सिलिकोसिस से एक और मरीज की गई जान, यहां अब तक 8 श्रमिकों की हो चुकी है मौत

-परिवार के मुखिया की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हैDeath of a worker due to silicosis :

Suresh Hemnani

December, 1003:52 PM

पाली/रायपुर मारवाड़। Death of a worker due to silicosis : जिले में सिलिकोसिस मरीजो [ Silicosis patient ] की मौत का सिलसिला जारी है। इसी के चलते एक और श्रमिक की मौत हो गई। जिससे इस बीमारी से मरने वाले श्रमिको की संख्या आठ हो चुकी है। इधर, परिवार के मुखिया की मौत से परिजनो का रो-रो कर बुरा हाल है।

झाला की चौकी सरपंच कमला चौहान ने बताया कि जैतपुरा निवासी पप्पूसिंह पुत्र मीठूसिंह सिलिकोसिस से ग्रसित था। सवेरे पप्पूसिंह की मौत हो गई। सरपंच चौहान ने कलक्टर को पत्र भेज मृतक आश्रितों को सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि दिलाने की मांग की है।

बीमारी का नहीं इलाज, बचाव ही उपचार

कच्चे पत्थरों की खदानों में काम करने वाले श्रमिक सिलिकोसिस बीमारी के शिकार बन रहे हैं। इसके पीछे वजह है कि खदान मालिक श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं। इससे मिट्टी के कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करने से सिलिकोसिस की चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी का कोई उपचार नहीं है। इससे सरकार मृतक आश्रितों को मुआवजा ही देती आ रही है।

निरंतर बढ रही संख्या

सिलिकोसिस मरीजों की संख्या मेें निरंतर बढोतरी हो रही है। इसे लेकर न तो खनिज विभाग गंभीर है न ही प्रशासन कोई रूचि ले रहा है। जिससे पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

अब तक आठ की मौत

सिलिकोसिस से ग्रसित श्रमिकों में से क्षेत्र में अब तक आठ श्रमिकों की मौत हो चुकी है। ये लाइलाज बीमारी है। बचाव ही इसका उपचार है। श्रमिकों को खदान पर सुरक्षा उपकरण का उपयोग करना चाहिए। -डॉ. सुरेश यादव, बीसीएमओ, रायपुर

Suresh Hemnani
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned