सादगी से मनाई अक्षय तृतीया : किसानों ने की खेत-खलियान की पूजा-अर्चना, बच्चों ने रचा वर-वधु का स्वांग

- जैन धर्म के लोगों ने की आदिनाथ भगवान की पूजा

By: Suresh Hemnani

Published: 14 May 2021, 09:09 PM IST

पाली। शहर सहित पाली जिले के ग्रामीण अंचल में शुक्रवार को अक्षय तृतीया (आखातीज) का त्योहार लॉकडाउन के कारण सादगी से मनाया गया। आमजन ने घरों में गळवाणी खींच का भोजन बनाने के साथ सूर्य देवता की पूजा-अर्चना की। लोगों ने भगवान विष्णु व लक्ष्मी की पूजा की। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार जो भी कार्य इस दिन किए जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसलिए इस दिन को अक्षय तृतीया कहा जाता है। यही वह दिन है जब भगवान शिव ने कुबेर को खजाना और माता लक्ष्मी को धन की देवी होने का आशीर्वाद दिया था।

जैन धर्म के लोगों ने की आदिनाथ भगवान की पूजा
इस दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान ने एक वर्ष की पूर्ण तपस्या करने के पश्चात इक्षु रस से पारायण किया था। भगवान आदिनाथ की जैन धर्म के लोगों ने पूजा की।

बाजार बंद होने से नहीं हो पाई खरीदारी
अक्षय तृतीया पर सोने की खरीदारी जमकर की जाती है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते बाजार बंद रहे, इस कारण खरीदारी नहीं हो पाई। ज्वेलर्स की दुकानें बंद रही। आमजन ने घरों में ही रहकर यह त्योहार मनाया।

आखा तीज पर बच्चें बने दुल्हा-दुल्हन
राणावास। कस्बें में शुक्रवार को लोगों ने घरों में रहकर कोरोना गाइड की पालना के साथ अक्षय तृतीया मनाई गई। इस मौके पर भगवान परशुराम की पूजा की गई। बच्चों ने वर-वधु का स्वांग रचकर लोगों से घर जाकर आशीर्वाद लिया। वहीं सुबह काश्तकारों ने अपने खेत-खलिहान में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर अच्छे वर्ष की कामना की।

Suresh Hemnani
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