अतिरिक्त प्रमुख सचिव पाली में कपड़ा उद्यमियों से बोले : आप मुझे सूप पिलाकर समाधान नहीं करा सकते...

- अतिरिक्त प्रमुख सचिव (उद्योग) सुबोध अग्रवाल [ Additional Chief Secretary (Industry) Subodh Aggarwal ] ने ली कपड़ा उद्यमियों की बैठक

By: Suresh Hemnani

Updated: 03 Jan 2020, 05:51 PM IST

पाली। राष्ट्रीय हरित प्राधीकरण [ National Green Authority ] की हिदायत के बाद कपड़ा उद्योग [ textile industry ] के हालात जानने पाली आए अतिरिक्त प्रमुख सचिव (उद्योग) सुबोध अग्रवाल [ Additional Chief Secretary (Industry) Subodh Aggarwal ] ने उद्यमियों को खरी-खरी सुनाई। टैगोर नगर स्थित एक निजी आवास पर आयोजित बैठक में उन्होंने उद्यमियों से कहा कि अच्छा वकील करने से आपकी नाकामियां नहीं छिप सकती। बरसों से एक जैसी समस्या सामने आ रही है, इसके बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। इसका सीधा-सा तात्पर्य यही है कि आपकी मंशा सही नहीं है।

उन्होंने एनजीटी कमिश्नर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उद्यमियों से सवाल किया कि बताइए स्काडा सिस्टम सही क्यों नहीं चल रहा है? आपने बड़ी मात्रा में स्लज जमा कर रखी है इसका निस्तारण कौन करेगा? सीइटीपी प्लांट कभी नियमों के अनुरूप नहीं चल पाया, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? उन्होंने दो टूक कहा कि गड़बड़ी तो स्वीकार करनी होगी। यदि सभी उद्यमी गलत नहीं हैं तो ऐसे उद्यमियों की पहचान क्यों नहीं की जा रही जो पूरे कपड़ा उद्योग को नुकसान पहुंचाने पर तुले हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आपने खुद ही समस्या को जन्म देकर विकराल रूप दिया है। इस कारण एनजीटी को भी सख्ती बरतनी पड़ रही है। उन्होंने सीइटीपी पदाधिकारियों और उद्यमियों से हालात पर शीघ्र काबू पाने के निर्देश दिए।

सूप पिलाकर समाधान नहीं करा सकते
बैठक के दौरान सीइटीपी सचिव अरुण जैन ने कपड़ा उद्योग की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए मांग उठाई कि चेंज ऑफ मशीनरी के निमयों में सरलीकरण किया जाए। जैन ने कपड़ा उद्योग से जुड़ी अन्य कई मांगें भी रखी। इस पर एसीएस अग्रवाल ने दो टूक कहा कि आप सूप पिलाकर मेरे से समाधान की उम्मीद कर रहे हैं तो यह संभव नहीं। चेंज ऑफ मशीनरी में सरलीकरण की मांग जयपुर स्तर पर बताई जानी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि पहले आप खुद में सुधार करें। सरकार की मंशा उद्योग बंद कराने की कतई नहीं है। उद्योग विभाग कोई पुलिस नहीं जो इकाइयों को तत्काल बंद करा दे। उन्होंने कहा कि उद्योग चलने चाहिए, लेकिन नदी और बांध को भी कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता अमित शर्मा को निर्देश दिए कि वे अपनी टिप्पणी के साथ फाइल जयपुर भेजें। इससे पूर्व पूर्व सभापति केवलचंद गुलेच्छा ने चेंज ऑफ मशीनरी के मुद्दे पर सरकार से रियायत देने की मांग की।

एसटीपी के लिए नई नीति बना रही सरकार
पत्रिका से बातचीत में एसीएस अग्रवाल ने कहा कि सरकार एसटीपी के लिए नई नीति ला रही है। प्रदेशभर में एसटीपी का संचालन व्यवस्थित रूप से करने के लिए तकनीकी अधिकारियों का मार्गदर्शन लिया जाएगा। पाली के कपड़ा उद्योग की दुर्गति को लेकर अग्रवाल का कहना है कि सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है। कपड़ा उद्योग को पुन: खड़ा करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। उद्योगों को रियायती दरों पर बिजली की उपलब्धता को लेकर सरकार मंथन कर रही है। इसके लिए सोलर पॉलिसी से काफी महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। उन्होंने भरोसे के साथ कहा कि उद्योग की स्थिति सरकार की जानकारी में है।

रोहट औद्योगिक क्षेत्र को लग सकते हैं पंख
सालों से फाइलों में दबे रोहट औद्योगिक क्षेत्र को अब पंख लग सकते हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ड्रीम प्रोजेक्ट को गति मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसीएस अग्रवाल शुक्रवार को रोहट का दौरा करेंगे। वे औद्योगिक क्षेत्र के विकास में आ रही बाधाओं को लेकर स्थानीय अधिकारियों से चर्चा करेंगे। सरकार इसे औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है।

सर्किट हाउस में अधिकारियों से मुलाकात
एसीएस अग्रवाल ने सर्किट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। जिला कलक्टर दिनेशचंद जैन, अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्रसिंह चौधरी, उपखण्ड अधिकारी रोहिताश्वसिंह तोमर, आइएएस प्रशिक्षु देशलदान, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता अमित शर्मा, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक सैयद अब्दुल रज्जाक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अग्रवाल ने एनजीटी के निर्देशों को लेकर स्थानीय अधिकारियों से चर्चा की।

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