13 दिन से बांगड़ अस्पताल में 36 तरह की निशुल्क जांचे बंद, मरीज परेशान

13 दिन से बांगड़ अस्पताल में 36 तरह की निशुल्क जांचे बंद, मरीज परेशान

Om Prakash Tailor | Updated: 14 Jul 2019, 05:25:16 PM (IST) Pali, Pali, Rajasthan, India

एमओयू का पेच : 30 जून को खत्म हो चुका है एमओयू, फिर भी नहीं उठाया कदम, मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी

पाली। हाल ही में राज्य सरकार ने बजट में नि:शुल्क दवा व जांच योजना में इजाफा करने की घोषणा कर दी। इसमें 104 नई दवाइयां बढ़ाने के साथ ही सिटी स्केन की जांच भी नि:शुल्क कर मरीजों को राहत देने की बात कही। लेकिन, पाली में हालात उलट है। यहां जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल में पहले से चल रही नि:शुल्क जांच में से 36 तरह की जांचें पिछले 13 दिनों से नहीं हो पा रही है। इससे रोजाना मरीजों को निजी लैब में जेब ढीली कर जांच करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बांगड़ अस्पताल के आउटडोर में कमरा संख्या 16 में निशुल्क जांच केन्द्र बनाया हुआ है। सरकार एवं पूना की कृष्णा डाइग्नोस्टिक ऑफ इंडिया के बीच हुए अनुबंध के तहत यहां 36 प्रकार की जांचे निशुल्क की जाती है। लेकिन, जून माह में एमओयू पूरा होने के बाद से अभी तक सरकार नए एमओयू की प्रक्रिया पूर्ण नहीं कर सकी है। इसके चलते एक जुलाई से लेकर अभी तक ब्लड, शुगर, यूरिन आदि 36 तरह की महंगी जांचे बंद पड़ी है। लैब के दरवाजे पर सूचना चस्पा कर रखी है। इस पर साफ शब्दों में लिखा है कि जांच कुछ समय के लिए बंद है। 20 जुलाई के बाद संपर्क करें।


यह जांच नि:शुल्क
जिला अस्पताल में गंभीर बीमारियों से संबंधित जांच नि:शुल्क होती है, जिसमें जीजीटी, एचबीए1सी, लिप्स, माइक्रोएल्ब्यूमिनरा, ग्राम स्टेनिंग, यूरीन कल्चर एंड सेंस्टेविटी, ब्लड कल्चर एंड सेंस्टेविटी, सीएसएफ कल्चर एंड सेंस्टेविटी, स्टूल कल्चर एंड सेंस्टेविटी, थ्रोट स्वाब कल्चर एंड सेंस्टेविटी, डेंगू, लाइजा टेस्ट, एस थाइप्स, लाइजा, एंटी, एचसीपी एंटी बॉडी एलाइजा, टी3, टी4 टीएसएच, एफएसएफ, एलएच, प्रोलेक्टिन, टॉर्स, फर्टीन, आयरन, आयरन बिन्डिंग कैपेसिटी, विटामिन डी लेवल, विटामिन बी-12, एपीटीटी, हीमोफीलिया प्रोफाइल, थैलेसीमिया प्रोफाइल एचपीएलसी, जी6पीडी, एएनए, पीएसए, एफडीपी, पीएपी सिमर्स, एफएनएसी, बायोप्सी की जांच शामिल है।
इको की जांच भी बंद 
हृदय रोगियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मशीन होने के बाद भी इको की जांच नहीं हो रही है। पहले फिजिशियन इको की जांच कर लेते थे लेकिन अब वे नहीं कर रहे। इधर, बांगड़ मेडिकल कॉलेज एक भी कॉडियोलॉजिस्ट नहीं है। ऐसे में इको नहीं हो पा रही है। इससे हृदय रोगियों को परेशानी है।

निजी में जांच शुल्क
शुगर जांच 400-450
यूरिन इंफेक्शन 600-650
ब्लड इंफेक्शन 200-2500
हार्मोन्स जांच 4000-5000
आयरन जांच 2000-2500
विटामिन डी 1300-1500
विटामिन बी-12 900-1200

सिर दर्द व बदन दर्द हो रहा है। बांगड़ अस्पताल में दिखाया। उन्होंने दवाइयों के साथ बीपी, शुगर की जांच लिखी तथा थाइराइड की जांच बाहर से करवाने की बात कही।
- प्रेमलता, पुराना हाउसिंग बोर्ड
बदन दर्द हो रहा था। अस्पताल में चिकित्सक ने विटामिन डी लेवल व विटामिन बी-12 की जांच लिखी। लैब में जांच बंद थी। बाहर इन जांचों के लिए दो हजार खर्च हो जाएंगे।
- मोहमद हारून, हैदर कॉलोनी
सीने में दर्द होने पर  परिजनों के साथ बांगड़ अस्पताल पहुंची। चिकित्सक ने ईको की जांच लिखी। जांच करवाने पहुंची तो पता चला फिजिशियन ईको नहीं करते।
भारती सोमनानी, आदर्श नगर

सरकार के आदेश के इन्तजार में
मेडिकल जांच के लिए सम्बन्धित कम्पनी का सरकार के साथ एमओयू जून माह तक ही था। एमओयू आगे बढ़ाया गया है या नहीं। इसको लेकर सरकार से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ। इसके चलते कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा की जाने वाली 36 जांच फिलहाल बंद है।
- डॉ. ए.डी. राव, पीएमओ, बांगड़ अस्पताल, पाली

 

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