Pakistan: मंदिर तोड़ने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, दो सप्ताह में निर्माण कराए सरकार

HIGHLIGHTS

  • पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ( Pakistan Supreme Court ) ने हिन्दू मंदिर ढहाए जाने के मामले में खैबर पख्तूनख्वा की सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए दो सप्ताह में निर्माण कारने का आदेश दिया है।
  • मंदिर विध्वंस के मामले में अब तक 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि पाकिस्तान सरकार ने दोषी पाए गए 8 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

By: Anil Kumar

Updated: 05 Jan 2021, 09:03 PM IST

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ( Pakistan ) के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू मंदिर ढहाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने खैबर पख्तूनख्वा की सरकार को आदेश दिया है कि दो हफ्ते के अंदर मंदिर का निर्माण कराया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे घटना पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए प्रांतीय सरकार को फटकार लगाई और कहा कि दो सप्ताह के अंदर मंदिर का निर्माण कराएं। इसके साथ ही श्री परमहंस जी महाराज की समाधि का भी पुनर्निर्माण कराएं।

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चीफ जस्टिस गुलजार अहमद ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मंदिर में तोड़फोड़ करने वाले ही इसके पुनर्निर्माण का खर्च उठाएंगे। बता दें कि पिछले सप्ताह बुधवार को कट्टरपंथियों ने मंदिर में तोड़फोड़ करते हुए ढहा दिया था। जिसके बाद गुरुवार की शाम को चीफ जस्टिस अहमद ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रशासन को आदेश दिया था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

अब तक 100 से अधिक गिरफ्तार

आपको बता दें कि मंदिर विध्वंस के मामले में अब तक 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी लोगों को आतंकवाद रोधी अदालत ( ATC ) में पेश किया गया। जिसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को तीन दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। इसके अलावा पाकिस्तान सरकार ने इस मामले में दोषी पाए गए 8 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

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मासूम हो कि इस पूरी घटना को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के नेताओं ने मंदिर पर हमले की कड़ी निंदा की है। वहीं भारत ने भी कड़ी आपत्ति जताई थी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की थी।

गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले के टेरी गांव में पिछले बुधवार को कुछ स्थानीय मौलवियों और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम पार्टी (फजल उर रहमान समूह) के समर्थकों की अगुवाई में भीड़ ने पुराने ढांचे के साथ-साथ नए निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया था और आग लगा दी थी।

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