खुशनुमा यादों के साथ Asiad 2018 हुआ संपन्न, क्लोजिंग सेरेमनी में दिखा शाहरुख खान का जलवा!

खुशनुमा यादों के साथ Asiad 2018 हुआ संपन्न, क्लोजिंग सेरेमनी में दिखा शाहरुख खान का जलवा!

PRABHANSHU RANJAN | Publish: Sep, 02 2018 07:54:33 PM (IST) अन्य खेल

45 देश, 17000 से ज्यादा एथलीट, 13000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं का सहयोग, हजारों पदक। इन सभी यादों को समेटे हुए एशियन गेम्स 2018 का समापन हो गया।

नई दिल्ली। इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबंग में 18वें एशियाई खेलों का रविवार को खुशनुमा यादों, भावुक माहौल और चार साल बाद चीन के हांगझाओ में फिर से मिलने के वादे के साथ समापन हो गया। इंडोनेशिया ने 1962 के बाद 2018 में एशियाई खेलों का सफल आयोजन कर यह साबित किया कि वह भविष्य में बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।


गले मिलकर दी गई भावभीनी विदाई-
जकार्ता के ऐतिहासिक गेलोरा बंग कार्नो स्टेडियम में झिलमिलाती रोशनी, कर्णप्रिय संगीत और खूबसूरत नृत्यों के साथ इन खेलों का समापन हो गया। 45 देशों के एथलीटों ने 15 दिनों तक चले मुकाबलों के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर भावभीनी विदाई दी। विजेता एथलीटों के गले में उनके पदक शोभायमान हो रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई-
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने इन खेलों के सफल आयोजन के लिए सभी को धन्यवाद दिया। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति विडोडो और इंडोनेशिया के लोगों को इन खेलों के सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी। एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख अहमद अल-फहद ने खेलों के समापन की घोषणा की और एशियाई खेलों के ध्वज को नीचे उतारा गया। एशियाई खेलों की मशाल को शेख अहमद को लौटाया गया जिन्होंने इसे चीन की ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष को सौंपा जहां 2022 में अगले एशियाई खेलों का आयोजन होगा।

मानो आसामान के तारे जमीं पर हो-
समारोह में मौजूद खिलाड़यिों ने प्रतिस्पर्धाओं के तनाव से मुक्त होकर इस माहौल का पूरा मजा लिया। खिलाड़ी जश्न मना रहे थे, अपने फोन के फ्लैश से इन यादगार लम्हों को कैद कर लेना चाहते थे, संगीत पर जम कर मस्ती हो रही थी और खिलाड़यिों के जश्न में वॉलंटियर्स भी शामिल हो गए थे। इंडोनेशिया की सेनाओं ने अपने बैंड के साथ परफार्म किया। स्टेडियम में हर तरफ फ्लैश लाइट को देखकर ऐसा लग रहा था मानो आसमान के तारे जमीन पर उतर आए हों।

रानी रामपाल ने थामा तिरंगा-
शेख अहमद ने एशिया के सभी खिलाड़यिों से चार साल बाद चीन के हांगझाओ में मिलने का आह्वान करते हुए एशियाई ओलंपिक परिषद का ध्वज हांगझाओ के मेयर जू ली यी को सौंप दिया। समापन समारोह का सबसे भावुक पल तो उस समय आया जब 15 दिनों से जल रही एशियाई खेलों की ज्योति को बुझा दिया गया। इसे अब अगले एशियाई खेलों के समय प्रज्ज्वलित किया जायेगा। समापन समारोह में खिलाड़यिों के मार्च पास्ट में भारतीय दल की अगुवाई रजत विजेता हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने की। इन खेलों के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की अगुवाई भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने की थी जिन्होंने इन खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता।

शाहरुख के गानों की धूम-
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की कोई मिल गया और तुम पास आए जैसे गानों को सिद्धार्थ ने गाकर समा ही बांध दिया और जब ए आर रहमान का जय हो का गाना गूंजा तो पूरा स्टेडियम भारतमय हो उठा। गायक जीजी, बैंस और सैम ङ्क्षसमाजतुक ने अपने परफार्मेंस से संदेश दिया कि एकसाथ रहकर हम बहुत आगे जा सकते हैं। समारोह के बाद आसमान भव्य आतिशबाजी से जगमगा उठा और सभी एथलीटों ने बेहद भावुक माहौल में एक दूसरे को अलविदा कहा।

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