इस भारतीय क्रिकेटर से प्रेरित होकर जीता शिव कपूर ने पैनासोनिक ओपन गोल्फ टूर्नामेंट

इस भारतीय क्रिकेटर से प्रेरित होकर जीता शिव कपूर ने पैनासोनिक ओपन गोल्फ टूर्नामेंट

Kuldeep Panwar | Publish: Nov, 06 2017 05:11:31 PM (IST) अन्य खेल

शिव कपूर ने पैनासोनिक ओपन गोल्फ टूर्नामेंट अपने नाम किया। इस शानदार प्रदर्शन की प्रेरणा उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली से मिली थी।

नई दिल्ली। पैनासोनिक ओपन गोल्फ टूर्नामेंट में जीत दर्ज कर भारतीय गोल्फर शिव कपूर ने इतिहास रच दिया। यह कपूर का इस साल में दूसरा एशियाई खिताब था। कपूर ने चार अंडर 68 के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया। जीत के बाद कपूर ने अपने इस दमदार प्रदर्शन का राज भी बताया। कपूर ने बताया कि इस शानदार प्रदर्शन की प्रेरणा उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली से मिली थी। बता दें कि कोहली ने कानपुर में दमदार प्रदर्शन किया था। टीम बेशक इस मैच को हार गई हो लेकिन कोहली ने अपनी पारी से सबका दिल जीत लिया। कोहली की ये पारी शिव कपूर को कुछ बेहतर कर पाने के लिए प्रेरित कर गई। जिसका नतीजा यह रहा कि कपूर खिताब जीत पाए।

सत्र का दूसरा खिताब
शिव कपूर ने सत्र का दूसरा और भारत में पहला एशियाई टूर खिताब जीत लिया है। दिल्ली गोल्फ क्लब में चौथे और अंतिम दौर में चार अंडर 68 के स्कोर के साथ कपूर ने पैनासोनिक ओपन गोल्फ टूर्नामेंट अपने नाम किया।

कोहली बने प्रेरणा
कपूर ने कहा में फाइनल के एक दिन पहले मैं क्रिकेट मैच देख रहा था। मैच में कोहली जिस आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करने उतरें उसे देखते हुए मेरे सोचने का रवैया बदल गया। मैंने अपने आप से कहा कि खेलने का रवैया यही होना चाहिए। दवाब के बावजूद कोहली पहली ही गेंद से ही न्यूज़ीलैंड के गेंदबाजों पर हावी हो गए थे।

शिव कपूर ने अंतिम दौर में पांच बर्डी की, लेकिन एक बोगी भी कर गए। वह साथी भारतीय खिलाड़ियों अजितेश संधू (65), सुधीर शर्मा (69) और चिराग कुमार (64) से तीन शॉट आगे रहे। चिराग ने अंतिम दौर में नौ बर्डी और एक बोगी, जबकि संधू ने आठ बर्डी और एक बोगी की। कपूर ने अप्रैल में यींगदर हैरिटेज खिताब भी जीता था, जबकि मौजूदा सत्र में वह थाईलैंड ओपन में भी उप विजेता रहे। उन्होंने अपना पहला एशियाई टूर खिताब 2005 में वोल्वो मास्टर्स ऑफ एशिया के रूप में जीता था।

जीतने के बोले कपूर
कपूर ने खिताब जीतने के बाद कहा, मेरे पास इसे बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। आप जीतने का सपना देखते हो, लेकिन मैं अपने अबतक के करियर में कभी इतना आगे नहीं जा सका था। इसलिए मैंने कभी अपने जीवन में कोई स्पीच तैयार नहीं की। जब मैंने वोल्वो मास्टर्स जीता तो यह मेरे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला था और इसके बाद बहुत समय हो गया था। मुझे नहीं पता था कि मैं दोबारा जीत पाऊंगा या नहीं,

पास करना चाहते है यो-यो टेस्ट
कपूर अब फिटनेस का सबसे कठिन टेस्ट यो-यो टेस्ट पास करना चाहते हैं। यो-यो टेस्ट भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्यों की फिटनेस को पहचानने का एक महत्वपूर्ण आधार बन गया है। बता दें कि हाल ही में इस टेस्ट को भारतीय स्पिनर रविचंद्र आश्विन और बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा पास कर चुके हैं। कपूर ने कहा उनका अगला लक्ष्य फिट होना है। कपूर यो-यो टेस्ट पास कर 2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेना चाहते हैं।

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