VIDEO : उगते सूर्य को अर्घ्य देकर की कोरोना मुक्ति की प्रार्थना

- महाछठ पर्व पर किया पूजन
- कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए व्रतियों ने किया पूजन

By: Suresh Hemnani

Published: 21 Nov 2020, 06:46 PM IST

पाली। कोरोना महामारी के कारण महाछठ पूजन पर होने वाले सामूहिक कार्यक्रम लाखोटिया के छठ घाट पर नहीं किया गया। भगवान सूर्य की 36 घंटे तक निराहार रहकर आराधना करने वाले व्रतियों ने लाखोटिया तालाब के छठ घाट के साथ मिल चाली व करणी कॉलोनी प्रताप चौराहा पर बनाए कृत्रिम तालाबों व करणी माता मंदिर लोर्डिया तालाब पर सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए भगवान सूर्य का विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया और अर्घ्य देकर परिवार की खुशहाली के साथ कोरोना को जल्द से जल्द समाप्त करने की प्रार्थना की।

तडक़े चार बजे ही पहुंचे व्रती
कार्तिक मास की सर्दी के बावजूद व्रती सुबह तोऊरा (बांस की बनी टोकरी), जिसमें पूजन सामग्री रखी थी। वह सिर पर रखकर पूजन स्थलों पर पहुृंचे। वहां सुबह चार बजे से पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य नारायण को शीश नवाया। सूर्योदय का समय होने पर परिजनों के साथ नारियल, ठेकुआ, पतासे, केला, सेव, अनार, अनानास, पत्ते वाली मूली, सिंघाड़ा आदि को सूप में रखकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। महिलाओं ने अखण्ड सौभाग्य की कामना से नाक से सिर तक सिंदूृर से व्रती महिलाओं से तिलक लगवाया। भगवान की सात परिक्रमा पानी में खड़े रहकर की। पूजन के बाद व्रतियों ने शिकंजी पीकर व्रत का पारणा किया।

घरों में ही किया पूजन
कोरोना के कारण कई व्रती व उनके परिजन तालाब व अन्य कृत्रिम तालाब बनाए स्थलों पर नहीं गए। उन्होंने घरों में ही बड़े टब या तगारी में जल भरकर उसे गंगा माना। उसमें ही खड़े होकर घर में भगवान सूर्य की आराधना की। इसके बाद अघ्र्य दिया और व्रत का पारणा करने के बाद मित्रों व परिजनों में प्रसाद का वितरण किया।

Suresh Hemnani Desk
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