Pakistan: सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दू मंदिर ढहाए जाने पर लिया स्वत: संज्ञान, 5 जनवरी को होगी सुनवाई

HIGHLIGHTS

  • Pakistan Hindu Temple Vandalized: गुरुवार को पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद ने कट्टरपंथियों द्वारा हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ करने के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है।
  • बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में करक जिले के टेरी गांव में स्थानीय मौलवीयों की अगुवाई में भीड़ ने हिन्दू मंदिर को ढहा दिया था।

By: Anil Kumar

Updated: 01 Jan 2021, 04:49 PM IST

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों ( Pakistan Minority ) के साथ अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ता ही जा रहा है। वहीं हिन्दू मंदिरों में तोड़फोड़ ( Hindu Temple Demolished ) की जा रही है। अब बुधवार एक बार फिर से कट्टरपंथियों ने हिन्दू मंदिर को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ की। अब इस मामले में गुरुवार की शाम को पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद ( Chief Justice of Pakistan Gulzar Ahmed ) ने स्वतः संज्ञान लिया है।

बुधवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में करक जिले के टेरी गांव में स्थानीय मौलवीयों की अगुवाई में भीड़ ने हिन्दू मंदिर को ढहा दिया था। अब इस मामले में चीफ जस्टिस ने स्वतः संज्ञान लिया है और इसकी सुनवाई 5 जनवरी को होगी। चीफ जस्टिस अहमद ने अल्पसंख्यक अधिकार आयोग के चेयरमैन, पुलिस चीफ और प्रांत के चीफ सेक्रटरी को 4 जनवरी तक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

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मालूम हो कि श्री परमहंस जी महाराज जी की इस समाधि को हिंदू श्रद्धालुओं के बीच काफी पावन माना जाता है और यहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन को पहुंचते हैं। इससे पहले 1997 में भी यहां पर हमला किया जा चुका है।

मुख्य आरोपी मौलवी समेत 14 गिरफ्तार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नोटिफिकेशन जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू काउंसिल के पेट्रन-इन-चीफ रमेश कुमार से मुलाकात के बाद घटना का संज्ञान लिया है। रमेश कुमार ने कहा 'मैं न्यायपालिका में भरोसा करता हूं और उम्मीद है कि इस मामले में न्याय किया जाएगा।'

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इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी मौलवी मोहम्मद शरीफ समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI-F) के दो स्थानीय मौलवियों मौलवी मोहम्मद शरीफ और मौलाना फैजुल्लाह सहित सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने कहा कि और भी लोगों की गिरफ्तारियां करने के लिए छापेमारी की जा रही है।

बता दें कि मंदिर पर हमले को लेकर मानवाधिकार संगठनों और हिंदू नेताओं ने निंदा की है, वहीं प्रांतीय सरकार ने अधिकारियों को क्षतिग्रस्त मंदिर के पुनर्निर्माण कराने का आदेश दिया है और अपराधियों को सजा दिलाने को लेकर आश्वस्त किया है।

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