हॉकी खिलाड़ियों की जर्सी पर अब नहीं दिखेगा SAHARA, अगले 5 साल के लिए ओडिशा बना प्रायोजक

हॉकी खिलाड़ियों की जर्सी पर अब नहीं दिखेगा SAHARA, अगले 5 साल के लिए ओडिशा बना प्रायोजक

PRABHANSHU RANJAN | Publish: Feb, 15 2018 07:34:29 PM (IST) अन्य खेल

नेशनल गेम हॉकी में भारतीय खिलाड़ियों की जर्सी पर दिखने वाला SAHARA शब्द अब बीते दिनों की बात हो जाएगी।

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीमों को नया प्रायोजक मिल गया है। ओडिशा सरकार अगले पांच साल के लिए सीनियर राष्ट्रीय पुरुष एवं महिला हॉकी टीमों को प्रायोजित करेगी। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को हॉकी इंडिया (एचआई) के साथ हुए इस करार की घोषणा की। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में इस साल 28 नवंबर से 16 दिसंबर तक हॉकी विश्व कप टूर्नामेंट का आयोजन होगा। इसी के साथ लंबे समय से भारतीय हॉकी टीम की जर्सी पर दिखने वाला SAHARA शब्द अब नहीं दिखेगा।

अभी तक ऐसी हुआ करती थी जर्सी-

इस मौके पर नवीन पटनायक ने कहा, "हम इस साझेदारी से काफी खुश हैं। ओडिशा सरकार अगले पांच साल तक भारत की पुरुष और महिला टीमों को प्रायोजित करेगी। मैं आप सभी का विश्व कप के लिए स्वागत करता हूं।"

इस मौके पर टीम की नई जर्सी भी जारी की गई, जिस पर ओडिशा सरकार का नया लोगो है। इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) और भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा भी मौजूद थे।

इनके अलावा इस समारोह में भारत की पुरुष और महिलाओं की हॉकी टीमें और भारतीय हॉकी की मशहूर हस्तियां- दिलीप तिर्की, धनराज पिल्लै और विरेन रसकिन्हा भी उपस्थिति थे।

 

नवीन ने कहा, "ओडिशा में हॉकी एक खेल से ज्यादा है। यह जीवनशैली है। खासकर हमारे आदिवासी क्षेत्रों में जहां बच्चे हॉकी स्टिक से चलना सीखते हैं। इसीलिए ओडिशा ने भारत की सर्वश्रेष्ठ हॉकी प्रतिभाएं पेश की हैं। यह पहली बार हो रहा है कि एक राज्य सरकार न सिर्फ अपनी सीमा के अंदर एक खेल को बढ़ावा देगी बल्कि भारतीय हॉकी टीम को सहायता देगी और मेनटॉर करेगी। यह देश को ओडिशा का उपहार है।"

नवीन ने कहा, "हम चाहते हैं कि इस साझेदारी से भारत में हॉकी के खेल का विस्तार हो और यह सुनिश्चित हो कि भारत में लोग राष्ट्रीय खेल का भरपूर साथ दें। हम उम्मीद करते हैं कि नेशनल हॉकी के साथ ओडिशा का गठजोड़ इस खेल के लिए एक सुनहरा समय होगा।"

भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के लिए नया डिजाइन किया गया लोगो ओडिशा का मेल है। इसके बीच में कोणार्क व्हील है जो प्रगति और सशक्तिकरण का प्रतीक है, इसके अलावा यह उगते सूर्य और मशहूर तट का राज्य है जो सदियों से व्यापार मार्ग रहा है। इसके अलावा इसमें ओडिसी नृत्य रूप और बेशक हॉकी है जो पूरे राज्य को एकीकृत करता है।

आईओए अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने इस मौके पर ओडिशा सरकार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, "मैं इसके लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं। दिल्ली भारत की राजधानी है, मुंबई भारत की व्यवसायिक राजधानी है, मुझे इस बात को कहने में कोई परेशानी नहीं है कि भुवनेश्वर देश की खेल राजधानी है।"

विश्व कप का आयोजन इस साल नवम्बर में होना है। इसके लिए भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम का कायापलट किया जा रहा है। कायापलट का काम मई में पूरा हो जाएगा।

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