CWG 2018: भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी दीपिका पल्लिकल के नाम रहे दो सिल्वर मेडल, ग्लासगो में जीता था सोना

CWG 2018 में भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी दीपिका-जोशना ने विमेंस डबल्स में सिल्वर मेडल जीता, पिछली बार इनके नाम रहा था गोल्ड।

By: Akashdeep Singh

Published: 15 Apr 2018, 04:10 PM IST

नई दिल्ली। गोल्ड कोस्ट कामनवेल्थ खेलों में भारत की स्क्वाश महिला डबल्स की टीम अपने ग्लास्गो के प्रदर्शन को दोहराने में नाकामयाब रही और फाइनल में हारकर सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। जोशना चिनप्पा-दीपिका पल्लिकल की जोड़ी को गोल्ड मेडल के मुकाबले में न्यूजीलैंड की जोले किंग और अमांडा लैंडर्स मर्फी की जोड़ी से हार मिली। ऐसे में भारतीय जोड़ी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

 

फाइनल मुकाबले में हारकर सिल्वर से करना पड़ेगा संतोष
जोले और मर्फी की जोड़ी ने 21 मिनट तक चले मैच में दीपिका-जोशना की जोड़ी को 11-9, 11-8 से मात दी और सोना जीता।न्यूजीलैंड की जोले और मर्फी की जोड़ी ने शुरुआत से ही मैच पर अपना दबदबा बनाय हुआ था। पहले गेम में 3-3 से बराबरी कर ली थी, लेकिन इसके बाद दीपिका-जोशना पिछड़ गईं और 9-11 से पिछड़ गई।दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी अपनी लय को फिर से हासिल नहीं कर पाई और ऐसे में इस गेम को भी 11-8 से हार गईं।

 

दीपिका मिक्स्ड डबल्स में भी जीत चुकीं हैं सिल्वर मेडल
भारत के सौरव घोषाल एवं दीपिका पल्लिकल कार्तिक की जोड़ी को मिश्रित युगल वर्ग के फाइनल में हार झेलनी पड़ी और रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। आस्ट्रेलिया की डोना क्यूहार्ट एवं कैमरुन पिले की जोड़ी ने भारतीय जोड़ी को 29 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में 2-0 (11-8, 11-10) से मात दी।आस्ट्रेलियाई जोड़ी पहले गेम की दमदार शुरुआत की और भारत की जोड़ी पर दबाव बनाया लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने भी खेल का स्तर बनाए रखा लेकिन वह पहला गेम 11-8 से हार गए।दूसरे गेम में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। भारतीय जोड़ी ने शुरुआती बढ़त बनाई लेकिन क्यूहार्ट एवं पिले ने दमदार वापसी करते हुए गेम को 11-10 से जीतक स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।


ग्लासगो से बेहतर रहा है गोल्ड कोस्ट का प्रदर्शन
भारत का गोल्ड कोस्ट खेलों में शानदार प्रदर्शन रहा है और उसने खेलों का अंत तीसरे पायदान पर किया है।भारत ने गोल्ड कोस्ट में 26 गोल्ड, 20 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज मेडल जीतें हैं। भारत के कुल 66 मेडल हैं जोकि उसके ग्लासगो 2014 के प्रदर्शन से चार ज्यादा हैं। भारत की बात की जाए तो उसने ग्लासगो में 15 स्वर्ण जीते थे लेकिन इस बार वह उस संख्या को पार करने में सफल रहा। हालांकि 2010 में अपनी मेजबानी में हुए 19वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 38 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीते थे, जो इन खेलों में उसका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है।

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