पाक आर्मी जनरल का कबूलनामा, CPEC के लिए खतरा बन चुके बलूच आंदोलन को दबाना चाहता है चीन

HIGHLIGHTS

  • पाकिस्तानी सेना ( Pakistan Army ) के एक जनरल ने चीन को लेकर सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि बलूच आजादी आंदोलन को कुचलने में चीन की एक बड़ी भूमिका है।
  • जनरल ने इस बात को कबूल किया कि चीन ने बलूचों द्वारा चलाए जा रहे आजादी के आंदोलन को समाप्त करने के लिए 6 महीने का वक्त दिया है।

By: Anil Kumar

Updated: 31 Jan 2021, 05:36 PM IST

इस्लामाबाद। आर्थिक तौर पर कंगाल हो चुके पाकिस्तान ( Pakistan ) का फायदा उठाने के लिए चीन ने CPEC नाम के जिस जाल जाल को फेंका था अब उसी जाल में चीन खुद उलझ गया है। CPEC का लगातार विरोध कर रहे बलूचों ने चीन के नाक में दम कर दिया है। लिहाजा, चीन अब बलूच आंदोलन को दबाने के कोशिश में हैं। इसका खुलासा खुद पाकिस्तान के आर्मी जनरल ने की है।

पाकिस्तानी सेना ( Pakistan Army ) के एक जनरल ने चीन को लेकर सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि बलूच आजादी आंदोलन को कुचलने में चीन की एक बड़ी भूमिका है। जनरल ने इस बात को कबूल किया कि चीन ने बलूचों द्वारा चलाए जा रहे आजादी के आंदोलन को समाप्त करने के लिए 6 महीने का वक्त दिया है।

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पाकिस्तानी सेना जनरल ने बांग्लादेशी अखबार 'द डेली सन' को दिए साक्षात्कार में ये बात स्वीकार की है कि बलूच आंदोलन को कुचलने के लिए चीन ने मुझे (पाकिस्तानी सेना) यहां तैनात किया है और इसके लिए मुझे छह महीने की समय सीमा दी गई है।

पाकिस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन है ईरान

पाकिस्तान सेना के प्रमुख जनरल अयमान बिलाल ने कहा कि ईरान पाकिस्तान का सबसे बड़ा दुश्मन है। हमारी सेना ईरान के अंदर जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि चीन ने मुझे वेतन और एक बड़ी राशि दी है। चीन ने अपने क्षेत्रीय हितों के लिए और CPEC (चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) के खिलाफ ईरान की साजिशों को विफल करने के लिए यहां तैनात किया है।

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बता दें कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब और पिछड़ा प्रांत है। पाकिस्तानी सेना लगातार 2005 से बलूचिस्तान में अभियान चला रही है। बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से आजादी की लगातार गुहार लगा रहे हैं। इस बीच चीन ने अरबों रुपये के निवेश के साथ CPEC परियोजना शुरू की है, लेकिन आजादी के लिए संघर्ष कर रहे बलूचिस्तानियों से CPEC परियोजना खतरे में पड़ गया है। बता दें कि चीन ने 2015 में बलूचिस्तान में 46 बिलियन अमरीकी डॉलर के आर्थिक परियोजना की घोषणा की थी।

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