PWL: ओलपिंक मेडलिस्ट साक्षी मलिक से भिड़ेगी जूस बेचने वाली की बेटी

PWL: ओलपिंक मेडलिस्ट साक्षी मलिक से भिड़ेगी जूस बेचने वाली की बेटी

PRABHANSHU RANJAN | Publish: Jan, 13 2018 05:20:54 PM (IST) अन्य खेल

प्रो रेसलिंग लीग में आज साक्षी मलिक का मुकाबला महाराष्ट्र के रेशमा से होना है, बता दें कि रेशमा काफी संघर्ष के बाद इस मुकाम तक पहुंची है।

नई दिल्ली। किस्मत कब आप पर मेहरबान हो जाए कुछ कह नहीं सकते। कल तक कोल्हापुर में अपने पिता के गन्ने की जूस की दुकान पर हाथ बटाने वाली रेशमा माने आज प्रो रेसलिंग सीजन 3 में यूपी दंगल की ओर से खेलती नजर आएंगी। रेशमा को यूपी की टीम में चोटिल गीता फोगट की जगह शामिल किया गया है। वो आज मुम्बई के खिलाफ 62 किलोग्राम भारवर्ग में खेलती नजर आएंगी। इसके साथ ही रेशमा प्रो रेसलिंग लीग में महाराष्ट्र की ओर से जुड़ने वाली पहली महिला पहलवान बन गई हैं।

ओलिंपिक मेडलिस्ट से होगा मुकाबला

प्रो रेसलिंग लीग 3 में आज यूपी की टीम मुम्बई मराठा की टीम से भिड़ने जा रही हैं। ऐसे में आज 62 किलोग्राम भारवर्ग में रेशमा का मुकाबला रियो ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साक्षी मलिक से होगा जो कि मुम्बई महारथी की आईकन स्टार हैं। पिछले साल नैशनल चैम्पियनशिप में साक्षी के खिलाफ रेशमा मैट पर उतर चुकी हैं लेकिन वहां रेशमा को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि 2016 की नैशनल चैम्पियनशिप में वो सीनियर और जूनियर स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी हैं। इसके अलावा वो कई बार विदेशों में अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेल चुकी हैं। साथ 2014 यूथ ओलिंपिक में भी रेशमा ने भाग लिया था।

सरकार की मदद से घर में बनाया है आखाड़ा

20 साल की रेशमा का जन्म महाराष्ट्र के कोल्हापूर जिले के वेडांगे गांव में हुआ। जूनियर स्तर पर अपने खेल से सबका दिल जीतने वाली रेशमा जल्दी ही अपने राज्य में मशहूर होने लगी लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें वो स्तर नहीं मिल पाया जिसकी वो हकदार हैं। पिताए अनिल माने आज भी वेडांगे में गन्ने का जूस बेचते हैं और बड़ी मुश्किल से पांच बच्चों वाले परिवार का खर्चा पानी चलाते हैं। हालांकि राज्य सरकार की मदद से पिता ने घर के पास ही आखाड़ा खोल रखा है जिसमें रेशमा के दोनों सगे भाई और उसके चाचा के दो बच्चे भी अभ्यास करते हैं। रेशमा इस समय अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दे रही हैं। वो कोल्हापूर के न्यू कॉलेज से ग्रेजुएशन सेकेंड ईयर की स्टूडेंट भी हैं। रेशमा ने भी अपने पिता को कभी निराश नहीं किया। उन्होंने अपने कोच विश्वास हरावले की देखरेख में कुश्ती की बारीकियां सीख रही हैं।

पुराना है पहलवानों का महाराष्ट्र से रिश्ता

जाहिर है कि महाराष्ट्र से खाशाबा जाधव और मारुति माने जैसे महान पहलवान हुए, जिन्होंने 50 से 70 के दशक में खासा नाम कमाया। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि रेशमा भी महाराष्ट्र से निकलकर एक अच्छे महिला रेसलर के तौर पर अपने राज्य का नाम रोशन करेंगी। बता दें कि प्रो रेसलिंग लीग 3 का आयोजन 9 से 26 जनवरी के बीच दिल्ली के सीरीफोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में किया जा रहा है जिसमें 6 टीमें भाग ले रही हैं।

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