स्वर्ण जीत भारत लौटे ब्रिज टीम ने IOA पर लगाया आरोप, मोदी के प्रोग्राम में शामिल होने नहीं मिल रहे ब्लेजर

स्वर्ण जीत भारत लौटे ब्रिज टीम ने IOA पर लगाया आरोप, मोदी के प्रोग्राम में शामिल होने नहीं मिल रहे ब्लेजर

Prabhanshu Ranjan | Publish: Sep, 04 2018 12:10:44 PM (IST) अन्य खेल

इंडोनेशिया से स्वर्ण पदक जीत भारत लौटे ब्रिज खिलाड़ी प्रणब बर्धन और शिवराज सरकार ने इंडियन ओलम्पिक एसोसिएशन पर आरोप लगाया है।

नई दिल्ली। इंडोनेशिया में संपन्न हुए 18वें एशियाई खेलों में भारत को अंतिम स्वर्ण पदक ब्रिज में मिला था। ये वो स्वर्ण पदक था, जिसके दम पर भारत ने अपने एशियाई खेलों में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की थी। यदि ब्रिज में प्रणब बर्धन और शिवनाथ सरकार की जोड़ी स्वर्ण न जीतती तो भारत 1951 में 15 स्वर्ण पदक जीतने की बराबरी नहीं कर पाता। लेकिन इतनी बड़ी उपलब्धि को सरकारी अधिकारी और महकमा इतनी जल्दी भूल जाएगे, इसकी उम्मीद न थी। इंडोनेशिया से भारत लौटने के बाद पदक विजेताओं के सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को एक समारोह आयोजित करवा रहे है।

बुधवार को होना है ये समारोह-
राजधानी नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित होने वाले इस समारोह ब्रिज में स्वर्ण जीतने वाले प्रणब बर्धन और शिवनाथ सरकार को भी आमंत्रित किया गया है। लेकिन इस प्रोग्राम में शिरकत करने के लिए उन्हें अबतक भारतीय आलम्पिक समिति (आईओ) ने आधिकारिक ब्लेजर नहीं दिए हैं। भारत के गैर-खिलाड़ी कप्तान और कोच देवाशीष रे ने कलकत्ता स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान कहा कि हमें प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए भारत के चिन्ह वाले ब्लेजर तक नहीं दिए गए। मुझे तो आमंत्रित भी नहीं किया गया।

आईओए का लोगो लगाने की योजना-
उन्होंने कहा कि पदक जीतने वाले सदस्य अपने पुराने ब्लेजर पर आईओए के चिन्ह लगाने की योजना बना रहे हैं। ताकि वह आधिकारिक रूप से फोटो खिंचा पाएं। रे ने आगे कहा कि हम अपने खुद के ब्लेजर पर आईओए का चिन्ह लगाने की योजना बना रहे हैं। हम ऐसे ही समारोह में भाग लेंगे क्योंकि हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं है।

हमें नहीं भेजना चाहता था आईओए-
कोच देवाशीष रे ने आगे आईओए पर एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि आईओए भारतीय दल को इन खेलों में भाग लेने के लिए भी नहीं भेजना चाहता था। लेकिन एचसीएल प्रमुख शिव नादर ने इसमें हस्तक्षेप किया और हमें जकार्ता जाने की अनुमति मिली। बताते चले कि ब्रिज का खेल ताश के पत्तों का होता है। इसमें स्वर्ण जीत प्रणव बर्धन औऱ शिवनाथ सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

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