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आपकी बात…एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर सवाल क्यों उठते हैं ?

पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं मिलीं, पेश है चुनींदा प्रतिक्रियाएं…

जयपुरJun 05, 2024 / 04:10 pm

विकास माथुर

जमीनी राजनीतिक मुद्दों एवं समस्याओं से सरोकार नहीं
एग्जिट पोल वास्तव में चंद लोगों को लेकर किया गया मात्र सर्वेक्षण है। जिसका जमीनी राजनीतिक मुद्दों एवं समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। इसके अलावा सोशल मीडिया के भ्रामक प्रचार एवं निजी एजेंसियों द्वारा अपने स्वार्थ सिद्ध के लिए झूठे आकड़ें प्रस्तुत करना भी मुख्य वजह है।
  • महेश आचार्य, नागौर
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एग्जिट पोल अनुमानों का गुब्बारा
एग्जिट पोल एक ऐसी प्रक्रिया है जो कुछ अनुमानों पर आधारित है। यह अपने आप में समग्र नहीं है। चुनाव में प्रत्येक वोट का महत्व है। मतदान मानवीय व्यवहार है जो हमेशा परिवर्तित होता रहता है। इसे किसी प्रक्रिया से पकड़ पाना मुश्किल है। एग्जिट पोल अनुमानों का गुब्बारा है जो कभी सही तो कभी गलत दिशा में उड़ान भरता है।
गजेंद्र चौहान कसौदा, जिला डीग
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सत्ताधारी पार्टी को खुश करने के लिए
एग्जिट पोल वास्तव में सत्ताधारी पार्टी को खुश करने के लिए बनाए जाते हैंं। वास्तव में उनपर मेहनत नहीं की जाती। अनुमान आधारित इस सर्वे को सर्वेयर भी गंभीरता से नहीं लेते। वे भी हवा का रुख भांपकर ही सर्वे के फर्जी आंकड़े भर देते हैं। ऐसे में इन एग्जिट पोल के प्रति विश्वसनीयता का घटना स्वाभाविक है।
— ओमप्रकाश श्रीवास्तव, उदयपुरा मध्यप्रदेश
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विभिन्नताओं वाले देश में एग्जिट पोल विश्वसनीय नहीं
इतने बड़े भौगोलिक विभिन्नताओं वाले देश में, जहां हर क्षेत्र के अपने अलग-अलग मुद्दे हैं, वहां सभी सामाजिक, आर्थिक, और जातीय समूहों का समान प्रतिनिधित्व एग्जिट पोल नहीं कर पाता। इसीलिए जब-जब चुनाव के वास्तविक परिणाम, एग्जिट पोल के आंकड़ों से कोसों दूर रहते हैं तब-तब उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं और उठते रहेंगे।
  • हनुमान बिश्नोई, सांचौर (राजस्थान)
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छोटे समूह व विशेषज्ञों की राय है एग्जिट पोल
एग्जिट पोल मुख्य रूप से जनता के एक छोटे समूह एवं मीडिया विशेषज्ञ के मंतव्य पर आधारित होते हैं। इनके आधार पर संपूर्ण मतदाताओं के मंतव्य को निर्धारित नही किया जा सकता है। कई बार यह किसी विशेष राजनीतिक भावना से भी ग्रसित रहते है, इसी कारण इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे है ।
— विनायक गोयल, रतलाम, मध्यप्रदेश
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हर समय सटीक हों यह जरूरी नहीं
एग्जिट पोल, हर समय सटीक हों यह जरूरी नहीं होता है। यह बात 18वीं लोकसभा के चुनाव के एग्जिट पोल से भी साबित होती हैं। ये पोल मत डालने के बाद किस क्षेत्र के मतदाताओं के ले कर किया जाता है कभी मालूम ही नहीं चलता। इन पर यह संदेह भी बना रहता है कि ये सत्ताधारी दल के पक्ष मे ही पोल के आंकड़े तैयार करते हैं।
-नरेश कानूनगो, देवास, म.प्र.
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मीडिया की साख में कमी
देश के अधिकतर एग्जिट पोल सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में अधिक दिखाने की नाकामयाब कोशिश करते हैं । जबकि एग्जिट पोल के आंकड़े खोखले साबित हो रहे हैं। ऐसे में नागरिकों का एग्जिट पोल से विश्वास उठ गया है । एग्जिट पोल देने वाले टीवी चैनल मीडिया की साख में कमी कर रहा है एग्जिट पोल के समय राजनीतिक विश्लेषण सही तरीके से नहीं किया जाता ऐसे में एग्जिट पोल के दावे खोखले साबित हों रहे हैं ।
— डॉ कुमेर सिंह गुर्जर, गुढ़ाचंद्रजी राजस्थान
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सर्वे टीम पर आधारित
एग्जिट पोल अनुमानों पर आधारित होते हैं। मीडिया जगत अपनी सर्वे टीम के आधार पर कयास लगाता है। सर्वेक्षण और मतदान के रुझानों के आधार पर ही इसे प्रामाणिक बनाने का प्रयास किया जाता है। अतः इसकी विश्वसनीयता पर सदैव सवाल उठते रहते हैं।
— ललित महालकरी, इंदौर
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सट्टा बाजार के मार्केट के अनुसार होते तैयार
चुनाव परिणाम से पहले प्रसारित होने वाले ​एग्जिट पोल अनुमान मात्र ही होते हैं। संभवत: सट्टा बाजार के मार्केट के अनुसार इन्हें तैयार किया जाता है। इन पर पहले भी प्रश्नचिन्ह लगते रहे हैं। ये गलत साबित होने से इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाना लाजिमी है।
— नवीन कुमार फलवाडिया, सुजानगढ़

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