कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए बढ़ाया जाएगा 25 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र

- दुबारा प्रस्ताव तैयार, अब कुछ संशोधन के साथ भेजा जाएगा

By: rajendra denok

Published: 06 Jan 2020, 03:41 PM IST

पाली/उदयपुर. मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने कुंभलगढ़ वन्य जीव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित किए जाने के प्रस्ताव को तकनीकी संशोधन के लिए एक बार फिर लौटा दिया है। अब संशोधन के साथ प्रस्ताव दुबारा भेजा जाएगा। बाघ संरक्षित क्षेत्र घोषित करने के लिए विभाग ने कुछ फेरबदल करने को कहा है ताकि एनटीसीए के मापदण्ड में प्रस्ताव खरे साबित हो सके।

अब यह नया प्रस्ताव तैयार

सूत्रों ने बताया कि बाघ संरक्षित क्षेत्र में अब 355 वर्ग किलोमीटर एरिया को बढ़ाकर 380 वर्ग किलोमीटर किया गया है। नए प्रस्ताव में करीब 25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल बढ़ाया गया है। बाघ संरक्षित क्षेत्र दिवेर की नाल से लगाकर मघा की माल से पाली जिले के लाटाड़ा तक की सीमा तय की गई है। यह एरिया करीब 60 किमी. लम्बा और 6 से 10 किमी. तक की चौड़ाई में फैलाव लिए होगा। नए प्रस्ताव में 2 किमी. की पैराफेरी में 75 व 5 किमी. की पैराफेरी में 82 गांव आते हैं। एक किमी. की दूरी में सीमा से लगते 35 गांव शामिल है। सीमा से लगते सेवंत्री, उमरवास, रूपनगर, बागोल, कोट, पनोता, सुमेर, गांथी, लापी, मांडीगढ़, राजपुरा गांव है। इसके अलावा अभयारण्य में मौजूद शाकाहारी जीवों की संख्या का आंकडा भी मांगा गया है।

इन्होंने कहा
मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने टाइगर रिजर्व के लिए पूर्व में भेजे गए प्रस्तावों को संशोधन के लिए भेजा है। कुछ तकनीकी संशोधन कर लिए गए है। जो जानकारियां मांगी गई थी, उसकी पूर्ति कर संशोधित प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसी माह सरकार को भिजवा दिया जाएगा।

-यादवेंद्रङ्क्षसह चुण्डावत, सहायक वन संरक्षक, सादड़ी रेंज

rajendra denok Reporting
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