पेयजल संकट : यहां तो प्यास बुझाना भी मुश्किल

-जवाई जल परियोजना का अभी तक नहीं आया नीर

By: Suresh Hemnani

Updated: 22 Jun 2020, 04:05 PM IST

पाली/जैतारण। Drinking water crisis : जिले के जैतारण क्षेत्र के ग्राम घोड़ावड़ में पीने के पानी के अभाव में लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। यहां पर विभाग की ओर से जलापूर्ति शुन्य है। गांव मे चार जीएलआर बने हुए है, लेकिन पिछले करीब 15 वर्षों से सूखे पड़े है। जलदाय विभाग ने एक ट्युबवेल व ओपनवेल भी खुदवाया, लेकिन उसमें भी पानी नहीं है। ओपनवेल में मात्र 15 मिनट में पानी खत्म हो जाता है।

घोड़ावड निवासी व वार्ड पंच बच्चनसिह ने बताया कि गांव में जनता जल योजना के तहत स्थानीय स्तर पर पेयजल संधारण किया जा रहा था। पानी के अभाव होने से सभी जीएलआर सूखे पड़े हैं। लोगों को महंगी कीमत चुकाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। हालाकि जलदाय विभाग ने ग्राम घोड़ावड़ को पानी उपलब्ध करवाने के लिए ग्राम में ट्युबवेल खोदा गया था, लेकिन उसमें पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण तालाब एक ओपनवेल खोदा जा रहा है। जिसमें इतना खारा पानी है कि पीने योग्य नही है। वह भी बहुत कम निकला। जिससे ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझानी मुश्किल हो गई है।

नहीं पहुंचा जवाई परियोजना का पानी
गांव घोडावड में वर्षों से पानी की शुन्य आपूर्ति होने के बावजूद भी जवाई परियोजना के अधिकारियों ने रहमत नहीं दिखाया। हालांकी गांव में जवाई परियोजना के अधिकारियों ने पाईप लाईन बिछा दी, लेकिन उसमें अभी तक पानी नहीं आया।

बंद हो गया सरकारी आरओ प्लांट
गांव घोड़ावड़ का ओपनवेल मात्र 15 मिनट चलता है। एक ट्युबवेल भी है, लेकिन उसमे भी खारा पानी है, पीने योग्य नहीं है। तालाब में सरकार द्वारा आरओ प्लांट लगा हुआ है, लेकिन वह भी लम्बे समय से बंद पड़ा है।

जल्द शुरू करें जवाई परियोजना का पानी
घोडावड़ में पानी की शुन्य आपूर्ति है, लेकिन जवाई परियोजना मे ऐसे गांवों में पानी पहुंचाने के लिए प्राथमिकता रखनी चाहिए। 1985 में बने जीएलआर फूटे हुए हैं। उनमें पानी नहीं ठहर सकता है। विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर दो नए जीएलआर खुदवाने की मांग की है। अथवा इन्हीं जीएलआर की मरम्मत करवावे, ताकि ग्रामीणों को पानी मिल सके। -छगनीदेवी, सरपंच, गाम पंचायत घोड़ावड़

आरओ चालू करवाता हूं
घोड़ावड मे जनता जल योजना चल रही है। वहां पर ग्राम पंचायत चला रही है। वहां का आरओ बंद है, तो चालू करवाता हूं। जवाई परियोजना का पानी कब पहुंचेगा, यह मेरी जानकारी में नहीं है। -राजेश जयसवाल, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, जैतारण।

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