VIDEO : गुणवत्ता पर सवाल : यहां के अस्पताल में कराए गए निर्माण कार्यों की खुली पोल, खाली कराए वार्ड

Suresh Hemnani | Publish: Sep, 23 2019 02:14:45 PM (IST) Pali, Pali, Rajasthan, India

-पाली के बांगड़ अस्पताल के दो वार्डों सहित गैलेरी में उखड़ी सीलिंग छत, टाइल्स भी टूटी

Broken ceiling and tiles in Bangar Hospital of Pali :

पाली। मेडिकल कॉलेज के तहत बांगड़ अस्पताल में करवाए गए निर्माण कार्यों की दो वर्ष के भीतर ही पोल खुलने लगी है। आलम यह है कि अस्पताल के दो-तीन वार्डों में सीलिंग छत टूट कर लटक गई। ऐसे में वार्ड खाली करवाने पड़े। इधर गैलेरी में लगाई गई टाइल्स व सीलिंग छत भी कई जगह से टूटी हुई है। लेकिन, सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।

बांगड़ कॉलेज के मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए पर करोड़ों रुपए का बजट आया। इसमें नया आउटडोर बनाने से लेकर चिकित्सकों के आधुनिक कक्ष एसी सहित बनाए गए। पीएमओ कार्यालय भी प्रथम तल पर एसी रूम में शिफ्ट किया गया। लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते ठेकेदार ने कार्य गुणवत्ता पूर्ण नहीं किया। नतीजतन अस्पताल की गैलेरी व कई वार्डों में जगह-जगह लगी टाइल्स उखड़ चुकी है तो सीलिंग छत भी टूट कर लटकने लगी है। येे अस्पताल की सुंदरता को कम करने के साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी की ओर इशारा कर रही है।

हादसे के अंदेश से खाली करवाया वार्ड
बांगड़ अस्पताल में वैसे ही वार्डों की कमी है। इधर सीलिंग छत टूटने से अस्पताल के सर्जिकल वार्ड यूनिट सी के महिला वार्ड की सीलिंग छत जगह-जगह कर टूट कर लटक गई। सीलिंग छत में लगी लाइट्स भी लटकने लगी तो अस्पताल प्रबंधन ने यह वार्ड ही खाली करवा दिया जिससे की कोई हादसा न हो। इसी तरह सर्जिकल बी मेल वार्ड की छत भी टूटी पड़ी है। ऐसे में इस वार्ड के भी आधे बेड खाली करवा रखे है। छत की लाइट्स को तारों से बांध रखा है। इसके साथ ही इस वार्ड के ड्यूटी रूम में लगी टाइल्स भी जगह-जगह से उखड़ी हुई है। सखी सेंटर के पास बने कमरों की छत की भी सीलिंग छत भी लटकी हुई है। इससे हादसा होने का डर बना हुआ है।

ठेकेदार को करेंगे पाबंद
टूटी सीलिंग छत व टाइल्स को दुरुस्त करने के लिए ठेकेदार को पाबंद करेंगे। -डॉ. के.सी. अग्रवाल, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज, पाली

प्रिंसिपल को दो-तीन बार लिखित में दे चुका हूं
मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को टूटी सीङ्क्षलग छत व टाइल्स को दुरुस्त करवाने के लिए दो-तीन बार लिखित में दे चुका हूं लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। -डॉ. ए.डी. राव, पीएमओ बांगड़ अस्पताल, पाली

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