कोरोना ने खाली करवा दी रेलगाडिय़ां और बसें

सूर्यनगरी में एसी की 80 सीट रह गई खाली

रेलगाडिय़ों व बसों में कम हुआ यात्री भार

बसों में भी सफर करने वालों की संख्या में भी आई गिरावट

Rajeev Dave

20 Mar 2020, 06:06 PM IST

पाली. विश्व के साथ देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस से रेल यातायात के साथ रोडवेज बसों में भी यात्री भार लगातार गिर रहा है। रेलवे में तो हालात यह है कि पाली होकर गुजरने वाली लम्बी दूरी की रेलगाडिय़ों में अब बर्थ खाली जा रही है। जबकि कुछ समय पहले तक आरक्षण खुलने के चंद घंटों बाद ही प्रतीक्षा सूची शुरू हो जाती थी। ऐसा ही हाल रोडवेज की बसों का है। उनका यात्री भार भी दस प्रतिशत तक गिर गया है।

पाली रेलवे स्टेशन पर कोरोना की दहशत से पहले रोजाना औसत 320 लोग आरक्षण कराने पहुंचते थे। इनमें से आरक्षण निरस्त कराने वालों की संख्या बहुत कम होती थी। जबकि अब स्थिति यह है कि रोजाना औसत 210 आरक्षण पर्ची काउंटर पर देने वाले पहुंच रहे हैं और उनमें से अधिकांश निरस्त कराने वाले हैं। इधर, रोडवेज में भी यात्री भार लगातार कम हो रहा है। एक मार्च से अब तक यात्री भार में करीब 10 प्रतिशत की कमी आ गई है।
प्लेटफार्म पर पसरा रहा सन्नाटा

पाली के रेलवे प्लेटफार्म पर आने वाली रेलगाडिय़ों पर यात्रियों को लेने और छोडऩे पहुंचने वाले उनके परिजनों व मित्रों की संख्या भी गिर गई है। पहले रोजाना प्लेटफार्म के करीब 150 टिकट बिकते थे। जो प्लेटफार्म टिकट बढ़ाने और कोरोना के कारण गुरुवार को 18 पर पहुंच गई।
यात्रियों का टिकट किया अपग्रेड

पाली होकर यशवंतपुर व मुम्बई आदि शहरों में जाने वाली रेलगाडिय़ों में यात्रीभार कम रहने के कारण रेलवे ने 18 मार्च को कई द्वितीय श्रेणी शयनयान का टिकट लेने वाले यात्रियों का टिकट अपग्रेड कर थर्ड एसी में कर दिया। उनको वहां जाकर बैठने का कहने के बावजूद यात्री नहीं गए। उनका कहना था एसी में विदेशी सैलानी हो सकते हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा रहेगा।
कम आ रहे यात्री

पाली में दक्षिण भारत से आने वाली लम्बी दूरी की गाडिय़ों से रोजाना सुबह ही 1000 से अधिक यात्री आते थे। कोरोना की दहशत के कारण गुरुवार को यह संख्या 200 से 250 के आस-पास ही रही। इससे ऑटों चलाने वालों के सामने भी आर्थिक संकट गहरा गया है।

डेढ़ लाख रुपए तक कम हुआ राजस्व
पाली से चलने वाली रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण रोडवेज का राजस्व काफी कम हो गया है। पाली डिपो पर एक मार्च को 8.31 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। जो 18 मार्च को कोरोना के कारण घटकर 6.88 लाख पर पहुंच गया।

अधिकांश टिकट हो रहे निरस्त
कोरोना वारयस के कारण इन दिनों अधिकांश यात्री टिकट निरस्त कराने पहुंच रहे है। पाली प्लेटफार्म का राजस्व जो माह में 1.25 करोड़ तक रहता है। वह 60 प्रतिशत तक गिर गया है।

सुभाष मीणा, वाणिज्य अधीक्षक, रेलवे, पाली
बसों को नहीं किया बंद

यात्री भार में कुछ गिरावट आई है, लेकिन हमारी तरफ से किसी भी बस को बंद नहीं किया गया है। पाली में पहले की तरह ही 63 बसें सेडयूल में चल रही है। कोरोना को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं।
मोहनलाल मीणा, मुख्य प्रबंधक, पाली डिपो

Rajeev Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned