ISSF WORLD CUP: तेजस्विनी ने गोल्ड से खोला भारत का खाता, जम्मू-कश्मीर के चैन ने जीता सिल्वर मेडल

म्यूनिख मे चल रहे निशानेबाजी विश्व कप मे भारत को पहले दिन तीन मेडल मिले हैं, जिसमे एक गोल्ड और दो सिल्वर हैं।

By: Akashdeep Singh

Published: 24 May 2018, 03:59 PM IST

नई दिल्ली। साल 2018 के आखिरी निशानेबाजी विश्व कप में भारत की 31 सदस्यीय दल निशानेबाजी दल भाग ले रहा है। जर्मनी के म्यूनिख मे आयोजित विश्व कप में भाग ले रहे भारत के दिग्गज शूटरों से देश को पदक की आस तो है ही साथ ही यूवा शूटरों से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। इसी उम्मीद को विश्व कप के पहले ही दिन पदक मे तब्दील किया है निशानेबाज तेजस्विनी सावंत और चैन सिंह ने। तेजस्विनी ने गोल्ड मेडल जीता है वहीं जम्मू-कश्मीर के चैन सिंह को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा है।


तेजस्विनी ने जीता गोल्ड
अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए गोल्ड कोस्ट कामनवेल्थ खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट तेजस्विनी ने म्युनिक विश्व कप मे भी महिलाओं की 50 मीटर राइफल प्रोन मे गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। तेजस्विनी ने 621.4 अंक हासिल करते हुए गोल्ड पर कब्जा जमाया, वहीं भारत की एक और निशानेबाज अंजुम मोदगिल ने 621.2 अंकों के साथ सिल्वर पर कब्जा जमाया।


जम्मू-कश्मीर के चैन ने जीता सिल्वर
चैन सिंह को सिल्वर मेडल से करना पड़ा संतोष। पुरुषों की 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट मे चैन ने 627.9 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। पहले स्थान पर अमेरिका के मैथ्यू एम्मोंस 628.9 के साथ रहे। चैन सिंह का जन्म जम्मू और कश्मीर के डोडा जिले मे हुआ था। वह भारतीय सेना मे जवान हैं और उन्होंने वहीं से निशानेबाजी के गुर सीखे हैं।


अभी इनसे होंगी उम्मीदें
अपूर्वी चंदीला और मेहुली घोष जैसे अनुभवी भारतीय निशानेबाजों से सुनहरी सफलता की उम्मीद है। होचब्रुक स्थित ओलंपिक शूटिंग रेंज में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) के राइफल/ पिस्टल विश्वकप का आखिरी चरण आयोजित किया जाएगा। विश्वकप के दूसरे दिन अंजुम इस वर्ष के अपने दूसरे विश्व पदक के लिये उतरेंगी जबकि उनके साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में मेहुली घोष और अपूर्वी चंदीला भी पदक के लिये अन्य भारतीय दावेदार होंगी।

 

817 खिलाड़ी ले रहे हैं भाग
टूर्नामेंट में 84 राष्ट्रीय ओलंपिक समिति सदस्यों के 817 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। भारत के नौ एथलीट पदक के बजाय केवल अंतरराष्ट्रीय अंक पाने के लिये खेलने उतरेंगे। राइफल और पिस्टल निशानेबाजों के लिए अगस्त तथा सितंबर में कोरिया के चांगवान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप से पहले यह अपनी फार्म परखने का आखिरी मौका होगा जो टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिये पहला क्वालिफाइंग टूर्नामेंट भी है।

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