राजनीतिक रसूख के आगे यहां के सीएमएचओ के खिलाफ जांच दफन!

- चार माह पूर्व कोट बालियान के रिटायर्ड मेलनर्स के घर फर्जी पै्रक्टिस के आरोप में अवैध वसूली का मामला
- पाली जिले के बाली पुलिस ने जांच फाइल साइड में रखी, परिवादी काट रहा चक्कर

By: Suresh Hemnani

Published: 20 Jul 2020, 11:03 AM IST

पाली। जिले के बाली थाना क्षेत्र के कोट बालियान गांव में सीएमएचओ डॉ. आरपी मिर्धा [ CMHO Dr. RP Mirdha ] व चिकित्सा अधिकारियों द्वारा फर्जी चिकित्सक [ Fake doctor ] बताकर सेवानिवृत्त मेलनर्स के घर पर कार्रवाई करने के मामले में पुलिस राजनीतिक रसूख के आगे बैकफुट पर नजर आ रही है। पुलिस [ Pali police ] ने मामला दर्ज होने के चार माह बाद भी फाइल की जांच को पूरा नहीं किया, इसे साइड में रख दिया, इधर, परिवादी मेलनर्स पुलिस कार्यालय के चक्कर निकाल रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।

पाली की सीएमएचओ डॉ. आरपी मिर्धा वर्तमान में बाड़मेर के एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के रिश्तेदार है। सीएमएचओ का यह दूसरा कार्यकाल है, पूर्व में भी विवादों के चलते पाली सीएमएचओ एपीओ हो चुके थे, रसूख के चलते वापस इस पद पर काबिज हो गए। इसके बाद उन्होंने बाली थाना क्षेत्र के कोट बालियान गांव में रिटायर्ड मेलनर्स एमआर चौधरी घर दबिश देकर कार्रवाई की थी। कार्रवाई में सीएमएचओ ने आरोप लगाया था कि रिटायर्ड मेलनर्स अवैध तरीके से चिकित्सा प्रेक्टिस करता था। इस पर रिटायर्ड मेलनर्स चौधरी ने सीएमएचओ मिर्धा, एडिशनल सीएमएचओ हेमंत सिंह सहित अन्य चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ अवैध वसूली के रूप में पचास हजार रुपए वसूलने के आरोप में बाली थाने में अपे्रेल माह में मामला दर्ज कराया था, जबकि इस प्रकरण में एक दिन पूर्व सीएमएचओ ने भी मेलनर्स के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने व फर्जी तरीके से चिकित्सा प्रेक्टिस करने का मामला दर्ज कराया था।

पूर्व मंत्री व विधायक ने की शिकायत
सीएमएचओ मिर्धा की पूर्व केन्द्रीय मंत्री व पाली सांसद पीपी चौधरी ने मुख्यमंत्री व चिकित्सा मंत्री से शिकायत की थी। इससे पहले जैतारण विधायक अविनाश गहलोत ने भी सीएमएचओ की शिकायत की थी, इस पर सीएमएचओ एपीओ भी हुुए थे।

तीन माह में पेश करना होता है चालान
किसी भी मुकदमे का तीन माह में जांच पूरी कर पुलिस को न्यायालय में चालान पेश करना होता है, लेकिन इस मामले में पुलिस चुप हो गई, जांच आगे नहीं बढ़ पाई।

कोरोना काल की वजह से देरी
फाइल रखी हुई है, कोरोना काल में पुलिस व्यस्त होने के कारण जांच नहीं हो पाई। अब पुलिस वापस जांच शुरू करेगी और सम्बंधित के बयान लेगी। - बलभद्र सिंह चारण, थानाधिकारी, बाली, पाली।

Suresh Hemnani
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