मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का चक्र टूटा, यहां एक ही दिन में मिले 54 कोरोना पॉजिटिव

-गाइड लाइन की पालना से ही कोरोना से बचाव संभव

By: Suresh Hemnani

Published: 05 Apr 2021, 09:10 AM IST

पाली। साल 2021 लगते ही कोरोना का कहर कम हो गया। लेकिन, मार्च के बाद से लोगों के मास्क से परहेज करने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने ये चक्र टूट गया। नतीजा यह निकला कि कोरोना मरीज बढऩा शुरू हो गए। जिले में रविवार को एक साथ 54 नए केस सामने आए। इनमें से पाली शहर में ही 18 कोरोना पॉजिटिव मिले है। जबकि चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़े इससे बहुत कम महज छह ही है। विभाग 48 कोरोना पॉजिटिव ही बता रहा है।

पाली शहर में रविवार को नवलखा रोड पर सबसे अधिक 6 मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले है। इसके अलावा विद्या नगर, मेट्रो प्लाजा, बापू नगर विस्तार, समर्थ नगर, मणि नगर, आदर्श नगर, टैगोर नगर, वीडी नगर, पुराना हाउसिंग बोर्ड व हैदरकॉलोनी में भी मरीज मिले है। जिले के पतावा गांव में 11 मरीज मिले है। जबकि पावा में 2, जैतारण की सीमेन्ट फैक्ट्रियों में दो, बारसा व चेंडा में दो और बसंत, बेडल, रडावा बाली, दांतीवाड़ा, नाडोल, जवडिय़ा, रोहट, आनन्दपुर कालू, शिवपुरा, रायपुर, गजनीपुरा व मारवाड़ जंक्शन में मरीज सामने आए है। फालना व नाणा पुलिस थाने के दो कार्मिक भी पॉजिटिव है।

इधर, सरकारी आंकड़ों में 177 पॉजिटिव
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अब 177 पॉजिटिव केस है। जबकि रविवार को 21 मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है। अब तक जिले में दो लाख 1 हजार 420 सेम्पल की जांच की गई है। इनमें से 11 हजार 297 मरीज पॉजिटिव आए और 11011 मरीज ठीक हो चुके है। जबकि 109 जनों की मौत हुई है।

अप्रेल शुरू होते ही पहले से हालात
पिछले साल अप्रेल के बाद मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी थी। इस बार इस माह की एक तारीख से ही मरीजों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया है। एक अप्रेल को 9, दो को 20, तीन को 29 मरीज सामने आए थे। वहीं चार को यह संख्या लगभग दोगुना तक पहुंच गई है। जबकि 30 मार्च को छह व 31 को 8 मरीज पॉजिटिव आए थे।

मुम्बई में बिगड़ते हालात के बीच प्रवासियों का गांव पहुंचना शुरू
सुमेरपुर। कोरोना की दूसरी लहर और मुम्बई में लॉकडाउन लगने की आशंकाओं के बीच प्रवासियों का राजस्थान पहुंचना शुरू हो गया है। उधर, कोरोना की दूसरी लहर का असर सुमेरपुर उपखण्ड पर भी पडऩा शुरू हो गया। बामनेरा गांव में एक ही परिवार के पांच जने पॉजिटिव मिलने के बाद उपखण्ड क्षेत्र में एक्टिव केस बढकऱ 28 हो गए हैं। प्रशासन की सख्ती का असर आमजन पर पड़ता नजर नहीं आ रहा है। जिले में लगी धारा-144 बेअसर साबित हो रही है।
इन दिनों महाराष्ट्र में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। लॉकडाउन लगने की आंशका के चलते वहां नौकरी व मजदूरी कर रहे प्रवासी लोग गत साल हुई परेशानी से बचने के लिए अभी से ही गांवों का रुख कर रहे हैं। सुमेरपुर उपखण्ड क्षेत्र में अधिकांश प्रवासी निजी ट्रेवल्स के माध्यम से पहुंच रहे हैं। बिना जांच करवाए सीधे अपने गांवों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से केवल जवाईबांध स्टेशन पर टीम लगा रखी है।

Suresh Hemnani
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