भारतीय जूनियर महिला मुक्केबाजों का धमाल, पोलैंड में जीते 6 स्वर्ण पदक

भारतीय जूनियर महिला मुक्केबाजों का धमाल, पोलैंड में जीते 6 स्वर्ण पदक

Prabhanshu Ranjan | Publish: Sep, 16 2018 02:47:41 PM (IST) अन्य खेल

भारतीय जूनियर महिला मुक्केबाजों ने पोलैंड में शानदार प्रदर्शन किया है। भारत की छह मुक्केबाजों ने फाइनल में जीत हासिल करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

नई दिल्ली। भारत की जूनियर मुक्केबाजों ने पोलैंड में आयोजित 13वीं अंतर्राष्ट्रीय सिलेसियन मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इस टूर्नामेंट में भारतीय मुक्केबाजों ने कुल छह स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य पदक जीते। इस टूर्नामेंट में कुल 17 देशों की मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया। भारतीय मुक्केबाजों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 12 वर्गो के फाइनल में जगह बनाई। इनमें से छह ने स्वर्ण हासिल किया।

स्वर्ण पदक जीतने वाले मुक्केबाज-

स्वर्ण जीतने वालों में भारती, तिंगमिला डोंगुल, संदीप कौर, नेहा, अर्षी, और कोमल शमिल हैं जबकि अमिशा, सान्या नेगी, आश्रेया मितिका, राज साहिबा और लिपाक्षी ने रजत पदक जीता। भारत के लिए एकमात्र कांस्य नेहा ने जीता, जो सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहीं।

पदक तालिका में पहले स्थान पर भारत-

भारतीयों के कुछ मुकाबले काफी कठिन हुए लेकिन तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए भारतीय खिलाड़ियों ने मेजबान पोलैंड को दोयम साबित किया और पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। फाइनल में भारती ने 46 किलोग्राम वर्ग में पोलैंड की इजाबेला इवांकजुक को 5-0 से हराया। इसके बाद मेरीकॉम अकादमी में मुक्केबाजी के गुर सीखने वाली टिंगमिला ने 48 किग्रा वर्ग में जर्मनी की एलिना को 5-0 से हराया। अगले मुकाबले में संदीप ने 52 किग्रा में पोलैंड की केरोलिना एम्पुलस्का को 5-0 से हराया।

कोमल का मुकाबला रहा रोचक -

सबसे रोचक मुकाबला कोमल और पोलैंड की जायबुरा के बीच हुआ। पोलैंड की मुक्केबाज को खिताब का दावेदार माना जा रहा था लेकिन कोमल ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत हासिल की। 54 किग्रा में नेहा ने लातविया की निकोलिका को 3-2 से हराते हुए भारत के लिए छठा स्वर्ण जीता।

सान्या नेगी को मिली हार-

रजत पदक जीतने वालों में सान्या नेगी को 60 किग्रा में स्विडन की थेलमा से 2-3 से हार मिली। इसी तरह मितिका और अमिषा को क्रमश: नतालिया और एलेक्सेस के हाथों 0-5 से हार मिली। अर्षी रिंग में नहीं उतर सकीं। इस कारण स्वीडन की लियोना को स्वर्ण मिला। अमनप्रीत चौधरी को इस टूर्नामेंट का सबसे अच्छा कोच चुना गया।

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