

जैसे कि अमरीका की पहली उपराष्ट्रपति होने के नाते उनको महिलाओं से जुड़े मामलों में आगे रखे जाने की संभावना है। यह बात भी जगजाहिर है कि राष्ट्रपति बाइडन ने कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति के दावेदार के रूप में इसलिए चुना, क्योंकि वह संदेश देना चाहते थे कि डेमोक्रेट्स अश्वेतों के प्रति सजग हैं। अब अमरीका के विभाजित जनमानस को वापस एक पटल पर लाने के काम में भी हैरिस की अहम भूमिका रहेगी।

कमला हैरिस की एक अहम भूमिका सीनेट हाउस में भी रहेगी, जहां उनके हाथों में अब टाइब्रेकर वोट की ताकत है। दरअसल, सीनेट में कुल 100 में से डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के वोट 50-50 में बंट गए हैं और यदि किसी कानून पर कोई फैसला नहीं हो पाता है तो उसका फैसला हैरिस के टाइब्रेकर वोट से होगा।

विकास गुप्ता
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