कपड़ा नगरी में शिक्षा-चिकित्सा पर राज्य सरकार की मेहर, हर फैकल्टी में बढ़ेगी ब्रांच, विद्यार्थियों को मिलेगी सुविधा

-पाली में अभी 300 बेड का बांगड़ चिकित्सालय
-380 बेड का चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज के चौथे सत्र के लिए जरूरी
-मेडिसिन व सर्जरी आदि फैकल्टी में बढ़ेगी ब्रांच

By: Suresh Hemnani

Published: 25 Feb 2021, 11:21 AM IST

पाली। बजट घोषणा में पाली के मेडिकल कॉलेज के लिए 380 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा की गई है। इसके लिए 145 करोड़ का बजट दिया जाएगा। यह होने पर पाली के मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन व सर्जरी के साथ अन्य फैकल्टी में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए ब्रांच बढ़ जाएगी। उनको अधिक सुविधाएं मिलेगी। इसके साथ ही मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेगी। वैसे भी 380 बेड के चिकित्सालय की एमसीए के नियमानुसार मेडिकल कॉलेज को जरूरत भी थी, जिससे चौथा बैच शुरू होने में परेशानी नहीं हो। अभी बांगड़ मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में 300 बेड है, लेकिन डेमोस्ट्रेशन में 30 बेड जाने पर 270 बेड ही रहते हैं। इस कारण कई बार मरीजों को बेड खाली होने का स्ट्रेचर पर ही इंतजार करना पड़ता है। यह स्थिति ज्यादातर गायनिक विभाग में होती है।

जांचों की मिलेगी सुविधा
मेडिकल कॉलेज में अस्पताल बनने पर जांचों की सुविधा भी होगी। एक्सरे, सोनाग्राफी व सिटी स्कैन आदि की जो सुविधा आज बांगड़ चिकित्सालय में है। वह नए अस्पताल में होगी। वहां इमरजेंसी वार्ड की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल की सुविधा का भी विस्तार होगा। लाइफ सपोर्ट मशीने आने से गंभीर मरीजों का उपचार बेहतर तरीके से हो सकेगा।

अभी आइसीयू के महज आठ बेड
बांगड़ चिकित्सालय के मेडिकल कॉलेज बनने के बावजूद अभी महज आठ बेड ही आइसीयू के है। इस कारण कई बार गंभीर रोगियों को रैफर भी करना पड़ता है। अब बजट घोषणा में 30 नए बेड आने पर अधिक मरीज भर्ती किए जा सकेंगे। हालांकि कोविड के समय कई वार्डों को आइसीयू में तब्दील किया गया था, लेकिन वह सुविधा अन्य वार्डों को बंद कर की गई थी। अब नए वार्ड आने पर उन जगहों पर अन्य वार्ड बनाए जा सकेंगे।

सुविधाओं का होगा विस्तार
नया अस्पताल बनने से मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ मरीजों व जिलेवासियों को लाभ होगा। यहां नई मशीने भी लगेगी। वार्ड नए होंगे और जांचों की सुविधा भी मिलेगी। यह हमारे चौथे सत्र के लिए भी जरूरी है। -डॉ. केसी अग्रवाल, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज पाली

जिले से नहीं जाना होगा बाहर
पाली। पाली में नर्सिंग महाविद्यालय की सौगात बजट में दी गई है। इससे जिले के विद्यार्थियों को अन्य जिलों में जाकर पीजी करने की जरूरत समाप्त हो जाएगी। विद्यार्थियों को अन्य शहरों में जाकर साल के कम से कम 70 से 80 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ते है। पाली में ही नर्सिंग महाविद्यालय होने पर चार साल तक अध्ययन करने पर खर्च होने करीब 2 लाख 80 हजार की राशि बच जाएगी। एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र के प्रधानाचार्य केसी सैनी के अनुसार महाविद्यालय खुलने पर पाली में विद्यार्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।

Suresh Hemnani
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