पद्मश्री से कई गुना बढ़ गई है मेरी जिम्मेदारियां : दीपा करमाकर

पद्मश्री से कई गुना बढ़ गई है मेरी जिम्मेदारियां : दीपा करमाकर
Dipa Karmakar

दीपा ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट है। वह बहुत ही थोड़े अंतर से पदक से चूक गई और रियो ओलंपिक में महिलाओं की वोल्ट स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहीं।

नई दिल्ली। भारतीय जिम्नास्ट दीपा करमाकर ने प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान पाने के बाद खुशी जताते हुए कहा कि इस सम्मान ने मेरी जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ा दी है। प्रोडुनोवा क्वीन के नाम से प्रसिद्ध दीपा ने कहा, आज मैं बहुत खुश हूं। इससे मेरी जिम्मेदारी कई गुना बढ गई है। मैं सभी स्पर्धाओं में पदक जीतने के लिए पूरी कोशिश करूंगी।

उल्लेखनीय है कि दीपा ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट है। वह बहुत ही थोड़े अंतर से पदक से चूक गई और रियो ओलंपिक में महिलाओं की वोल्ट स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहीं।

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खेल रत्न से सम्मानित 23 वर्षीय दीपा ने 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन जिमनास्टिक चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। दीपा प्रोडुनोवा वोल्ट को सफलता से करने वाली दुनिया की सिर्फ पांचवीं जिमनास्ट हैं। प्रोडुनोवा को जिमनास्टिक सबसे खतरनाक वोल्ट माना जाता है।

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दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी भी अपनी शिष्या के इस सम्मान से खुद को काफी सम्मानित महसूस कर रहे हैं। बिश्वेश्वर ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। दीपा ने हमें गौरव का क्षण दिया है। वह हमारा गौरव है। वह हमारे राज्य की गोल्डन गर्ल है। उसे पद्मश्री के लिए चुने जाने से उसकी तैयारी और बेहतर करने की मेरी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।






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